बरेली के सीबीगंज में डीएलएड छात्रा की हत्या करने के आरोपी अशोक को पुलिस ने रविवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने वारदात कबूल की है। आरोपी ने एकतरफा प्यार में छात्रा की हत्या की थी। जानते हैं छात्रा हत्याकांड की पूरी कहानी...
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नीतू हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
बरेली में डीएलएड छात्रा नीतू की हत्या करने का आरोपी अशोक बेहद गुस्सैल और सनकी मिजाज का है। नीतू उसे बाकी दोस्तों की तरह समझती थी, लेकिन वह उस पर एकाधिकार जताता था। उससे शादी करना चाहता था। परीक्षा के दौरान जब वह नीतू का मोबाइल फोन लेकर बाहर बैठा, तभी दोस्तों के मेसेज, कॉल और फोटो देखकर नीतू की हत्या का इरादा बना लिया था। उसने 16 मई को नीतू की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद मौके से भाग गया। नीतू का शव सीबीगंज में झुमका चौराहे से करीब 400 मीटर अंदर खेत में मिला था। सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।
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नीतू का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मौसा के घर रहती थी नीतू
सीबीगंज थाना पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नीतू इन दिनों अपने मौसा के आलोक नगर में रहती थी। नीतू के मौसा उसे सेटेलाइट चौराहे पर लाकर किसी वाहन में फरीदपुर जाने के लिए बैठाते थे। रास्ते में वह उसे अपनी बाइक पर बैठा लेता था। परीक्षा के दौरान नीतू का मोबाइल फोन लेकर वह बाहर इंतजार करता था। वापसी में वह नीतू को फरीदपुर से मौसा के घर तक छोड़ता था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
नीतू का फोन देखकर बौखलाया आरोपी
अशोक ने बताया कि 13 व 14 मई को दो दिन लगातार नीतू का फोन उसके पास रहा तो उस पर कुछ लड़कों की कॉल व मेसेज आए। उसने देखा कि गैलरी में कुछ लड़कों के साथ नीतू के फोटो हैं। हालांकि, फोटो आपत्तिजनक नहीं थे लेकिन वह नीतू के साथ किसी को बर्दाश्त नहीं कर सकता था। इसलिए कई फोटो उसने सुरक्षित कर लिए।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
आरोपी ने बताया कि 15 को अंतिम परीक्षा के बाद जब नीतू कॉलेज से निकलकर उसकी बाइक पर बैठी तब उसने इन बातों का जिक्र किया। इस पर नीतू ने सफाई दी, पर उसने दो बार नीतू को बाइक से गिरा दिया। इससे उसके घुटनों व कोहनी में चोट आ गई। फरीदपुर में ही एक जगह सड़क पर उनका झगड़ा देखकर आसपास लोग आ गए। तब नीतू ने ही बात संभाली और आपसी विवाद बताकर फिर उसके साथ बाइक पर बैठ गई।
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नीतू का फाइल फोटो, आरोपी अशोक
- फोटो : अमर उजाला
छह साल से थी पहचान, परिवार को दिए लड़कों के नंबर
अशोक ने बताया कि उसका गांव व शीशगढ़ का मानपुर गांव सटे हुए है। नीतू के पिता सोमपाल गंगवार मानपुर में विद्यालय चलाते हैं। वहां इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं संचालित होती हैं और परीक्षा फॉर्म दूसरे विद्यालय से भरवाए जाते हैं। वह भी 2020 में वहां पढ़ाई करने गया था। तभी से उसकी नीतू से दोस्ती थी। उसने हाईस्कूल के बाद पढ़ाई छोड़ दी, पर लगातार नीतू और उसके परिवार के संपर्क में रहा।
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यह तस्वीर घटना वाले दिन की है, जब छात्रा का शव मिला था।
- फोटो : संवाद
नीतू के लापता होने के बाद नीतू की बहन ने पिता को अशोक के बारे में बताया। नीतू के परिवार ने उससे संपर्क किया तो उसने उन लड़कों के नाम पुलिस को बता दिए जिनके मेसेज व कॉल वह नीतू के मोबाइल फोन में देख चुका था। पुलिस भी इससे भ्रमित हुई। हल्द्वानी निवासी हरेंद्र नाम का लड़का भी पकड़ा गया, लेकिन वह बेकसूर निकला।
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आरोपी अशोक
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
भविष्य सुरक्षित करना चाहता था अशोक
अशोक ने बताया कि नीतू पढ़ाई में अच्छी थी, जबकि वह कोई खास काम नहीं करता था। सजातीय होने के कारण वह नीतू से शादी करना चाहता था। उसे उम्मीद थी कि नीतू भविष्य में या तो शिक्षिका बन जाएगी या फिर अपने पिता का स्कूल संभाल लेगी। उससे शादी होने पर अशोक का भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।
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आरोपी की बाइक
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
खानाबदोश की तरह घूमा, बाइक पर ही सोया
अशोक ने बताया कि नीतू की परीक्षा दिलाने के लिए वह 13 मई को बाइक लेकर घर से निकला था। बरेली जिले में उसका कोई रिश्तेदार या परिचित नहीं है। इस दौरान वह रात में ढाबे पर बाइक लगाकर उसी पर सो जाता था। कभी खाना तो कभी चाट-पकौड़ी खाकर काम चलाता था। वर्ष 2023 में एक बार वह बाइक चलाते वक्त नीतू से फोन पर बात कर रहा था। किसी बात पर झगड़ा हुआ तो उसने गुस्से में बाइक से पेड़ में टक्कर मार दी थी। तब वह कई दिन आईसीयू में रहा।
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नीतू हत्याकांड का आरोपी मुठभेड़ में घायल
- फोटो : पुलिस मीडिया सेल
नीतू उसके गुस्से की वजह से खुलकर शादी के लिए मना भी नहीं कर पा रही थी। वारदात से पहले उसने नीतू को पहले फरीदपुर से बीसलपुर रोड पर तो कभी पीलीभीत रोड पर घुमाया और शाम होने का इंतजार किया। फिर सीबीगंज में सुनसान जगह पर ले जाकर हत्या कर दी और बाइक लेकर भाग निकला।
एसएसपी और एसपी सिटी ने घटनास्थल का मुआयना किया।
- फोटो : संवाद
लोकेशन और फुटेज से फंसा
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि हत्या के वक्त अशोक के मोबाइल फोन की लोकेशन घटनास्थल पर मिली तो उसके प्रति संदेह और बढ़ गया। टोल प्लाजा व कुछ अन्य जगहों से नीतू के साथ बाइक पर जाते अशोक की फुटेज मिली और फोन पर बात के प्रमाण से पुष्टि हो गई।