लखीमपुर खीरी जिले के निघासन थाना इलाके के एक गांव में बुधवार शाम करीब छह बजे अनुसूचित जाति की दो सगी बहनों के शव पेड़ से लटके मिले। मां का कहना है कि शाम करीब पांच बजे उनके सामने ही एक पड़ोसी और तीन अन्य दोनों बेटियों को अगवा कर ले गए थे। घटना से गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ सदर चौराहे पर जाम लगा दिया। देर शाम आईजी लक्ष्मी सिंह ने आरोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम समाप्त हुआ। इस दौरान पुलिस पर शव को जबर्दस्ती अपने कब्जे में लेने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ घटनास्थल पर खूब हंगामा काटा। इस बीच ग्रामीणों और पुलिस की तीखी झड़प हुई और नाराज लोगों ने सदर चौराहे पर जाम लगा दिया।
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आईजी के समझाने पर धरना समाप्त हुआ
- फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक चंद्रभान यादव शव को कपड़े में लपेटकर जबरन घटनास्थल से लेकर चले गए, जिससे परिवार वाले शव को ढंग से देख भी नहीं पाए। ग्रामीणों ने काफी रोष जताया। किसी तरह पंचनामा भरकर उनको सील किया गया।
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निघासन में मिले दो बहनों के शव
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इसके बाद शव लेने पहुंची एंबुलेंस को भी ग्रामीणों ने घेर लिया और शव को ले जाने से मना कर दिया। किसी तरह पुलिस ने वहां से मृतका के पिता और एंबुलेंस को वहां से निकाला।
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ग्रामीणों से हुई पुलिस की नोकझोंक
- फोटो : अमर उजाला
एंबुलेंस को निघासन में ही रोकने के लिए तमाम ग्रामीण बाइक पर सवार होकर एंबुलेंस के पीछे भागे लेकिन मौके की नजाकत को समझते हुए पुलिस अफसरों ने निघासन में बिना रोके एंबुलेंस को लखीमपुर के लिए रवाना कर दिया।
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ग्रामीणों से हुई पुलिस की नोकझोंक
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इस बीच एंबुलेंस को न पाकर ग्रामीणों ने सदर चौराहे पर जाम लगा दिया। सीओ संजयनाथ तिवारी और कोतवाल चंद्रभान यादव समेत तमाम पुलिसकर्मी मनाने और समझाने में लगे रहे लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इस बीच अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह से ग्रामीणों की झड़प हुई।
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लखनऊ रेंज की आईजी लक्ष्मी सिंह मौके पर
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अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जो भी शिकायत दी जाएगी, उसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी। अभी पुलिस को अपना काम करने दें। घटना के करीब एक घंटे बाद करीब साढे़ सात बजे एसपी संजीव सुमन मौके पर पहुंचे
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डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व एडीएम संजय सिंह निघासन पहुंचे
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उन्होंने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीणों ने दोनों किशोरियों के शव वापस निघासन मंगाने की जिद की। इस पर एसपी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि ग्रामीण चाहें तो लखीमपुर चलकर अपने सामने पोस्टमॉर्टम करवा सकते हैं। इसके बाद भी काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
ग्रामीणों की कप्तान से हुई नोकझोंक
शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से नाराज ग्रामीण सड़क जाम करने पर अड़ गए, जिसके बाद मौके पर पहुंचे एसपी संजीव सुमन ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भड़के ग्रामीण एसपी से उलझ गए। एसपी ने सड़क जाम करने को कानून के विरुद्ध बताते हुए ग्रामीणों को ऐसा न करने की नसीहत दी। इस बीच पुलिस जब सभी को समझाकर थाने ले आई, तो बाद में भीड़ फिर भड़क गई और मृत किशोरियों की मां को गोद में उठाकर चौराहे की तरफ चल पड़े। इस बीच पुलिस ग्रामीणों को रोकने में जुटी रही। भीड़ और पुलिस दोनों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई।