बरेली के आंवला स्थित मनौना धाम परिसर से अगवा मासूम बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने बच्चे को अगवा करने वाले दो आरोपियों को मुठभेड़ में पकड़ा है। इनमें एक आरोपी नर्सिंग का छात्र है, दूसरा वेल्डर है। पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
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मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
बरेली मंडल के दो जिलों से जुड़े लोग लखीमपुर खीरी निवासी सरगना के साथ बच्चा चोरी करने का गिरोह चला रहे थे। आंवला के मनौना धाम से मासूम बच्चे को अगवा करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया तो इसका खुलासा हुआ। इन आरोपियों ने 24 मई की दोपहर बच्चे का अपहरण किया। मासूम को बेचने के लिए 60 हजार रुपये में सौदा किया गया था। पुलिस के मुताबिक ये आरोपी बच्चा चोरी कर निःसंतान दंपतियों को बेचने का गिरोह चला रहे थे। इस गिरोह में नर्सिंग छात्र के साथ ही अपराधी छवि का वेल्डर भी शामिल था। गिरोह के सरगना की तलाश में एक टीम लखीमपुर खीरी रवाना कर दी गई है।
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एंबुलेंस में घायल आरोपी
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
मेडिकल कॉलेज में हुई थी सरगना से मुलाकात
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि मंगलवार रात हुई मुठभेड़ में गिरफ्तार योगेश कन्नौजिया शाहजहांपुर के एक मेडिकल कॉलेज में एमएससी नर्सिंग का छात्र है। लखीमपुर खीरी निवासी सरगना ने इसी मेडिकल कॉलेज में पहले पथरी का ऑपरेशन कराया तो योगेश से उसकी दोस्ती हो गई थी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी वेल्डर
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
बदायूं का रहने वाला है आरोपी वेल्डर
योगेश की जान पहचान जलालाबाद में वेल्डर के तौर पर काम करने वाले पवन सिंह से थी। पवन बदायूं जिले के ककराला कस्बे का निवासी बताया जा रहा है। उसकी पत्नी पश्चिम बंगाल से है। वह पहले तेलंगाना में भी काफी समय काम कर चुका है।
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पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों से की पूछताछ।
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे रची साजिश
पूछताछ में योगेश ने बताया कि खीरी निवासी सरगना ने उससे कहा था कि मेडिकल कॉलेज में काम करने का कुछ फायदा उठाओ। वह निःसंतान दंपती को बच्चा देने के बदले उन्हें अच्छी रकम दे सकता है। तब योगेश ने सोच कर बताने के बारे में कह दिया था। फिर पवन के साथ योजना बनाकर उसने हां कर दी थी।
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पुलिस ने मासूम को सुरक्षित बचाया।
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
कई मेलों और बाजारों में की रेकी
एसपी दक्षिणी ने बताया कि दोनों आरोपियों से सरगना ने छह महीने तक उम्र का बच्चा चुराकर लाने के लिए कहा था, ताकि किसी निःसंतान दंपती को बेचा जा सके। ऐसा बच्चा चुराने पर उन्हें साठ हजार रुपये देने का वादा किया। दोनों ने शाहजहांपुर, बरेली की कई बाजारों व मेलों में ऐसे बच्चे तलाश किए लेकिन चोरी में सफल नहीं हो सके।
पुलिसकर्मी की गोद में मासूम बच्चा।
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
मंदिर परिसर से बच्चे को किया था अगवा
ये लोग करीब एक महीने से रेकी कर रहे थे। फिर इन्होंने नजर बचाकर मनौना मंदिर परिसर से बच्चा चुरा लिया। योगेश ने बताया कि जब उसने फोन पर सरगना को जानकारी दी तो उसने उनकी डांट लगाई। कहा कि डेढ़ साल का बच्चा समझदार होता है, वह अपने असली माता-पिता को नहीं भूल पाएगा। तब से वह लोग बच्चे को लेकर यहां-वहां छुप रहे थे।