जन्माष्टमी पर अमर उजाला के पाठकों ने अपने बच्चों को कान्हा और राधा की वेशभूषा में सजाकर तस्वीरें भेजीं। ये मनमोहक तस्वीरें अमर उजाला पर प्रकाशित की गई हैं।
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अरविंद जैन, शिवाय, सानवी दीक्षित, विहान सक्सेना, यशवी सिंह और कश्विक सक्सेना (तस्वीरें क्रमश:)।
- फोटो : स्रोत- परिजन
बरेली में जन्माष्टमी पर इस बार की सेल्फी प्रतियोगिता में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। करीब तीन सौ प्रविष्टियां आईं। बरेली कॉलेज के चित्रकला विभाग से सेवानिवृत्त पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. पंपा गौतम ने निर्णायक की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि बच्चे भगवान का स्वरूप होते हैं। राधा-कान्हा के स्वरूप में सजे बच्चों की मासूमियत का कोई मुकाबला नहीं रहा। उनमें से सर्वश्रेष्ठ का चयन करना बेहद कठिन रहा। कुछ अभिभावकों ने एआई का इस्तेमाल किया। इससे तस्वीरों की गुणवत्ता प्रभावित हुई। चयनित तस्वीरों को हम प्रकाशित कर रहे हैं। इन बच्चों को जल्दी ही कार्यालय बुलाकर पुरस्कृत किया जाएगा। अन्य तस्वीरों को हमने अमर उजाला डिजिटल पर प्रकाशित किया है।
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राधा-कृष्ण की वेशभूषा सजे बच्चे
- फोटो : स्रोत- परिजन