फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारोबारी अपहरण केस: 'जीना चाहता हूं...पानी चाहिए', बुरे वक्त में जिस भाई की मदद की, उसने रची साजिश; पूरी कहानी

Wed, 22 Jan 2025 09:32 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

यूपी के अंडा कारोबारी का अपहरण उसके चचेरे भाई ने ही कराया था। पुलिस द्वारा छुड़ाने के बाद पीड़ित हरीश ने पूरी कहानी बताई। उसने बताया कि अगर पुलिस ने छुड़ाती तो आरोपी उनकी हत्या कर देते।
विज्ञापन
1 of 9
UP businessman Kidnapping case - फोटो : अमर उजाला
सेवानिवृत्त लेखपाल के बेटे अनूप कटियार ने ही बुरे वक्त में मदद करने वाले चचेरे भाई बांदा के अंडा कारोबारी हरीश कटियार के अपहरण की साजिश रची थी। उसने हरीश को बांदा से अगवा कराया और खुद का भी अपहरण होने का ड्रामा किया। भोजीपुरा में हरीश को चार दिन बंधक बनाकर रखा। घटना का खुलासा कर पुलिस ने महिला समेत आठ आरोपियों को जेल भेज दिया। इनमें सोमवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी भी शामिल हैं।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि 16 जनवरी की रात अनूप अपने गिरोह के साथ बांदा पहुंचा। वहां उसने गुर्गों को होटल में ठहराया और खुद हरीश के घर गया। वहां खाना खाकर वह हरीश के पास ही सो गया। रात डेढ़ बजे गिरोह के गुर्गे वहां पहुंचे तो अनूप ने अंदर से दरवाजा खोल दिया। गुर्गों ने हरीश के साथ ही अनूप के ऊपर भी कंबल डाल दिया। दोनों को कार में डालकर बरेली ले आए। 
विज्ञापन

2 of 9
आरोपी अनूप और पीड़ित कारोबारी - फोटो : अमर उजाला
17 जनवरी को मियांपुर गांव में बनाया था बंधक
17 जनवरी से इन लोगों ने भोजीपुरा थाने के मियांपुर गांव में उदित के घर में हरीश को बंधक बनाकर रखा। हरीश को बताया जाता था कि अनूप भी ऐसे ही एक घर में बंद है। अनूप ने गिरोह के सरगना अंकित को अपना पुराना सिम देकर हरीश की पत्नी ज्योति को कॉल कराकर 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। अंकित से ही अपनी पत्नी किरन को कॉल कराकर पांच लाख की फिरौती मांगी। ज्योति ने पहले 17 जनवरी को बांदा थाने में पति की गुमशुदगी दर्ज कराई और फिर शक होने पर 19 जनवरी को अनूप के खिलाफ पति के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। इधर, किरन ने पति अनूप के अपहरण की रिपोर्ट बारादरी थाने में दर्ज कराई थी।
विज्ञापन

3 of 9
पीड़ित कारोबारी - फोटो : अमर उजाला
टोल प्लाजा की फुटेज से पहचान में आई कार सर्विलांस से शक गहराया
एसएसपी ने बताया कि हरीश का मकान मालिक अनूप को जानता था। उसने क्लू दिया कि रात में अनूप ही घर पर रुके थे। उनकी कार भी गायब है। तब बांदा पुलिस के अधिकारियों से बात कर रास्ते के टोल प्लाजा की फुटेज निकलवाई। इनमें एक टोल की फुटेज में अनूप कार चलाता दिख गया। वहीं डेढ़ साल पुराना सिम चालू कर कॉल कराने से भी यह बात साफ हो गई थी कि घटना में अनूप की भूमिका सही नहीं है। 



 

4 of 9
आरोपी अनूप - फोटो : अमर उजाला
19 जनवरी को अनूप और अंकित बहेड़ी के टोल प्लाजा से बचकर उत्तराखंड पहुंचे। वहां से फिरौती की कॉल कर फोन स्विच ऑफ कर दिया, ताकि उनको पकड़ा न जा सके। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने जब हरीश को छुड़ाया तो वह बोले कि मैं जीना चाहता हूं, मुझे पानी चाहिए। फिर वह करीब दो लीटर पानी एक बार में ही पी गए।
 
विज्ञापन

5 of 9
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
हरीश नहीं गया बाहर तो दो बार फेल हुई अपहरण की साजिश
अनूप ने पुलिस को बताया कि एक महीने पहले भी उन लोगों ने हरीश का अपहरण करने की योजना बनाई थी। तब अंकित, शाहिद, खेमेंद्र, आकाश, ललित, रजत व वीरू के साथ वह अपने गांव पांडेयपुर गया। इन लोगों को उसने गांव के बाहर रखा। अनूप ने रात में हरीश से ढाबे पर चलकर खाना खाने के लिए कहा। 
 
विज्ञापन

6 of 9
पीड़ित कारोबारी - फोटो : अमर उजाला
हरीश ने जरूरी काम बताकर मना कर दिया। दूसरे दिन भी योजना सफल न होने पर ये लोग लौट आए। इसके बाद सभी साथी जल्दी ही अपहरण करने का दबाव बना रहे थे। सभी को रुपयों की जरूरत थी। एक बार वह दोबारा गए तो हरीश से चित्रकूट चलने के लिए कहा। तब हरीश ने अंडे की गाड़ी आने की बात कहकर फिर मना कर दिया था।
विज्ञापन

7 of 9
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी के दौरान बंद हुआ प्रॉपर्टी का काम, खर्चे थे बेहिसाब
अनूप ने पुलिस को बताया कि उसके दो भाई इंजीनियरिंग करके अच्छी नौकरी कर रहे हैं। पिता को भी पेंशन मिल रही है। वह प्रॉपर्टी का काम करता था। कोरोना महामारी के दौरान उस पर काफी कर्ज हो गया था। कार और बाहर का खाना, दोस्तों के साथ पार्टी का शौक उसने फिर भी नहीं छोड़ा तो स्थिति खराब हो गई। 
 

8 of 9
बरामद कार और संदूक - फोटो : अमर उजाला
उसने कृष्णानगर के सेवानिवृत्त फौजी देवेंदर सिंह से तीन साल पहले पांच लाख रुपये उधार लेकर फर्रुखाबाद में प्रॉपर्टी में लगाए तो वहां भी घाटा हो गया। फौजी लगातार उससे रुपये मांग रहा था। उसने हरीश से तीन लाख रुपये मांगे थे और 15 दिन बाद देने का वादा भी किया था। अनूप के मुताबिक उसके परिवार ने उसकी मदद बंद कर दी थी। तब उसे उम्मीद थी कि उसे बचाने के लिए पिता, भाई और ससुरालवाले पांच लाख रुपये तो दे ही देंगे। 

 
विज्ञापन

9 of 9
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
बाकी 15 लाख वह गिरोह के बाकी लोगों में बांट देगा। उसके गुर्गों पर पुराना कोई केस नहीं मिला है। उसने जरूरत के हिसाब से उनको अपने साथ जोड़ा था। जैसे कि शाहिद नाम के राज मिस्त्री को गिरोह में केवल इसलिए जोड़ा गया ताकि वह गांव और आसपास में नए बने खाली घर बता सके, जहां अगले कुछ दिनों के लिए हरीश को शिफ्ट किया जा सके।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें