लखीमपुर खीरी के निघासन थाना इलाके के एक गांव में दुष्कर्म के बाद दो बहनों की गला घोटकर हत्या करने से पहले दरिंदों ने दोनों के साथ मारपीट भी की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ी बहन के शरीर पर चोटों के निशान भी मिले हैं। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी पर आईजी लक्ष्मी सिंह बुधवार को कहा था कि शव पर कोई चोट के निशान नजर नहीं आ रहे हैं। इसलिए प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। मामले में इंस्पेक्टर चंदभान यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट थाने पर आ गई है, जिसमें बड़ी बहन की गला दबाकर हत्या की गई और फिर उसके बाद छोटी बहन की भी हत्या कर दी गई। बताया कि बड़ी बहन के शरीर पर चोट के निशानों की पुष्टि हुई है। खास यह कि अंतिम संस्कार के 14 घंटे बाद भी परिजनों को पीएम रिपोर्ट नहीं मिली।
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निघासन में मिले दो बहनों के शव
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार को जब उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम संस्कार करने की बात कही तो पुलिस ने उन्हें रिपोर्ट आते ही मुहैया कराने को आश्वस्त किया था। यह बात परिजनों ने ही बताई।
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lakhimpur kheri case
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तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया था। इनमें डॉ. राजेंद्र कुमार, डॉ. अर्चना, डॉ. शोएब अख्तर शामिल रहे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों बहनों को गला घोटकर मार गया था। इसके पहले उनके साथ दुष्कर्म भी किया गया। विस्तृत जांच के लिए स्लाइड बनाकर भेज दी गई है।
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पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन
- फोटो : एएनआई
एसपी ने किया था हत्या से इंकार
निघासन के एक गांव में बुधवार शाम करीब छह बजे दोनों सगी बहनों के शव पेड़ से लटके मिले थे। मां ने एक घंटे पहले उनके सामने ही पड़ोसी छोटू समेत अन्य आरोपियों पर दोनों बेटियों को अगवा कर ले जाने का आरोप लगाया था। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर हंगामा शुरू किया तो मौके पर पहुंचे एसपी हत्या की बात से इंकार करते रहे। उन्होंने प्रथमदृष्टया आत्महत्या का मामला बताया था। मामला बिगड़ने पर आईजी लक्ष्मी सिंह ने देर रात मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली थी। हालांकि उन्होंने भी प्रथमदृष्टया आत्महत्या बताई थी।
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पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन
- फोटो : एएनआई
बाद में जोड़ी अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा
बुधवार देर रात दर्ज किए गए मुकदमे में पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा नहीं जोड़ी थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह धारा भी जोड़ दी। इससे पहले बुधवार रात आईजी लक्ष्मी सिंह के पहुंचने के बाद करीब एक बजे परिजनों ने गांव के ही मुख्य आरोपी छोटू व तीन अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी। 1:19 बजे पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी।
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नहीं लगाई सामूहिक दुष्कर्म की धारा
पूर्व एडीजीसी शैलेंद्र सिंह गौड़ का कहना है कि बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म की धारा 376 डी नहीं लगाई। लगाई गई धाराओं में केवल एक आरोपी के दुष्कर्म करने की बात कही गई। जबकि पुलिस की ही कहानी के अनुसार नाबालिग बहनों से दुष्कर्म करने वाले आरोपी एक से अधिक हैं। इसकी वजह से अदालत में बचाव पक्ष को राहत मिल सकती है।
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लखीमपुर खीरी कांड में पकड़े गए आरोपी
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तैयारी के साथ घर में घुसे पर धारा कमजोर
आरोपियों के खिलाफ जबरन घर में घुसने की धारा 452 लगाई लगाई गई है। मां की तहरीर के मुताबिक आरोपी शाम के वक्त उसके घर में घुसे जबकि पुलिस के अनुसार दोपहर बाद की घटना है। इस मामले में धारा 455 लगाई जानी चाहिए थी। आरोपी अपहरण की तैयारी कर घर में घुसे थे और बेटियों को अगवा कर ले गए। ऐसे में धारा 455 आईपीसी का मामला बनता है, जिसमें दस वर्ष के कारावास की सजा का प्रावधान है। धारा 452 में तीन वर्ष की सजा है।
लखीमपुर खीरी कांड में पकड़े गए आरोपी
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यह था मामला
निघासन थाना इलाके के एक गांव में बुधवार शाम अनुसूचित जाति की दो सगी बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। सुबूत मिटाने के लिए दुपट्टे से बहनों का गला घोटकर एक पेड़ पर फंदे से लटका दिया था। आरोपियों से पुलिस की पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मामले में पीड़िता के गांव के ही छोटू, जबकि पड़ोसी गांव लालपुर के पांच आरोपियों जुनैद, सुहैल, करीमुद्दीन, आरिफ और हफीजुर्रहमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।