बरेली में दो दिवसीय उर्स-ए-ताजुश्शरिया सोमवार को मुकम्मल हो गया। उर्स में देश-विदेश के तमाम उलमा शामिल हुए। आखिरी दिन जलसे के दौरान दरगाह ताजुशारिया के सज्जादानशीन व काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी ने वक्फ संशोधन कानून का मुद्दा उठाया।
सुन्नी-बरेलवी मुसलमानों के मजहबी रहनुमा ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां का दो दिवसीय उर्स-ए-ताजुश्शरिया कुल की रस्म के साथ सोमवार को मुकम्मल हो गया। इस दौरान मथुरापुर स्थित जामियतुर्रजा में जलसे के दौरान मुस्लिम मुद्दों पर विमर्श हुआ। दरगाह ताजुशारिया के सज्जादानशीन व काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी ने वक्फ संशोधन कानून का मुद्दा उठाया। कहा कि शरीयत में हुकूमत की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में बार-बार गुस्ताखी की जाती है। ऐसे लोगों के खिलाफ हुकूमत सख्त कार्रवाई करे। बच्चियों को दीनी तालीम दिलाएं और उन्हें मोबाइल फोन से दूर रखें। कालपी शरीफ के सज्जादाशीन सैयद गयास मियां, मुफ्ती शहजाद आलम मिस्बाही, मुफ्ती अफजल रजवी, बगदाद शरीफ के शेख उमर अल बगदादी आदि ने भी तकरीर की।
कुल की फातेहा फैजू नबी ने की और काजी-ए-हिंदुस्तान ने फलस्तीन के मुसलमानों की हिफाजत के लिए दुआ की। जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां व राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की निगरानी की कुल की रस्म अदा की गई। मौलाना गुलजार रजवी ने कार्यक्रम की निजामत की।
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उर्स में उमड़े जायरीन
- फोटो : अमर उजाला
अदा की गई जिलानी मियां के कुल की रस्म
सुबह 7:10 बजे मुफस्सिर-ए-आजम जिलानी मियां के कुल की रस्म अदा की गई। जायरीन के लिए लंगर व ठहरने का इंतजाम किया गया। उर्स की व्यवस्था में समरान खान, मोईन खान, हाफिज इकराम रजा, शमीम अहमद, कौसर अली, यासीन खान का योगदान रहा।
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उर्स में उमड़े जायरीन
- फोटो : अमर उजाला
काशान-ए-नूरी व ग्रांड मुफ्ती हाउस में भी अदा की गई कुल की रस्म
सुन्नी सूफी मुसलमानों के धर्मगुरु हजरत ताजुश्शरिया के सातवें उर्स पर काशान-ए-नूरी और ग्रांड मुफ्ती हाउस में भी शान व शौकत के साथ कुल की रस्म अदा की गई। आला हजरत ट्रस्ट के अध्यक्ष मौलाना मोहतशिम रजा खां कादरी ने कहा कि हजरत ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां अजहरी मियां सुन्नी बरेलवी मुसलमानों के सबसे बड़े धार्मिक व रुहानी गुरु थे, उनके नक्शे कदम पर हमें चलने की जरूरत है।
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Urs-e-Tajushsharia
- फोटो : अमर उजाला
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि हजरत ताजुश्शरिया ने अपने मुरीदीन को और आम मुसलमानों को बुराइयों से दूर रहने और नेकी के रास्ते पर चलने की हिदायत दी। अंत में आतंकवाद के खात्मे और भारत की एकता-अखंडता के लिए दुआ की गई। इस दौरान मौलाना मुजाहिद हुसैन, कारी मुस्तकीम, मौलाना गुलाम मोहिउद्दीन हशमती, मौलाना शहामत रजा खां आदि उपस्थित रहे।
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दरगाह आला हजरत
- फोटो : अमर उजाला
पर्दा इस्लाम का अहम हिस्सा : अहसन मियां
दरगाह आला हजरत पर ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती अख्तर रजा कादरी का उर्स मनाया गया। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि पर्दा इस्लाम का अहम हिस्सा है। बहन-बेटियों को इसकी ताकीद करें। शरीयत की नजर में जायज तरीके से उन्हें अच्छी तालीम दें। बच्चे-बच्चियों का खास ख्याल रखें। दहेज जैसी सामाजिक बुराई का बहिष्कार करें।
जामियतुर्रजा परिसर स्थित मस्जिद पर की गई सजावट
- फोटो : अमर उजाला
मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी, मुफ्ती अय्यूब खान नूरी, मौलाना बशीर उल कादही, मुफ्ती मुजीब रजवी, मुफ्ती सद्दाम हुसैन मंजरी आदि ने भी खिताब किया। शाम सात बजे कुल की फातेहा पढ़ी गई। इसके बाद अहसन मियां ने खुसूसी दुआ की। उर्स की व्यवस्था शाहिद नूरी, नासिर कुरैशी, हाजी जावेद खान, औरंगजेब नूरी, मंजूर रजा आदि ने संभाली।