मुजफ्फनगर से आए रिंकू सिंह राही सोमवार रात पुवायां के एसडीएम का पदभार ग्रहण करनेे के बाद मंगलवार को ही चर्चा में आ गए। नवागत एसडीएम ने चार्ज लेने के बाद पहले ही दिन एक वकील के मुंशी से उठक-बैठक लगवा दी। बाद में वकीलों के सामने खुद उठक-बैठक लगाई।
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एसडीएम रिंकू सिंह राही ने कान पकड़कर लगाई उठक-बैठक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर के पुवायां में अधिवक्ता एसडीएम रिंकू सिंह राही को रोकते ही रह गए लेकिन वह पांच बार उठक-बैठक कर ही रुके। उन्होंने तहसील परिसर के गंदे शौचालयों के लिए खुद को दोषी ठहराया और सजा भी दी।
इससे पहले एक अधिवक्ता ने पीछे से उनका हाथ पकड़ लिया तो उसे झिड़क दिया। अधिवक्ता कहते रहे... रहने दीजिए, रहने दीजिए, मगर वह नहीं माने। तहसील परिसर में धरने पर बैठे अधिवक्ताओं के पास जब एसडीएम गए तो उन्होंने कहा कि नारेबाजी की आवाज उनके चैंबर में नहीं आनी चाहिए।
इस पर अधिवक्ताओं ने कहा कि कांवड़ लेकर गुजर रहे श्रद्धालुओं के डीजे से तो बहुत शोर होता है। इस पर एसडीएम ने कहा कि वह यह भी देखेंगे। तब तक वकीलों ने मुंशी से उठक-बैठक कराने का मुद्दा उठा दिया।
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एसडीएम रिंकू सिंह राही
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साथ ही यह भी कहा कि जब शौचालय गंदे पड़े हैं तो लघुशंका के लिए कोई व्यक्ति कहां जाएगा। इतना सुनते ही एसडीएम ने इसके लिए अपने को जिम्मेदार मानते हुए पूछ लिया कि तहसील में सबसे बड़ा अधिकारी कौन? मौजूद लोगों ने जवाब में कहा- एसडीएम। इतना कहते ही उन्होंने उठक बैठक लगानी शुरू कर दी। इससे वकीलों समेत अन्य उपस्थित लोग हैरान रह गए। करीब 40 सेकंड के इस घटनाक्रम के बाद तहसील बार अध्यक्ष सुभाष शुक्ला ने उनसे माइक लेकर खेद जताया।
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एसडीएम रिंकू सिंह राही ने लगाई कान पकड़कर उठक-बैठक
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उठक-बैठक लगाने से मुझे कोई शर्म नहीं
मुआयने के समय एक युवक खुले में लघुशंका करता मिला। उससे उठक-बैठक लगवाई थी। वकीलों ने टॉयलेट गंदे होने की बात बताई, इस पर मैंने अपनी जिम्मेदारी मानते हुए वकीलों के सामने उठक-बैठक लगा दी। इसमें उन्हें किसी प्रकार की कोई शर्म महसूस नहीं हो रही है। - रिंकू सिंह राही, एसडीएम
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एसडीएम रिंकू सिंह राही ने लगाई कान पकड़कर उठक-बैठक
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पर्स बेचने वाले से दस... मुंशी से लगवाईं 20 उठक-बैठक
एसडीएम के निशाने पर आए अधिवक्ता के मुंशी विजय कुमार ने बताया कि वह लघुशंका करके वापस आ रहे थे, तभी एसडीएम आ गए। उस वक्त पर्स बेचने एक अन्य व्यक्ति भी वहीं लघुशंका कर रहा था। एसडीएम ने उससे दस और मुंशी से 20 उठक-बैठक लगाने के लिए कहा। उनके साथ मौजूद नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी ने उठक-बैठक नहीं लगाने पर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। इस पर विजय ने 20 उठक-बैठक लगा दीं।
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चर्चित रहे हैं एसडीएम रिंकू सिंह
पुवायां में नवागत एसडीएम रिंकू सिंह राही का अब तक का प्रशासनिक कार्यकाल काफी चर्चा वाला रहा है। मुजफ्फरनगर में तैनाती के दौरान समाज कल्याण विभाग की ओर से पेंशन आदि में वितरित 40 करोड़ रुपये में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी थी। हालांकि इस खुलासे के बाद उन पर जानलेवा हमला भी हुआ था। घोटाला उजागर करने पर उनको सात गोलियां मारी गईं थीं। इसके बाद भी वह डिगे नहीं और 2022 में दिव्यांग कोटे से यूपीएससी की परीक्षा पास आईएएस अफसर बने। मसूरी में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वह शाहजहांपुर नियुक्त किए गए, जहां उन्हें पुवायां का एसडीएम बनाया गया।
