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महाशिवरात्रि पर शिवमय हुई नाथ नगरी: बरेली में दिनभर रही मंदिरों में भीड़, शाम को भक्तों ने जलाए आस्था के दीप

Sun, 15 Feb 2026 09:50 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

महाशिवरात्रि पर बरेली के नाथ मंदिर शनिवार को आधी रात के बाद से ही जयघोष से गुंजायमान हुए। सबसे पहले किला स्थित अलखनाथ मंदिर में बाबा के जलाभिषेक का क्रम शुरू हुआ। अन्य नाथ मंदिरों में भी तड़के से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। दिनभर मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटी रही। 
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Mahashivratri 2026 - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि पर बरेली के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भक्तों ने आपने आराध्य के दर्शन किए उन्हें जलाभिषेक कर प्रणाम किया और परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना की। घंटों और शंख की ध्वनि के बीच बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। शुभ मुहूर्त में भक्तों ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव को दूध, शहद, चंदन, हल्दी, वस्त्र, बेल पत्र आदि अर्पित किए और सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। भक्तों ने पूजा अर्चना करने के बाद चंदन को मस्तक पर लगाया। शहर भर में यात्रा निकाल कर भक्तों जमकर झूमे। वहीं, कई भक्तों ने कछला से कांवड़ लेकर आए और तमाम मंदिरों में जलाभिषेक किए।
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त्रिवटीनाथ मंदिर में नंदी महाराज की पूजा करते भक्त - फोटो : अमर उजाला
त्रिवटीनाथ मंदिर 
प्रेमनगर स्थित बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में भोर में बाबा का जलाभिषेक किया गया। तड़के से से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लाइन लगना शुरु हो गई थी। दिन भर मंदिर परिसर भक्तों आते रहे। मंदिर के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि मंदिर को रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया है। मंदिर में जिलाधिकारी अनिवाश सिंह भी जलाभिषेक करने पहुंचे। मान्यता है कि मंदिर में सच्चे मन से जो भक्त मनोकामना मांगते है वह पूरी होती है।
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धोपेश्वरनाथ मंदिर में लगी भक्तों की कतार - फोटो : संवाद
धोपेश्वरनाथ मंदिर
कैंट स्थित धोपेश्वर नाथ मंदिर में बाबा धोपेश्वर नाथ की आरती के बाद सुबह तीन बजे से ही जलाभिषेक शुरु हो गया। भक्तों की लाइन मंदिर से बाहर तक लगी रही। लंबी लाइन के होने के बाद भक्त भजनों पर झूमते रहे मंदिर में भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर के बाहर ठंडाई भी बांटी जा रही थी। शाम तक भक्त जलाभिषेक करने के लिए आते रहे। इस दौरान पूरा परिसर शिवमय हो गया। मंदिर में शाम को दीपदान भी किया गया।

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पशुपतिनाथ मंदिर में अभिषेक करते भक्त - फोटो : अमर उजाला
पशुपतिनाथ मंदिर
पशुपतिनाथ मंदिर में शिवभक्तों की लंबी लाइन लगी। मंदिर के पुजारी ने रविवार तड़के महाआरती कराई, इसके बाद जलाभिषेक शुरू हुआ। मंदिर में पहुंचे भक्तों ने 108 शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जो मनोकामना मांगी जाती है जो पूरी होती है। मंदिर को नेपाल के पुशपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया गया है। शाम को मंदिर में आरती व प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर में भोले के जयकारे लगाते रहे।
 
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अलखनाथ मंदिर में कतार में लगे भक्त - फोटो : अमर उजाला
अलखनाथ मंदिर
अलखनाथ मंदिर में शानिवार रात 12 बजे से ही भक्तों की कतार लग गई थी। रात से ही भक्तों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक करना शुरु कर दिया था। बुधवार सुबह तड़के भक्तों की लाइन मंदिर में बाहर तक पहुंच गई। घंटे लाइन में खड़े भक्त भोले के जयकारे लगाते रहे। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था। दिनभर भक्त बाबा का दर्शन पूजन करते रहे।
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वनखंडीनाथ मंदिर में लगी भक्तों की कतार - फोटो : अमर उजाला
वनखंडीनाथ मंदिर
जोगी नवादा स्थित वनखंडीनाथ मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। तड़के से ही यहां भक्तों की भीड़ आना शुरु हो गई। भगवान शिव के उद्घोष से पूरा मंदिर गूंज उठा। भक्तों ने बाबा वनखंडीनाथ में पूजा अर्चना कर स्वस्थ जीवन की कामना की। मंदिर के आसपास सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। वहीं, मंदिर के बाहर भंडारे का भी आयोजन किया गया। दिनभर भक्तों की आमद से भक्त गुलजार रहा।
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Mahashivratri 2026 - फोटो : अमर उजाला
मढ़ीनाथ मंदिर
मढ़ीनाथ मंदिर में भक्तों की भीड़ रही। मंदिर के पुजारी धर्मेंद्र गिरी ने भगवान शिव की आरती की। इसके बाद भक्तों ने बाबा के दर्शन किए। इस दौरान जलाभिषेक कर भक्तों ने सुख समृद्धि की आरती की। भजन के जयकारे पूरे परिसर में गूंजते रहे। शाम को मंदिर में आरती की गई। सुरक्षा के लिए मंदिर में पुलिसबल की तैनाती रही।
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Mahashivratri 2026 - फोटो : अमर उजाला
तपेश्वर नाथ मंदिर
सुभाषनगर मंदिर स्थित बाबा तपेश्वर नाथ मंदिर सुबह चार बजे से ही भक्तों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई। मंदिर के पुजारी विशन महाराज ने बताया कि इस बार मंदिर में भक्तों की संख्या पिछले वर्ष से अधिक थी। मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा पाठ की गई। जिसके बाद जलाभिषेक शुरु हुआ। मंदिर में भक्तों को पूजा पाठ के बाद प्रसाद वितरित किया गया। मंदिर का रास्ता टूटा होने के चलते लोगों को मंदिर आने में पेरशानी का सामना भी करना पड़ा।


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