पीलीभीत के पूरनपुर के होटल में रसोई न होने से आतंकवादियों ने होटल में ठहरने के दौरान खाना कहां खाया और नाश्ता कहां किया। आतंकियों को खाना और नाश्ता किसी मददगार ने कराया या फिर किसी ढाबे पर किया। पुलिस इन बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के तीनों आतंकियों के पूरनपुर में पीलीभीत- असम मार्ग स्थित होटल हरजी में नाम-पता बदलकर ठहरने की पुष्टि हुई है। जांच के दौरान मिली सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ है कि तीनों 21 दिसंबर को रात 9:40 बजे (25 घंटे 40 मिनट) तक होटल में ठहरे थे। इसमें दो अन्य संदिग्ध भी नजर आए हैं। इनमें से एक ने तीनों आतंकियों के फर्जी आधार कार्ड होटल मैनेजर को व्हाट्सएप किए थे।
पुलिस ने डीवीआर कब्जे में लेकर होटल मैनेजर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। साथ ही होटल से आतंकियों के निकलने के बाद लापता दोनों संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है। तीनों आतंकियों के आधार कार्ड बलिया जिले की आदर्शनगर कॉलोनी के पते पर बनवाए गए थे।
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Terrorist Encounter Pilibhit
- फोटो : अमर उजाला
23 दिसंबर को हुई मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस ने खालिस्तान समर्थक संगठन केजेडएफ से जुड़े आतंकियों पंजाब के गुरदासपुर के कलानौर थाने के शबूर खुर्द निवासी प्रताप सिंह उर्फ जसनप्रीत सिंह, अगवान निवासी वरिंदर सिंह उर्फ रवि और बाडियार मोहल्ला निवासी गुरविंदर सिंह को मार गिराया था। इसके बाद से ही पुलिस और जांच एजेंसियां आतंकियों के स्थानीय मददगारों और ठिकानों की तलाश में जुटी हैं।
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होटल हरजी में जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को एसपी की अगुवाई में छानबीन के दौरान पता चला कि तीनों आतंकी 20 दिसंबर की शाम करीब आठ बजे होटल हरजी में आकर ठहरे। अगले दिन यानी 21 दिसंबर की रात 9:40 बजे होटल से चेक आउट किया था।
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होटल में जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
संदिग्ध ने व्हाट्सएप किए थे आधार कार्ड
एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि होटल हरजी के मैनेजर रवि को तीनों आतंकियों के आधार कार्ड उनके साथ आए संदिग्ध ने व्हाट्सएप किए थे। ऑनलाइन जांच में तीनों फर्जी पाए गए। आधार पर आतंकी वरिंदर को कुलदीप सिंह पुत्र बलजीत सिंह, प्रताप सिंह को हीरा सिंह पुत्र दलजीत सिंह और गुरविंदर सिंह को मंजीत सिंह पुत्र सुरजीत सिंह दर्शाया गया था। इसमें तीनों का निवास स्थान बलिया जिले की आदर्शनगर कॉलोनी लिखा गया था।
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सीसीटीवी में कैद आतंकी और अन्य
- फोटो : अमर उजाला
होटल साथ आए थे दो युवक... हो रही तलाश
आतंकी पूरनपुर के होटल में दो अन्य युवकों के सहयोग से ठहरने पहुंचे थे। इनमें से एक युवक ने रुपये कम करने के लिए व्हाट्सएप कॉल पर किसी तीसरे व्यक्ति से होटल के मैनेजर की बात भी कराई थी। आखिर वे दोनों युवक कौन हैं, इनका आतंकियों से क्या कनेक्शन है? इन सवालों के जवाब जानने को पुलिस के अलावा एनआईए और एटीएस की टीमें जुटी हैं। पूरनपुर क्षेत्र में अपराधियों के साथ ही आतंकियों की पनाहगाह बनता जा रहा है। सोमवार को आतंकियों के मारे जाने के बाद से ही उनके स्थानीय कनेक्शन तलाशने में पुलिस और खुफिया एजेंसियां जुटी थीं।
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होटल मे जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को होटल हर जी में तलाशी अभियान में कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे। वीडियो फुटेज मिले। इसमें तीन आतंकियों के साथ एक अन्य युवक पैदल होटल की ओर आता दिखाई दिया। वहीं एक अन्य बाइक सवार युवक पहले से ही उनका इंतजार करता दिखा। इसके बाद सभी ने होटल में प्रवेश किया। दो अन्य युवकों में से एक ने रुपये कम करने के लिए होटल के मैनेजर से किसी तीसरे से वाट्सएप काल के जरिये बात भी कराई थी। इसके बाद तीनों आतंकियों को ठहराने के बाद दोनों अन्य युवक होटल से चले गए।
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होटल के बाहर तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
फुटेज और यह घटनाक्रम आतंकियों के स्थानीय तार मजबूत होने की गवाही दे रहा है। आखिर ये युवक कौन हैं, इनका आतंकियों से क्या संबंध है? वीडियो फुटेज मिलने के बाद पुलिस अब दोनों युवकों के साथ फोन पर बात करने वाले की तलाश में जुट गई है। एनआईए और एटीएस की टीम भी पूरनपुर से लेकर लखीमपुर तक इनपुट तलाश रही हैं। एसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से पड़ताल जारी है। कई टीमें इस पर काम कर रही हैं।
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होटल के बाहर मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
होटल में किचन नहीं... आतंकियों ने कहां खाया खाना
होटल में रसोई न होने से आतंकवादियों ने होटल में ठहरने के दौरान खाना कहां खाया और नाश्ता कहां किया। आतंकियों को खाना और नाश्ता किसी मददगार ने कराया या फिर किसी ढाबे पर किया। पुलिस इन बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। असम हाईवे पर स्थित होटल करीब दो साल पहले खोला गया है।
होटल में 14 कमरे हैं, मगर होटल में किचन न होने से होटल में ठहरने वालों को खाना और नाश्ता की सुविधा होटल में नहीं मिलती। होटल में ठहरने वाले समीप के होटल या ढाबों पर खाना खाते और नाश्ता करते हैं या फिर होटल मैनेजर समीप के होटलों से खाना मंगवाकर देता है। होटल में किचन न होने से 13 घंटे 40 मिनट रुकने वाले आतंकवादियों ने खाना कहां खाया, नाश्ता कहां किया या फिर आतंकी खाना और नाश्ता साथ लाए थे... आदि जांच का विषय बन गया है।