शाहजहांपुर में खन्नौत नदी की बाढ़ कम होने से कॉलोनियों से पानी निकलने लगा है। लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं। मकानों का ताला खोलते ही बर्बादी का मंजर देखकर लोग बुरी तरह से परेशान हो रहे हैं। वर्षों से तिनका-तिनकाकर जोड़ी गई गृहस्थी एक झटके में बिखर गई है। महिलाओं की आंखों में आंसू हैं। मेहनत से बनाए आशियाने की बर्बादी देखकर लोगों बुरा हाल है।
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flood in UP
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिछले एक सप्ताह से खन्नौत नदी किनारे का लोधीपुर क्षेत्र पानी में डूबा हुआ था। प्रशासन की मदद से लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। अचानक बाढ़ आने से लोग साथ में कुछ कपड़े, जेवर आदि लेकर मकानों से निकल आए थे।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घर के अंदर फर्नीचर, वाॅशिंग मशीन, फ्रिज, टीवी सोफा, बेड, बाइक, खाने-पीने का सामान छूट गया था। जब शनिवार को पानी उतरने पर घर लौटे तो मकान के अंदर का मंजर देखकर कांप उठे। कीमती सामान पानी में डूबकर खराब हो गया था। कुछ देर तो लोगों की समझ में ही नहीं आया कि कहां से शुरुआत करें। लोगों ने सामान को घर के बाहर और छत पर सुखाना शुरू किया। बाइक खींचकर मिस्त्री के यहां बनवाने पहुंचे।
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flood in UP
- फोटो : अमर उजाला
घर की सफाई में जुटीं महिलाएं, पुरुष बना रहे व्यवस्था
घर से सामान निकालने के बाद महिलाएं घरों की धुलाई और सफाई में जुट गईं हैं। घरों में कीड़े-मकौड़े और कीचड़ है तो कई मकानों में सांप और बिच्छू भी। कई मकानों की नींव दरक गई है तो कई का फर्श उखड़ गया है। यहां तक कि पानी के मोटर, इन्वर्टर आदि खराब हो गए हैं। लोग उनको सही कराने में जुटे हुए हैं।
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बाबूराम और नीलम
- फोटो : अमर उजाला
पूरा मकान पानी में डूब गया था। परिवार के लोग घर की सफाई कर रहे हैं। बाजार से खाने-पीने के लिए कुछ जरूरी सामान लाना था। बाइक निकाली तो स्टार्ट नहीं हुई। मैकेनिक को दिखाने जा रहे हैं। सब बर्बाद हो गया।- बाबूराम
मकान के अंदर पानी भरने से गृहस्थी का सारा सामान डूब गया। इलेक्ट्रानिक सामान से लेकर बिस्तर, बेड, खाने-पीने का खराब हो गया है। सामान को घर से बाहर निकालकर सुखा रहे हैं। कपड़े तक खराब हो गए हैं।- नीलम
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आकाश और वैभव
- फोटो : अमर उजाला
आकाश मिश्रा ने बताया किहमारा परिवार तीन दिन से बाढ़ में फंसा हुआ था। घर में पानी भर गया है। अब भी भरा हुआ है। सभी लोग छत पर रुके हैं। मकान का सारा सामान डूब गया है। प्रशासन की तरफ से खाने-पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
वैभव मिश्रा ने कहा किबाढ़ का पानी घुसने की वजह से चार दिन पहले मकान बंद करके रिश्तेदारी में चले गए थे। आज घर लौटे हैं। अब तक पानी पूरी तरह से निकल नहीं पाया है। घर में सामान डूबा हुआ है। परिवार के लोग घर से पानी निकाल रहे हैं।
शशि मिश्रा ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद आज परिवार के साथ घर लौटे तो देखा कि सारा सामान डूबकर खराब हो गया है। दो माह पहले बेटे की शादी हुई थी। शादी में मिला सारा सामान खराब हो गया है। उजड़ी गृहस्थी को बनाने में काफी समय लग जाएगा।
किरन ने बताया कि पूरे मकान में कीचड़ भरा हुआ है। अंदर कीड़े-मकौड़े भी हैं। मकान की नींव को भी नुकसान पहुंचा है। अचानक बाढ़ आने की वजह से सामान सही से नहीं रख पाए। पूरा सामान डूब गया है। घर में खाने की कोई चीज नहीं बची है।