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स्वामी चिन्मयानंद के इशारे पर डीएम हमसे गुर्राते थे, पीड़िता के पिता ने खोला चौंकाने वाला राज

Tue, 10 Sep 2019 10:32 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
स्वामी चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली छात्रा के पिता ने सोमवार को डीएम पर आरोप लगाया कि उन्होंने स्वामी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर उन्हें धमकाया था। जिलाधिकारी को यहां से हटाया जाना चाहिए।  रविवार को एसआईटी की लंबी पूछताछ के बाद छात्रा और उनके पिता पुलिस और प्रशासन पर हमलावर हो उठे। पिता ने अभी तक दुष्कर्म की रिपोर्ट न लिखे जाने पर कहा कि मामले में पक्षपात किया जा रहा है। कहा कि दिल्ली में बेटी ने जीरो एफआईआर के लिए तहरीर दी। वहां से जब तहरीर की कॉपी यहां भेजी गई तो रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की गई। 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि पूरे मामले में शासन-प्रशासन के दबाव में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को यहां स्वामी के खिलाफ तहरीर दी थी। 27 तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। जिलाधिकारी ने कहा- तुम जानते नहीं कि किसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने जा रहे हो। लेकिन मैं नहीं माना। गुमशुदगी की तहरीर मांगी जा रही थी। मैंने नहीं दी। ऐसे जिलाधिकारी को यहां से हटना चाहिए। दबी जुबान में उन्होंने एसआईटी की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाया। हालांकि न्याय की उम्मीद भी जताई। इधर छात्रा के आरोपों पर जिलाधिकारी ने किसी तरह की प्रतिक्रिया देने ने इनकार कर दिया।

 
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स्वामी चिन्मयानंद - फोटो : अमर उजाला
शाहजहांपुर दुष्कर्म मामले की विवेचना की प्रगति रिपोर्ट तलब
स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली शाहजहांपुर की छात्रा के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसआईटी से विवेचना की प्रगति आख्या तलब की है। कोर्ट ने आदेश की प्रति सीजेएम के माध्यम से पीड़िता के परिवार को भेजने का निर्देश भी दिया है, ताकि वे अदालत में अपनी सुरक्षा व विवेचना की प्रगति के लिए प्रार्थना पत्र दे सकें।

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swami chinmayanand - फोटो : सोशल मीडिया
यह आदेश मामले की मॉनीटरिंग के लिए गठित न्यायमूर्ति मनोज मिश्र एवं न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की खंडपीठ ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने एलएलएम छात्रा के गायब होने पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के लिए एसएईटी गठित करने का निर्देश दिया और हाईकोर्ट से इसकी मॉनीटरिंग के लिए कहा। सर्वोच्च अदालत ने पीड़िता व उसके परिजनों की इन कैमरा प्रोसीडिंग में बयान लिया। 
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फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
पीड़िता ने लॉ कॉलेज व उसके प्रबंधन के विरुद्ध शिकायत की। उसके माता-पिता ने पीड़िता व परिवार की सुरक्षा पर चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की। उसके बाद कोर्ट को बताया गया कि पीड़िता के पिता के 27 अगस्त 2019 के शिकायती पत्र के आधार पर लॉ कॉलेज के प्रबंधन के खिलाफ  एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कॉलेज में पीड़िता का भाई भी पढ़ रहा है। कोर्ट के आदेश पर पीड़िता को आल इंडिया वूमेन कॉन्फ्रेंस बापनूघर में रखे जाने निर्देश दिया है।
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