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तराई में करिए जंगल की सैर: आज से खुल रहे दुधवा के द्वार... पीटीआर भी तैयार, सैलानियों का मनमोह लेगा चूका बीच

Wed, 06 Nov 2024 06:14 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत / दुधवा

सार

Tourism in UP: चूका बीच व बाघों के कारण पहचान बनाने वाले पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बुधवार से पर्यटन सत्र शुरू हो रहा है। इसी के साथ दुधवा के द्वार भी खुल जाएंगे। पर्यटन सत्र को लेकर दोनों जगह तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जानिए पीटीआर और दुधवा में क्या है खास... 
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चूका बीच - फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) और दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन सत्र इस बार छह नवंबर से शुरू हो रहा है। बुधवार से देश-विदेश के सैलानियों के लिए दुधवा के द्वार खुल जाएंगे। पीटीआर भी स्वागत के लिए तैयार है। यहां चूका बीच की खूबसूरती, थारू हट और जंगल में विचरण करते बाघ और तेंदुए सैलानियों को आकर्षित करेंगे।  पीटीआर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जंगल सफारी वाहन भी तैयार हैं। सुबह और शाम की शिफ्ट में सैलानी जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। बता दें कि पिछली बार तक 15 नवंबर से पर्यटन सत्र शुरू होता था। लेकिन इस बार पर्यटन सत्र नौ दिन पहले यानि छह नवंबर से शुरू करने का निर्णय किया गया। इसके बाद पर्यटन स्थल से जुड़े स्थानों और जंगल सफारी के मार्गों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया गया था। 
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व - फोटो : संवाद
यहां बना बुकिंग काउंटर 
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इस बार मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस क्षेत्र में बना बुकिंग काउंटर और कैंटीन सैलानियों को आकर्षित करेंगी। इसके अलावा जंगल सफारी के दौरान चूका बीच की खूबसूरती के अलावा सायफन का नजारा व बाघ समेत वन्यजीवों के दीदार सैलानियों को अधिक पसंद आएंगे। 
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चूका बीच में बनी हट ।
सैलानियों के ठहरने के चूका बीच पर बनीं हटों के अलावा सप्त सरोवर की हटें भी हैं। जहां बुकिंग के बाद सैलानी रुक सकेंगे। इसके अलावा जंगल से सटे इलाके में स्थित होम स्टे भी सैलानियों की आमद के लिए तैयार किए गए हैं। 

पीलीभीत टाइगर रिजर्व से संबंधित वीडियो... 


 

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जंगल सफारी करते सैलानी (फाइल) - फोटो : पीटीआर
दो शिफ्टों में ले सकेंगे सफारी वाहन से आनंद
वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों के आनंद को ध्यान में रखते हुए जंगल सफारी का समय तय किया गया है। इसमें सुबह और शाम की दो शिफ्ट निर्धारित की गईं हैं। सर्दी में पहली शिफ्ट सुबह साढ़े छह से दस बजे और दूसरी शिफ्ट का समय दिन में दो बजे से 5:50 बजे तक है। गर्मी के दिनों में सुबह छह बजे से साढ़े नौ बजे तक और शाम को तीन बजे से सूर्यास्त तक रहेगा।
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चूका बीच पर बनी वाटर हट - फोटो : अमर उजाला
यह रहेगा हटों का किराया
थारू हट का किराया एक भारतीय सैलानी के लिए एक रात का 5000, दो के लिए 5500 और तीन के लिए 6500 रुपये है। इसी प्रकार एक विदेशी मेहमान के लिए यही किराया 14000, दो के लिए 16000 और तीन के लिए 18000 रुपये तय किया गया है। ट्री हट के लिए एक भारतीय सैलानी के लिए 8000, दो के लिए 9000 और तीन के लिए 10000 निर्धारित किया है। इसी तरह से एक विदेशी सैलानी के लिए क्रमश: 18000, 20000 और 22000 रुपये है।
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दुधवा नेशनल पार्क का स्वागत द्वार।
दुधवा में नए नियमों के साथ नए रास्तों पर घूमेंगे सैलानी
दुधवा में सैलानियों को पार्क प्रशासन नए नियमों के साथ नए रास्तों पर भी भ्रमण कराने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि किशनपुर क्षेत्र में प्रशासन कुछ नए रास्तों पर सैलानियों को भ्रमण करा सकता है। इससे पूर्व दुधवा को सजाने व संवारने का काम युद्धस्तर पर जारी रहा। वीआईपी गेस्ट हाउस को भी रंगरोगन कर तैयार कर दिया गया है, जबकि कैंटीन में भी विभिन्न चीजों का कार्य लगभग पूरा हो गया है। 
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दुधवा में सैलानियों की जिप्सी के आगे बैठे बाघ। (फाइल) - फोटो : संवाद
जंगल सफारी से पहले तीन जगहों पर होगी जांच
दुधवा में पिछले पर्यटन सत्र में सैलानियों को पार्क के जंगल गेट से इंट्री दे दी जाती थी, लेकिन इस बार तीन जगहों पर चेकिंग और जांच के निर्देश जारी हुए हैं। ऐसे में पहली चेकिंग स्वागत कक्ष के मुख्य गेट पर होगी। उसके बाद पर्यटन परिसर में भी चेकिंग होगी कि प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग तो कोई सैलानी नहीं कर रहा है। अंतिम चेकिंग जंगल जाने के मुख्य द्वार पर जिप्सियों में की जाएगी।
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जंगल सफारी के वाहन - फोटो : अमर उजाला
थारू महिलाओं के बनाए उत्पाद भी लुभाएंगे
दुधवा में हर साल थारू महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प कला के जरिए बनाए गए उत्पादों का स्टॉल भी लगाया जाता है। इस पर्यटन सत्र में भी स्टॉल लगाने की तैयारियां हो रही हैं। ऐसे में थारू महिलाओं के उत्पाद भी सैलानियों की पसंद बनने वाले हैं। थारू महिलाओं द्वारा हस्तशिल्प कला के जरिए दरी, डलिया, टोपी, पर्स, गमले समेत अन्य चीजें बनाकर उनको पर्यटन परिसर में स्टॉल लगाकर सजाया जाता है, जो काफी आकर्षण का केंद्र रहते हैं।

दुधवा से संबंधित वीडियो 
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