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Bareilly Murder Case: धोखे में मारा गया शिवचंद्र, दूसरे साधु ने बताई चौंकाने वाली बात, हालात कर रहे ये इशारा

Fri, 10 Jan 2025 11:30 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

Bareilly News: गांव पचौमी स्थित काली मंदिर परिसर में दो साधुओं के बीच तनातनी चल रही है। यहां के एक साधु पर कई बार हमले भी हुए। पुलिस की जांच में पता चला है कि साधु शिवचंद्र पहली बार इस मंदिर में सोने गए थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि धोखे में उनकी हत्या की गई है।  
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साधु हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
बरेली के फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव पचौमी स्थित काली मंदिर परिसर में बाहर से आए साधु की डंडे और ईंट से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार सुबह मंदिर परिसर में उनका लहूलुहान शव मिला। सूत्रों के मुताबिक, काली मंदिर पर कब्जे को लेकर दो साधुओं में पहले से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में बाहर से आए तीसरे साधु की हत्या कर दी गई। 

काली मंदिर पर गांव रमपुरिया निवासी नागा साधु अमित गिरि रहते हैं। मंदिर परिसर में ही बने दूसरे कमरे में एक और साधु रहते हैं। अमित गिरि के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले किसी अन्य स्थान से साधु शिवचंद्र गिरि (45) पंचेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे और वहीं परिसर में रहने लगे। अमित गिरि के मुताबिक, बुधवार शाम शिवचंद्र गिरि ने शराब पी ली थी तो पंचेश्वरनाथ मंदिर के महंत ने उन्हें परिसर से बाहर जाने के लिए कह दिया। रात में शिवचंद्र काली मंदिर परिसर में सोने चले आए। वहां किसी ने उनकी हत्या कर दी। 
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
काली मंदिर परिसर में दो साधुओं के बीच तनातनी चल रही है। यहां के एक साधु पर कई बार हमले कराए गए, पर वह किस्मत से बचते रहे। उन्होंने एसएसपी को ये बातें बताईं। अब इसी वजह से शिवचंद्र की हत्या होने की आशंका है। मंदिर में दो कमरे बने हैं। दोनों में अलग-अलग दो साधु रहते हैं। 
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साधु हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पहली बार मंदिर में सोए थे शिवचंद्र 
एक कमरे में रहने वाले अमित गिरि ने बताया कि मंदिर पर पूर्ण अधिकार जमाने के लिए दूसरा साधु उनको रास्ते से हटाना चाहता था। इसके लिए उसने कई बार रात में हमले करवाए, पर वह बचते गए। बुधवार शाम अमित गिरि पंचेश्वरनाथ मंदिर पर सोने चले गए। वहीं, पहली बार काली मंदिर पहुंचे साधु शिवचंद्र गिरि उनकी जगह सो गए। आशंका जताई जा रही है कि शायद इसी धोखे में शिवचंद्र गिरि की हत्या कर दी गई। 

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एसएसपी ने किया घटनास्थल पर मुआयना - फोटो : अमर उजाला
दूसरा साधु कई दिनों से नहीं पहुंचा मंदिर 
अमित गिरि ने एसएसपी को बताया कि शिवचंद्र गिरि को इलाके में कोई नहीं जानता था। वह दस दिन पहले ही पचौमी गांव पहुंचे थे। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई तीन ईंटें व डंडे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि काली मंदिर पर रहने वाला दूसरा साधु कई दिनों से मंदिर पर नहीं पहुंचा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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घटनास्थल पर जांच करते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
बिखरा पड़ा था सामान, मोबाइल भी ले गए
साधु की हत्या के बाद पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो देखा कि उनके थैले में रखीं डायरियां व कुछ अन्य कागज, उनके पासपोर्ट साइज फोटो, चिमटा और दस रुपये का नोट सहित सारा सामान बिखरा पड़ा था। शव से काफी दूर कवर पड़ा था, लेकिन मोबाइल फोन गायब था। पुलिस टीम ने कई चीजें कब्जे में ले लीं।
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एसएसपी अनुराग आर्य - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि साधु की हत्या के मामले में चोरी व लूट आदि की स्थिति नहीं मिली है। हत्या किसी कहासुनी या रंजिश की वजह से हुई लग रही है। ये भी संभव है कि किसी और से रंजिश निकालने आए लोगों ने धोखे से इस साधु की हत्या कर दी हो। दो टीम लगाई गई हैं। जल्दी ही खुलासा कर दिया जाएगा। 
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घटनास्थल पर जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
18 साल पहले हुई थी तीन साधुओं की हत्या
पचौमी के ग्रामीणों के अनुसार गांव का मंदिर पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व का है। पांडवों के बनाए गए पंचेश्वरनाथ मंदिर पर अब से 18 वर्ष पहले कई साधु-संत रहते थे। उस दौरान मंदिर पर डकैती पड़ी थी, जिसमें तीन साधुओं की हत्या कर दी गई थी। तब खौफ में कई साधु यहां से चले गए थे।  
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