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लखीमपुर कांड: पीड़ित परिवार का दर्द, हम तड़पते रहेंगे...जानिए परिजनों ने क्यों कहा-मुआवजा जख्मों पर मरहम नहीं

Sat, 17 Sep 2022 10:25 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
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lakhimpur kheri case - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी के निघासन थाना इलाके में अनुसूचित जाति की दो नाबालिग बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में एसपी संजीव सुमन की कहानी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने झुठला दिया। रिपोर्ट में दोनों के साथ दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस ने जुनैद को मुठभेड़ में, जबकि सुहैल, छोटू, हफीजुर्रहमान, छोटे, करीमुद्दीन को उसकी निशानदेही पर गिरफ्तार कर लिया। जुनैद और सुहैल ने पुलिस की पूछताछ में दुष्कर्म के बाद हत्या की बात कुबूली थी। वहीं, बेटियों का परिवार अभी भी गुस्से में है। परिजनों का कहना है कि हमारे साथ धोखा हुआ। जख्मों पर लगाए जा रहे सरकारी मरहम से भी परिजन खफा हैं। बेटियों को बदनाम करने की पुलिसिया कहानी से परिजन और ग्रामीणों में अब भी आक्रोश है। उनका एक ही सवाल है। मां के सामने से बेटियां खींचकर ले जाई गईं तो पुलिस क्यों कह रही है कि वे अपनी मर्जी से गईं थी। 
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lakhimpur kheri case - फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि मुआवजा देकर हमारे जख्मों पर मरहम नहीं लगाया जा सकता। पुलिस रिपोर्ट में अगवा करने की धारा न दर्ज करना। किसी के गले नहीं उतर रहा है। पीड़ित के भाई का कहना है कि हमने अपनी बहनें खो दीं। 
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पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन - फोटो : एएनआई
पुलिस ऐसी कहानी बता रही है कि परिवार की बदनामी हो रही है। मां के सामने सब हुआ। आरोपियों ने उसे धक्का दिया। मां की चूड़ियां टूटकर उसके हाथों में गड़ गईं। 

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lakhimpur kheri case - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इन सब बातों पर ध्यान नहीं दिया। आखिर वह किस आधार पर कह रही है कि लड़कियां अपनी मर्जी से आरोपी युवकों के साथ गई। सिर्फ उसके कह देने से हम कैसे मान लें। परिवार के सदस्यों को यह भी कहना है कि पुलिस मामले को निपटाने के लिए उन्हें समझाती रही कि उनकी सभी मांगें मानी जाएंगी।
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lakhimpur kheri case - फोटो : अमर उजाला
पिता बोले, हम असहाय महसूस कर रहे 
पीड़ित पिता का कहना है कि हम असहाय महसूस कर रहे हैं। पुलिस जैसा चाहेगी, वैसा ही करेगी। मुआवजा देकर सोच रही है कि हमारे जख्मों पर मरहम लग जाएगा तो ऐसा नहीं होने वाला। हमारी बेटियां छिन गईं। हमें अपार दर्द है। जो तहरीर दी गई, उसके अनुसार ही मुकदमा दर्ज होना चाहिए। घटना एकदम साफ है। 
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निघासन में मिले दो बहनों के शव - फोटो : अमर उजाला
जब तक अपराधियों को कड़ी सजा नहीं मिलती। हम तड़पते रहेंगे। शुक्रवार को भी पीड़ित परिवार रोता-बिलखता रहा। मां अब सामान्य नहीं हो पाई। बार-बार बेहोश हो जा रही है। रिश्तेदार उसे जबरदस्ती खाने-पिलाने की कोशिश कर हैं। बार-बार यही कह रही है कि उसके सामने से उसकी बेटियों को उठा ले गए।
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ग्रामीणों से हुई पुलिस की नोकझोंक - फोटो : अमर उजाला
एक करोड़ रुपये मुआवजा सदस्य को नौकरी की मांग
परिजन परिवार के एक सदस्य को नौकरी, एक करोड़ रुपये मुआवजा व दोषियों को फांसी की मांग कर रहे हैं। 
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लखीमपुर खीरी कांड में पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
बाद में जोड़ी अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा
बुधवार देर रात दर्ज किए गए मुकदमे में पुलिस ने अनुसूचित जाति उत्पीड़न की धारा नहीं जोड़ी थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह धारा भी जोड़ दी। इससे पहले बुधवार रात आईजी लक्ष्मी सिंह के पहुंचने के बाद करीब एक बजे परिजनों ने गांव के ही मुख्य आरोपी छोटू व तीन अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी। 1:19 बजे पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी थी। 
 
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