जगमग रोशनी, चारों ओर भक्तिमय संगीत के साथ जोश, उल्लास और उत्साह। बरेली में यह नजारा रहा श्रीराम की बरात का। दशरथ नंदन के स्वरूप जैसे ही रथ पर सवार हुए, तो वातावरण श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। प्रभु के साथ भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न भी थे। प्रभु की एक झलक पाने के लिए नगरवासी आतुर नजर आए।
धूमधाम से निकाली गई रामबरात
- फोटो : अमर उजाला
चौधरी मोहल्ला में चल रही रामलीला में सोमवार को 458वीं रामबरात निकाली गई। शहर के इस दौरान पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूब गया। रामबरात निकलने से पहले भगवान श्रीराम की विधि-विधान के साथ महापौर उमेश गौतम ने आरती उतार कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों को रथ पर सवार किया गया।
सबसे आगे बैंडबाजे के साथ भगवान गणेश की झांकी चल रही थी। इसके पीछे राजगद्दी, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, राजा दशरथ, हनुमान, विश्वामित्र आदि की झांकियां शामिल रहीं। भक्तों के लिए जगह-जगह प्रसाद वितरण और जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। शाम को शुरू हुई यह बरात देर रात तक शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी।
धूमधाम से निकाली गई रामबरात
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इन क्षेत्रों से गुजरी बरात
शोभायात्रा की शुरुआत बाबा ब्रह्मदेव मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, बजरिया, चाहबाई, काली मंदिर, कोहाडापीर चौकी, कुतुबखाना चौराहा, नीम की चढ़ाई, साहूकारा, किला बाजार होते हुए अलखनाथ मंदिर के सामने से निकलकर मुरावपुरा पहुंची और फिर रानी साहब फाटक से होते हुए चौधरी मोहल्ला स्थित रामलीला मैदान पहुंची। पंडाल में पहुंचने के बाद राम-सीता के विवाह का मंचन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की विधि संपन्न हुई।
माता सीता ने राम के गले में वरमाला पहनाई और पूरा पंडाल जय सिया राम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान भरत–मांडवी, लक्ष्मण–उर्मिला और शत्रुघ्न–श्रुतकीर्ति का विवाह भी मंचित किया गया। मंगलगीतों और शहनाई की गूंज से पूरा वातावरण भावविभोर हो उठा। इस दौरान धीरेंद्र शुक्ला, बृजेश प्रताप सिंह, आदित्य शुक्ला, शशिकांत गौतम, विनोद राजपूत, यश चौधरी, आकाश गंगवार आदि मौजूद रहे।