अजितेश उर्फ अभि के पिता हरीश कुमार ने कहा कि जाने-अनजाने बच्चों ने बेशक गलत कदम उठाया है, लेकिन वह उनके अभिभावक हैं और इसलिए अब दोनों बच्चे उनके हैं। हरीश ने कहा कि उनके विधायक राजेश मिश्रा से दस साल पुराने संबंध हैं। अभि का उनके घर आना-जाना था तो विधायक का बेटा उनके घर आता था। बोले, बच्चों के हित का सवाल आएगा तो वह विधायक जी के पैर छूकर भी माफी मांग लेंगे।
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अजितेश
- फोटो : अमर उजाला
‘अमर उजाला’ से बातचीत में हरीश कुमार ने कहा कि दोनों बच्चों के बीच क्या चल रहा है, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं थी। पिछले महीने 13 जून को ही इस बारे में पता चला। बच्चों का इस तरह भागना वह भी अनुचित मानते हैं। उन्हें परिवारों को विश्वास में लेना चाहिए था। मां-बाप ज्यादा बेहतर फैसला ले सकते थे। चैनल में उन्हें इंटरव्यू भी नहीं देना चाहिए था।
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विधायक राजेश मिश्रा और उनकी पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
हरीश ने कहा कि विधायक जी ने भले ही बच्चों से संबंध न रखने की बात कही है लेकिन वह जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते। विधायक जी के इलेक्शन में उन्होंने और उनके बेटे ने पूरा सहयोग किया था। उनका बेटा विषम परिस्थितियों में भी विधायक जी का साया बनकर साथ रहा है। जो लोग आज पुराने फोटो जारी कर उसका चरित्र हनन कर रहे हैं, वे तब कोई नहीं दिखते थे।
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sakshi mishra
- फोटो : अमर उजाला
हरीश ने आरोप लगाया कि लोग चैनल और सोशल मीडिया में संघर्ष जैसे स्थिति बनाना चाहते हैं जबकि दोनों बच्चों के बीच दोस्ती और प्यार का मामला है। राजीव राणा जैसे लोग गलत हैं और अब दुष्प्रचार करा रहे हैं। उन्होंने बच्चों से कहा है कि मीडिया से दूरी बना लें, क्योंकि बात का बतंगड़ बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया किसी थाने में उनके बेटे पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं है।
विधायक राजेश मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अजितेश उर्फ अभि उनके बेटे विक्की का दोस्त था। हालांकि उसकी और विक्की की उम्र में काफी अंतर है। उन्होंने बताया कि उन्हें विक्की से अजितेश की दोस्ती की तो जानकारी थी, लेकिन अजितेश उनके घर पर भी अक्सर आता-जाता था, यह उन्हें अब पता लगा है। दरअसल अजितेश तभी उनके घर आता था, जब वह नहीं होते थे। बेटी साक्षी के इस आरोप पर कि वह उसके साथ ज्यादा बात नहीं करते थे, उन्होंने कहा कि यह आरोप गलत है। बेटे और दोनों बेटियों से वह हमेशा दोस्ताना व्यवहार रखते थे। वह जब भी घर पहुंचते थे और कभी उन्हें कोई गुमसुम दिखता था तो वह हंसी-मजाक कर उसे बगैर हंसाए नहीं छोड़ते थे।