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दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाया: बेपरवाह तंत्र...तीन दिन तक अस्पताल में तड़पती रही किशोरी, पूछने तक नहीं आया कोई

Tue, 20 Sep 2022 11:23 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
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Pilibhit case - फोटो : अमर उजाला
दुष्कर्म के बाद जलाई गई युवती तीन दिन तक अस्पताल में तड़पती रही। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पीड़िता तक नहीं पहुंचे। सात सितंबर को घटना के बाद मामला सभी के संज्ञान में था। प्रशासन तब जागा, तब 10 सितंबर को किशोरी ने बयान दिया कि दुष्कर्म के बाद उसे जलाया गया है। घटना वाले दिन ही परिजन झुलसी किशोरी को पहले पूरनपुर सीएचसी ले गए। हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में आने के बाद डॉक्टरों ने मेमो कोतवाली पुलिस को भेजा। इंस्पेक्टर कोतवाली नरेश त्यागी ने बताया कि 6.15 बजे उनके पास मेमो आया।  उन्होंने दस मिनट के अंदर इसे 6.25 बजे तहसीलदार के यहां रिसीव करा दिया। तहसीलदार को खुद या फिर किसी अधिकारी को भेजकर तत्काल किशोरी के बयान दर्ज कराने थे। लेकिन लापरवाही के चलते तीन दिन तक किसी ने सुध नहीं ली।
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Pilibhit case - फोटो : अमर उजाला
ऐसे में यदि किशोरी को कुछ हो जाता तो घटना उजागर ही नहीं हो पाती। चौथे दिन 10 सितंबर को जब किशोरी को होश आया और उसने दुष्कर्म की बात बताई, तब पुलिस-प्रशासन में खलबली मची। आनन-फानन एसडीएम ने आकर बयान दर्ज किए। फिर रिपोर्ट दर्ज हुई। 
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Pilibhit case - फोटो : अमर उजाला
तहसीलदार सदर राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि मेमो उनके पास नहीं आया। आठ और नौ सितंबर को वह लखनऊ गए थे। सवाल यह है कि तहसीलदार के यहां मेमो भेजे जाने के बाद भी अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि आखिर मेमो गया कहां।

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Pilibhit case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस करती रही शिकायत का इंतजार
झुलसी किशोरी करीब 45 मिनट तक पूरनपुर सीएचसी में रही। इसकी सूचना माधोटांडा पुलिस को लग गई थी। चूंकि किशोरी जिला अस्पताल रेफर की गई थी और उसके बयान नहीं हो पाए थे, इसलिए पुलिस ने भी ज्यादा तवज्जो नहीं दी। पुलिस नियम-कानून में ही उलझी रही। 
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गांव में पहुंचे अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
अगर कोई दरोगा या सिपाही किशोरी के घर जाकर यह पता लगाने का प्रयास करता कि आग कैसे लगी है तो सच्चाई पहले दिन ही सामने आ जाती। लेकिन पुलिस इसी चक्कर में उलझी रही कि बयान नहीं हुए हैं और उसके पास कोई शिकायत करने भी नहीं आया है। गांव में लड़की दिन में जला दी जाती है और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इससे साफ है कि पुलिस का नेटवर्क कितना पुख्ता है। 
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एसपी दिनेश कुमार पी। - फोटो : अमर उजाला।
हत्या में तरमीम होगा मुकदमा
एसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा। मुकदमा हत्या की धारा में तरमीम होगा। साथ ही जल्द मुकदमे को ट्रायल पर लाकर आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी। गांव में रोजाना पुलिस गस्त करेगी। पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है। एसपी ने बताया कि पुलिस की तरफ से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद की गई है। एसओ स्तर के दरोगा को लखनऊ में ही कैंप कराया गया।
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गांव में तैनात पुलिस - फोटो : अमर उजाला
10 सितंबर को पुलिस की तरफ से सूचना मिली थी। इसके बाद अस्पताल जाकर किशोरी के बयान दर्ज किए थे। मेमो कहां गया इस संबंध में जानकारी करेंगे। - योगेश गौड़, एसडीएम सदर
 
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