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Muharram 2025: जिस्म लहूलुहान... जुबां पर या हुसैन, बरेली में निकाला गया ऐतिहासिक जरीदों का जुलूस; तस्वीरें

Sat, 05 Jul 2025 11:14 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

मोहर्रम की आठवीं तारीख पर शुक्रवार को पुराना शहर के तमाम सुन्नी इमामबाड़ों से निकाल गए तख्त और ताजिये शाहदाना चौक पर एकत्र हुए, जो जुलूस के रूप में दिनभर गश्त करते हुए यहां पहुंचे। मुस्लिम शिया समुदाय ने आठ मोहर्रम का ऐतिहासिक जरीदों का जुलूस निकाला गया।
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जरीदों के जुलूस में मातम करते अजादार - फोटो : अमर उजाला
बरेली में हजरत अब्बास की शहादत को याद करते हुए शुक्रवार को मुस्लिम शिया समुदाय ने आठ मोहर्रम का ऐतिहासिक जरीदों का जुलूस निकाला गया। इसमें लहराते अलम परचम और ढ़ोल नगाड़े जहां कर्बला की जंग का एहसास कर रहे थे। कुमार टाकीज चौक पर एकत्र अजादारों ने जंजीरों, छुरियों से मातम किया। जिस्म लहूलुहान था, जुबां पर या हुसैन की सदाएं गूंज रही थीं।

जुलूस दोपहर में इमामबाड़ा फतेह अली शाह काला इमामबाड़ा से निकला गया। इसकी मजलिस को खिताब करते हुए दिल्ली से आए मौलाना नेमत अली कुम्मी ने हजरत इमाम हुसैन के भाई, हजरत अब्बास की शहादत का जिक्र करते हुए मसायब बयान किए, जिसे सुनकर मोमिन रो पड़े। इसके बाद जुलूस रवाना हुआ, जो किला, जामा मस्जिद रोड, जखीरा, जसोली से मलुकपुर इमामबाड़ा फतेह निशान पहुंचा, जहां अंजुमनों ने नौहख्वानी की। 
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जरीदों के जुलूस में मातम करते अजादार - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद जुलूस अपने रास्तों बिहारीपुर, इंदिरा मार्किट होता हुआ कुमार टाकीज गली जज साहब के इमामबाड़े पहुंचा। यहां भी अंजुमनों ने नौहख्वानी की। यहां से वापसी में कुमार टाकीज चौक पर रात में अंजुमन शमशीर-ए-हैदरी और अंजुमन ऑल इंडिया गुलदस्ता-ए-हैदरी ने जंजीर और कमा का मातम किया। इससे पूरा जिस्म लहुलुहान हो गया। 
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जरीदों के जुलूस में मातम करते अजादार - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद यह जुलूस अपने रास्तों से मनिहारान गली इमामबाड़ा मरहूम सैयद हसनैन पहुंचा, जहां अंजुमनों ने नौहख्वानी की। मरहूम सरदार हुसैन इमामबाड़ा से कदीमी रास्ते से होता हुआ कंघीटोला पहुंचा, जहां समीर रिजवी की ओर से नजर पेश की गई। ऑल इंडिया गुलदस्ता ए हैदरी के मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि यह जुलूस समर हैदर आब्दी की अगुवाई में निकला गया।  जुलूस में सिविल डिफेंस और अमन कमेटी का सहयोग रहा। 

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ढोल ताशे के साथ निकाला गया जुलूस - फोटो : अमर उजाला
या हुसैन की सदाओं के साथ निकाले ताजिये
मोहनपुर में तख्त व ताजियों का जुलूस निकाला गया, जो ढोल ताशे और या हुसैन के नारों के साथ जोश व अकीदत से उठाया गया। शुक्रवार से सभी तख्त अपने अपने क्षेत्र में जुलूस की शक्ल में घूमना शुरू हो गए हैं। यह सभी मोहर्रम की 10 तारीख को उमरिया कर्बला पहुंचेंगे। यह जुलूस दर्जी तख्त, अंसारी तख्त, शेखों बाला तख्त, नई बस्ती तख्त, मसीत गंज गोटिया तख्त, मंसूरी तख्त अपने अपने इमामबाड़ों से निकाले गए। इस मौके पर पैगाम इमाम हुसैन सामाजिक संस्था संस्थापक हकीम आहिद हुसैन, असलम शेख, सेठ शाहनवाज, रियाज अंसारी, गुलशेर, इशरत मंसूरी, अनस अंसारी, सलीम खान आदि मौजूद रहे। 
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गुजरता तख़्त और ताजियों का जुलूस - फोटो : अमर उजाला
शाहदाना चौक पहुंचे तख्त और ताजिये
मोहर्रम की आठ तारीख को पुराना शहर के तमाम सुन्नी इमामबाड़ों से तख्त और ताजिये उठाए गए, जो जुलूस के रूप में दिनभर गश्त करते रहे। शाम को सभी शाहदाना चौक पर एकत्र हुए। जहां तमाम इलाकों से अकीदतमंद पहुंचे और मुराद मांगी। अखिल भारतीय अब्बासी वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष शारिक अब्बासी ने पुराना शहर में निकलने वाले तख्त ताजियों का स्वागत किया।
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