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एसडीएम रिंकू सिंह राही
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बेहद गरीब परिवार में जन्मे रिंकू सिंह राही
पुवायां के एसडीएम बनाए गए रिंकू सिंह राही खासे चर्चित अधिकारी हैं। एक बार वह निलंबित भी किए गए और पुलिस ने उनको मानसिक अस्पताल भी भेजा था। हाथरस (तब अलीगढ़) में बेहद गरीब परिवार में जन्मे रिंकू सिंह राही पीसीएस (एलायड) परीक्षा के जरिये समाज कल्याण अधिकारी बने थे। जून 2008 में उनको मुजफ्फरनगर में तैनाती मिली थी। बसपा सरकार के समय उन्होंने विभाग के घोटालों को उजागर करना शुरू किया।
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एसडीएम रिंकू सिंह राही
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विभाग की जमीन से कब्जा हटाने के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने विभाग के एकाउंटेंट की गोपनीय रिपोर्ट अधिकारी को भेजी तो अधिकारी ने रिपोर्ट एकाउंटेंट को लीक कर दी। एक प्रमुख सचिव ने भी रिंकू सिंह को धमकी दी थी कि ईमानदारी दिखाई तो हश्र ठीक नहीं होगा।
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एसडीएम रिंकू सिंह राही
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26 मार्च 2009 को बैंडमिंटन खेलते समय उनको सात गोलियां मारी गईं थीं। हमले में उनकी एक आंख भी खराब हो गई। रिंकू सिंह राही 2012 में लखनऊ में भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना भी दे चुके हैं। पुलिस ने उनको मानसिक अस्पताल भिजवाया था। वर्ष 2018 में उनको निलंबित भी किया गया। वर्ष 2022 में उन्होंने दिव्यांग कोटे से यूपीएससी की परीक्षा पास की।
कोई रिश्वत मांगे तो स्टिंग कर वीडियो भेजें, करेंगे कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम रिंकू सिंह राही ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कोई कर्मचारी अगर रिश्वत मांगता है या अभद्र व्यवहार करता है तो लोग उसका स्टिंग कर वीडियो बनाकर भेजें। वह संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। एसडीएम ने बताया कि गांव-गांव व्हाट्सएप ग्रुप बनवाए जाएंगे। उसमें लोग अपनी समस्या लिखकर भेज सकते हैं।
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रिंकू सिंह राही
- फोटो : amar ujala
समाधान होने पर उसी ग्रुप में गांव के लोगों को समाधान की जानकारी दी जाएगी। देहात क्षेत्र के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए युवाओं की टीम बनाएंगे, जो लोगों को जागरूक करने के साथ उनकी मदद भी करेगी। उन्होंने कहा, शासन की मंशा के अनुरूप काम कराए जाएंगे। सरकार की सभी योजनाएं गांव स्तर तक पहुंचें, इसके लिए गांव तक सीधा संवाद होगा।
कोई मुंशी दीवार के पास लघुशंका कर रहा था, जिसे एसडीएम ने उठक-बैठक लगवाई थी। बाद में वह वकीलों के पास आए और खुद ही उठक-बैठक लगाने लगे। किसी वकील ने एसडीएम से कुछ नहीं कहा था। उन्होंने और वकील साथियों ने एसडीएम को रोकने की भी कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। - सुभाष शुक्ला, अध्यक्ष, तहसील बार एसोसिएशन पुवायां।
अजय पांडे, पूर्व महामंत्री, बार एसोसिएशन तहसील पुवायां
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एसडीएम जब वकीलों से वार्ता करने अधिवक्ताओं ने मुंशी से उठक बैठक लगवाने की शिकायत एसडीएम से की थी। इसके बाद वह स्वयं ही उठक बैठक लगाने लगे। किसी वकील ने उनसे नहीं कहा, बल्कि वकीलों ने उन्हें रोकने का काफी प्रयास किया था। - अजय पांडे, पूर्व महामंत्री, बार एसोसिएशन तहसील पुवायां