बदायूं में तैनात सिविल जज (जूनियर डिवीजन) ज्योत्सना राय के शव का रविवार को पोस्टमार्टम करा दिया गया। परिवार वाले उनके शव को अयोध्या ले गए। उनकी आखिरी इच्छा के अनुसार सरयू तट पर ही अंतिम संस्कार किया गया। तीन वर्ष तक कर्मभूमि रही अयोध्या धाम के सरयू तट पर रविवार देर रात महिला जज पंचतत्व में विलीन हो गईं। सुसाइड नोट में जताई गई उनकी इच्छा के अनुरूप परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया। उनका शव पहुंचते ही आसमान भी गमगीन हुआ और बारिश के बीच ही रात 11:05 बजे उन्हें मुखाग्नि दी गई।
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Jyotsana Rai Case
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की सुबह करीब 11 बजे बदायूं में शव का पोस्टमार्टम होने के बाद करीब एक बजे परिजन उन्हें लखनऊ के हिमसिटी पार्ट-दो देवा रोड निकट बावा हॉस्पिटल स्थित आवास पर ले गए। वहां अंतिम दर्शन के बाद सरयू तट पर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।
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मौके पर जांच करती पुलिस
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देर रात 10:36 पर जैसे ही उनका शव वाहन से सरयू तट पर पहुंचा, सभी के अश्रुधार निकल पड़ी। जैसे ही शव शैय्या पर लेटाया गया, आसमान भी मानो फूट-फूटकर रोने लगा और तेज बरसात शुरू हो गई। बारिश के बीच जज के पिता अशोक कुमार राय ने मुखाग्नि दी।
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जज के सरकारी आवास के बाहर जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले, परिवार वाले बदायूं स्थित उनके आवास से काफी सामान और उनके खरगोश भी साथ ले गए। सिविल जज के बड़े भाई हिमांशु शेखर राय ने आवास की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। रविवार सुबह करीब 10 बजे परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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मौके पर पहुंचे डीएम मनोज कुमार व अन्य अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में कार्यरत रेलवे के इंजीनियर हिमांशु शेखर राय ने बताया कि वह ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन कहीं न कहीं उनका आवास सुरक्षित नहीं था। पीछे लगा जाली वाला गेट खुला था। बाथरूम का दरवाजा भी खुला पड़ा था।
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जज के सरकारी आवास में जुटी भीड़
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पुलिस को पिछले दरवाजों से फिंगर प्रिंट लेने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। पीछे से कोई भी व्यक्ति अंदर चढ़कर आ सकता था, लेकिन अब वह चाहते हैं कि पुलिस इसकी गंभीरता से जांच करे। पुलिस को यह सब चीजें नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए।
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मौके पर पहुंचे डीएम मनोज कुमार व अन्य अधिकारी
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उन्होंने कहा कि डायरी से कई पन्ने फटे हुए मिले हैं। उन पन्नों में कुछ भी हो सकता है। पुलिस को उसे भी गंभीरता से लेना चाहिए। दोपहर करीब 12 बजे तक पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी हुई। इसके बाद उनके शव को आवास पर लया गया। यहां जिला जज पंकज अग्रवाल, सीजेएम मोहम्मद साजिद और अन्य जजों ने ज्योत्सना राय को अंतिम विदाई दी। इसके बाद शव को वाहन से अयोध्या ले जाया गया है। परिवार वाले उनका अंतिम संस्कार अयोध्या में सरयू तट पर करेंगे।
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Jyotsana Rai Case
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तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया पोस्टमार्टम
महिला जज के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। इसके लिए उझानी सीएचसी से डॉ. हरीश कुमार, जिला अस्पताल से डॉ. राजेश कुमार वर्मा और महिला अस्पताल से डॉ. अनामिका सिंह को बुलाया गया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई।
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Jyotsana Rai Case
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देरी से पहुंचे डॉक्टर, जिला जज ने जताई नाराजगी
पोस्टमार्टम हाउस पर ज्योत्सना के परिवार वाले, जिला जज, सीजेएम और कई जज सुबह 10 बजे तक पहुंच गए थे। पैनल से शव का पोस्टमार्टम होना था। उझानी सीएचसी के डॉ. हरीश कुमार समय पर पहुंच गए थे, लेकिन डॉ. राजेश कुमार वर्मा 10:45 बजे पहुंचे और डॉ. अनामिका सिंह और फार्मासिस्ट संजीव कुमार करीब 11 बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इस पर जिला जज पंकज अग्रवाल ने नाराजगी जताई।
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Judge Jyotsna Rai
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पिता बोले- सजिश है... किसी ने उकसाया, इसलिए उठाया कदम
सिविल जज (जूनियर डिवीजन) ज्योत्सना राय के पिता अशोक कुमार राय ने कहा कि उनकी बेटी को एक साजिश के तहत उकसाया गया था। इसलिए उसने तत्काल यह कदम उठा लिया। अगर उन्हें जरा भी पता होता कि तो वह तत्काल उसकी नौकरी छुड़वा देते या फिर उसे बदायूं में नौकरी नहीं करने देते। उसका दूसरी जगह स्थानांतरण करवा देते।
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Jyotsana Rai Case
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पोस्टमार्टम हाउस पर पिता अशोक कुमार राय ने बताया कि उनकी बेटी कहती थी कि वह उसके मामले में दखलअंदाजी न करें। बोले- बदायूं हमारे लिए ठीक नहीं रहा। वह नहीं चाहते थे कि बेटी की पोस्टिंग बदायूं हो, लेकिन हो गई तो वह तीन माह तक उसके साथ रहे। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी खुदकुशी भी कर सकती है। वह इतनी प्रतिभाशाली थी कि एक ही बार में परीक्षा पास कर ली।
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Jyotsana Rai Case
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सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम सोचते थे कि यहां सब लोग हैं, सुरक्षा व्यवस्था है, फिर क्यों फिक्र करें, लेकिन उनकी बेटी असहाय होकर जान दे देती है। कहा, 10 बजे किसी की कॉल आई थी। सब लोग बता रहे हैं कि वह तेज आवाज में बात कर रही थी। कहा- वह किसी से नहीं हारे, लेकिन अब वह अपनी बेटी से हार गए।
पूर्व सांसद ने परिवार वालों को दी सांत्वना
रविवार दोपहर पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने जिला जज और ज्योत्सना के परिवार वालों से मुलाकात की और सांत्वना दी।