प्रदेश के बजट में इको टूरिज्म के योजनाबद्ध विकास के लिए एक बोर्ड के गठन का प्रस्ताव है। दुधवा बड़ा पर्यटन स्थल है, जिसकी जैव विविधता विशिष्ट है। बोर्ड के गठन के बाद प्रथम चरण में देश-विदेश के बड़े ब्लॉगर्स को यहां बुलाकर दुधवा की प्राकृतिक खूबियों का प्रचार-प्रसार की योजना है। इसकी सूची तैयार की जा रही है।
पर्यटन के क्षेत्र में इको टूरिज्म प्रदेश सरकार के एजेंडे में है। इसके विकास पर पहले से काम चल रहा है। हाल ही में हुए इन्वेस्टर्स समिट में जिन निवेशकों ने लखीमपुर खीरी में पर्यटन क्षेत्र में पैसा लगाने के प्रस्ताव दिए हैं, उन्हें भी इससे जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर यू कहां जा सकता है कि अब प्रदेश में जितनी भी नेचर साइट हैं, वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट इको फ्रेंडली होगा।
यूपी इको टूरिज्म के निदेशक प्रखर मिश्रा का कहना है कि दुधवा नेशनल पार्क पहले से काफी विकसित है। वहां अवस्थापना से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार की जरूरत है। इसलिए इको टूरिज्म बोर्ड के गठन के बाद प्रथम चरण में इसी पर फोकस किया जाएगा।