लखीमपुर खीरी के बांकेगंज के बाबूपुर गांव में महिला सिपाही पर मकान खाली कराने के लिए प्रताड़ना का आरोप लगाकर जान देने वाले बुजुर्ग के दो बेटों ने भी 36 घंटे के भीतर आत्महत्या कर ली।
लखीमपुर खीरी के बाबूपुर गांव में पहले पिता और फिर उसके दो पुत्रों के आत्महत्या कर लेने के बाद जहां पूरा गांव सकते में हैं, वहीं पुलिस की लापरवाही की भी परतें खुलने लगी हैं। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की जो सबसे बड़ी कमी रही, वह ये कि उसे जिसका साथ देना चाहिए था, उसी पर बिना किसी ठोस आधार और अपराध के दबाव बनाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आई इन्हीं कमियों को लेकर चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर और एक सपपाही को निलंबित करने के साथ आगे गहनता से जांच कराए जाने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
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पिता के बाद दो बेटों ने महिला सिपाही से तंग होकर दी जान
- फोटो : अमर उजाला
रामनरेश के दो पुत्रों मुकेश और सुधीर के आत्महत्या करने के बाद शुक्रवार को ही ये बात सामने आई थी कि अपने मकान पर महिला सिपाही आरती व उसके परिवार की बुरी नजर और विवाद को लेकर रामनरेश कई बार बांकेगंज पुलिस चौकी गया, पर उसकी सुनी नहीं गई।
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पिता के बाद दो बेटों ने महिला सिपाही से तंग होकर दी जान
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रामनरेश पर ही दबाव बनाती थी पुलिस
सूत्र बताते हैं कि बीते बुधवार को दोनों पक्षों को जब पुलिस चौकी पर विवाद निपटाने के लिए बुलाया गया, तो वहां पर पुलिस ने फिर रामनरेश पर दबाव बनाते हुए उसकी मदद करने से हाथ खड़े कर दिए। बुधवार को पूरे घटनाक्रम में चौकी के सिपाही अजय पांडेय की भूमिका संदिग्ध मिली है। राजस्व विभाग के अनुसार जब मकान पर रामनरेश का हक बनता है, तो सवाल ये है कि पुलिस ने उसका साथ क्यों नहीं दिया और सीधे मामले को विवाद क्यों बना दिया।
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पिता के बाद दो बेटों ने महिला सिपाही से तंग होकर दी जान
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पुलिस भी कम जिम्मेदार नहीं
तीन माह से चल रहा यह विवाद बांकेगंज पुलिस चौकी में चार से अधिक बार पहुंचा। पुलिस विभाग में होने की वजह से पुलिस ने हर बार आरती का ही पक्ष लिया। ग्रामीणों का कहना है कि राम नरेश सीधे-साधे थे। विवाद के चलते उसके मन में मकान छीन लिए जाने का डर बैठ गया। पुलिस के सामने वह रोए-गिड़गिड़ाए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
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क्या हुआ समझौता कोई नहीं बताने वाला
रामनरेश और उसके पुत्रों की मौत के बाद ये मामला चर्चा में है कि बीते बुधवार को पुलिस चौकी में जबरन समझौता लिखवाया गया था ओर उसके बाद तीन जानें चली गईं। हालांकि अब तक ये बताने वाला कोई नहीं है कि समझौता क्या हुआ था और उसका आधार क्या था। सीओ गोला गवेंद्र गौतम का कहना है कि विवाद के मामलों में जिस तरह से दोनों पक्षों को बुलाया जाता है, वैसा ही इसमें भी किया गया।
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पिता के बाद दो बेटों ने महिला सिपाही से तंग होकर दी जान
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उसमें समझौता क्या हुआ, ये अब तक किसी ने नहीं बताया है और न ही ऐसा कोई कागज मिला है। सीओ का कहना है कि रामनरेश की मौत के बाद जो मुकदमा दर्ज हुआ था, उसी के तहत चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। अब उनके पुत्रों की मौत का मामला ली उसी मुकदमे में शामिल कर लिया गया है। इसमें जांच के बाद अगर कोई धारा बढ़ती होगी तो बढ़ाई जाएगी।
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पिता के बाद दो बेटों ने महिला सिपाही से तंग होकर दी जान
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घटना के बाद चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार को लाइन हाजिर किया गया। वहीं सिपाही अजय कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -नैपाल सिंह, एएसपी पश्चिमी
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इसी मकान को लेकर था विवाद
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ये है पूरा मामला
लखीमपुर खीरी के बांकेगंज के बाबूपुर गांव में महिला सिपाही पर मकान खाली कराने के लिए प्रताड़ना का आरोप लगाकर जान देने वाले बुजुर्ग के दो बेटों ने भी 36 घंटे के भीतर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह ट्रेन से कटकर जान देने वाले छोटे बेटे ने भी सुसाइड नोट में महिला सिपाही और उसके परिजनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। लिखा है कि इस परिवार की वजह से उसके पिता की जान गई, अब वह भी जान दे रहा है। पुलिस ने सिपाही, उसकी मां, बहन, भाई पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार किया है। वहीं बांकेगंज चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। सिपाही अजय पांडे को निलंबित किया गया है।
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जमीन की पैमाइश
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घटना थाना मैलानी क्षेत्र के बाबूपुर गांव की है। यहां रहने वाले 60 वर्षीय रामनरेश ने बुधवार रात घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। उनके बेटों मुकेश (28) व सुधीर (25) ने पुलिस से शिकायत कर सिपाही आरती निगम (डायल-112 में तैनात), उसकी मां रामदेवी, बहन शशिबाला और भाई शिवम पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। कहा था कि सिपाही से आजिज आकर पिता ने जान दी है।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इस बीच शुक्रवार सुबह सुधीर शौच के लिए बाहर गया था। उसने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। यह सुन बड़े भाई मुकेश ने घर में फांसी लगा ली। दो दिन में रामनरेश का पूरा परिवार खत्म हो गया। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि पिछले कुछ समय से दोनों परिवारों में मकान को लेकर विवाद चल रहा था। सुलह के भी प्रयास हुए, पर बात बनी नहीं। घटना की जांच की जा रही है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।