बरेली के सीबीगंज इलाके में रविवार शाम हाईवे पर खड़े टैंकर से तेज रफ्तार कार टकरा गई थी। हादसे में कार सवार तीन लोगों की मौत हुई थी। ये तीनों बदमाश थे। बताया जा रहा है कि तीनों बदमाशों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर गुरुग्राम से ऑटो ड्राइवर और उसके दो बेटों का अपहरण किया था। दोनों बच्चे हादसे के बाद कार में घायल अवस्था में मिले। ऑटो ड्राइवर को पुलिस ने एक घर से बंधनमुक्त करा लिया।
बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में बड़ा बाईपास (लखनऊ-बरेली हाईवे) पर हादसे में पांच लोगों की मौत के मामले में हकीकत सामने आ गई है। बोलेरो में बैठे चारों लोग बदमाश थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई। कार से जो दो बच्चे मिले वह गुरुग्राम में रह रहे ऑटो ड्राइवर मनोज के हैं, जिन्हें बदमाशों ने पिता के साथ अगवा कर लिया था। बच्चों की जान बच गई है। बरेली पुलिस ने मनोज को आरोपी के घर से बंधनमुक्त करा लिया। गुरुग्राम पुलिस बरेली पहुंच गई है। वहां डीएलएफ फेज वन थाने में मनोज व दोनों बेटों की गुमशुदगी दर्ज है। घटना को लेकर अब तक की जांच पर एसपी सिटी ने पत्रकारों को जानकारी दी, खुलासा गुरुग्राम पुलिस ही करेगी।
विज्ञापन
2 of 6
अस्पताल में भर्ती घायल बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
दोनों मासूम बच्चे सगे भाई हैं
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि रविवार शाम सीबीगंज में हुए हादसे में बचाव कार्य के दौरान ही पुलिस को संशय था कि बोलेरो में मारे गए लोग संदिग्ध हैं। चूंकि कार में चार व्यस्क लोग थे जिनमें से तीन की मौत हो चुकी थी और चालक सीट पर मिले चौथे शख्स प्रिंस व दो बच्चे बेहोशी की हालत में थे। कार में कोई महिला नहीं थी तो लगा कि दाल में कुछ काला है। फिर मृतकों की शिनाख्त और उनके बारे में जानकारी करते करते सुबह तक स्थिति साफ हो गई। दोनों बच्चे गुरुग्राम से ही अगवा किए गए थे और आपस में सगे भाई थे।
विज्ञापन
3 of 6
हादसे में मारा गया आरोपी मनमोहन
- फोटो : अमर उजाला
कार चालक को होश आने पर खुला राज
सुबह जब कार चालक प्रिंस को होश आया तो घटनाक्रम स्पष्ट हो गया। इसके साथ ही पुलिस ने फरीदपुर के एक घर में दबिश दी तो वहां बंधक बने मनोज को मुक्त कराया गया। यह घर हादसे में मारे गए मनमोहन के पिता नत्थूलाल का था। नत्थूलाल को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। चालक प्रिंस का भी पुलिस की निगरानी में इलाज चल रहा है। सोमवार सुबह डीएलएफ थाने से विवेचक व मनोज की पत्नी पूजा भी बरेली आ गए। पूजा ने दोनों बेटों को पहचान लिया। दोनों बच्चों की हालत में सुधार है।
4 of 6
इसी कार में बेहोश मिले थे दोनों बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
गुरुग्राम में शनिवार शाम हुई पहली घटना
पुलिस के मुताबिक गुरुग्राम में डीएलएफ फेस वन के एस ब्लॉक निवासी ऑटो ड्राइवर मनोज और उनके दो बच्चे छह साल का मयूर व तीन साल का लक्ष्य शनिवार शाम साढ़े सात बजे से लापता थे। मनोज की पत्नी पूजा ने डीएलएफ फेस वन थाने में रविवार को रिपोर्ट दर्ज कराई कि किसी ने उनके पति व बच्चों को अगवा कर लिया है। बताया कि पति मनोज ऑटो चलाते हैं और शनिवार शाम एक सवारी को छोड़ने पहाड़ी वाले हनुमान मंदिर में गए थे। दोनों बच्चों को भी साथ ले गए थे। पति नहीं आए तो पूजा मंदिर पहुंची। वहां पति का ऑटो खड़ा मिला जिसमें प्रसाद पड़ा था। पति और बच्चे गायब थे।
विज्ञापन
5 of 6
हादसे के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद
बदमाशों ने पुलिस की तरह रौब दिखाया
पूजा ने पुलिस को बताया कि पति को करीब 20 कॉल कीं लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। काफी देर में पति के नंबर से कॉल आई और दूसरी तरफ से पहले पुलिस की तरह कहा गया कि यह गलत साइड गाड़ी चला रहा था, इसलिए इसे बैठा लिया है। फिर कॉल कट कर दी गई। दोबारा कॉल करने पर कहा कि पुलिस को मत बताना वरना सबको मार देंगे, चिंता मत करो चार घंटे में इन्हें छोड़ देंगे। पति व बच्चों से बात करवाई तो वह रोने लगे। इसके बाद कॉल कट कर दी गई।