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UP News: शराबी बेटे की करतूत से मां की मौत, फिर मामा को मार डाला; नशे में हैवान बना सोमपाल

Mon, 03 Nov 2025 10:43 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली के देवरनियां कस्बे में शराब के लिए रुपये नहीं देने पर सोमपाल ने बाइक पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। उसे बचाने में उसकी मां झुलस गईं। अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मां की मौत के बाद सोमपाल ने शराब पी। इसके बाद उसने अपने मामा की हत्या कर दी। 
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मृतका सुशीला देवी (बायें), आरोपी सोमपाल (बीच में), मृतक मोतीराम (दायें) - फोटो : संवाद
बरेली के देवरनियां कस्बे में शराबी बेटे की करतूत से झुलसी मां ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतका के भाई ने इसके लिए भांजे को जिम्मेदार बताकर डांटा और उसके सिर पर डंडा मार दिया। इससे गुस्साए भांजे ने हंसिये से ताबड़तोड़ वार कर मामा की हत्या कर दी। आरोपी को रविवार को जेल भेजा गया। भाई-बहन के शवों का साथ ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।

मोहल्ला शाहबाद निवासी कड़ेराम ने एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा को बताया कि उनकी बहन-बहनोई पीलीभीत जिले के गांव जमनिया से आकर ढाई माह से उनके यहां रह रहे हैं। उनका भांजा सोमपाल शराबी है। मां ने शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो सोमपाल ने 26 अक्तूबर को पेट्रोल डालकर अपनी बाइक में ही आग लगा दी थी। वह पेट्रोल भरी कैन हाथ में ही पकड़े था। 
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
कड़ेराम की बहन (सोमपाल की मां) सुशीला देवी (50) को लगा कि आग से सोमपाल न झुलस जाए। उसे बचाने में वह खुद झुलस गईं। अस्पताल में शनिवार को उनकी मौत हो गई। मामा कड़ेराम और मोतीराम बहन का शव देखने घर के पास ही प्लॉट पर जा रहे थे। रास्ते में सोमपाल मिल गया। 
 
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मृतक मोतीराम का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
मोतीराम ने उसे डांटते हुए कहा कि उसी की वजह से सुशीला की मौत हो गई। उन्होंने गुस्से में सोमपाल के सिर पर डंडा मार दिया। तब सोमपाल के हाथ में हंसिया था। गुस्से में उसने 55 वर्षीय मोतीराम के चेहरे व गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। इससे मोतीराम की मौके पर ही मौत हो गई। एसपी उत्तरी ने बताया कि आरोपी ने अपराध कबूल कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया। 

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी सोमपाल - फोटो : पुलिस
शराब पीकर हैवान बना सोमपाल
देवरनिया कस्बे में मां की मौत के तुरंत बाद मामा की हत्या करने का आरोपी सोमपाल नशे में हैवान बन जाता है। उसकी जान बचाने की खातिर मां की जान चली गई तो उसे सदमा लगा था। उसने दोबारा शराब पी ली। इस बीच मामा ने उसे टोककर डंडा मारा तो उसने बिना कुछ सोचे-समझे हंसिये से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। रविवार को थाने से उसे कोर्ट भेजा गया तो नशा उतर चुका था। उसने अपनी हरकत पर पछतावा जताया।
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एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। - फोटो : संवाद
26 साल के सोमपाल ने नशा उतरने पर पुलिस को बताया कि वह अनपढ़ है। मजदूरी करके परिवार पालता है। उसके पिता की पहली पत्नी का निधन हो गया। सुशीला देवी से पिता भीमसेन की दूसरी शादी हुई थी। करीब आठ माह पहले उसके परिवार ने पीलीभीत जिले के मूल निवास गांव जमनिया की जमीन और मकान बेच दिया। 
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घटना स्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद
वह अपने मामा मोतीराम व कड़ेराम के संपर्क में था तो उन्होंने देवरनिया में घर के पास ही पांच बिस्वा जमीन दिला दी। इससे पहले उसका परिवार कुछ समय मुड़िया जागीर में किराये पर रहा। सोमपाल की मां के कहने पर उसके बड़े मामा कड़ेराम ने अपने घर का एक कमरा रहने के लिए दे दिया था। 
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घटना के बाद परिवार में पसरा मातम - फोटो : संवाद
पहले मामा के दरवाजे पर रखा था मां का शव
एसपी उत्तरी ने बताया कि सोमपाल ने अस्पताल से मां का शव लाकर पहले मामा के दरवाजे पर रख दिया। तब मामा ने उसे फटकार लगाई। कहा कि अपने प्लॉट में शव रखो। तब सोमपाल को फिर गुस्सा चढ़ा। वह शव प्लॉट में ले गया। बाद में मोतीराम ने जब सोमपाल को बहन की मौत का जिम्मेदार बताया तो बात और बिगड़ गई। 

बताते हैं कि मोतीराम भी उस वक्त नशे में था। जब उसने डंडा मारा तो सोमपाल के सिर पर चोट लग गई। तब सोमपाल ने भी हमला कर दिया। फिर वह बाइक से मां के शव के पास लगाने के लिए धूपबत्ती लेने बाइक से पहुंच गया। तब तक गांव में मोतीराम की मौत का शोर मच चुका था। लोगों ने उसे दुकान पर ही दबोच लिया।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, मृतक मोतीराम का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
दो बार भिड़े थे मामा-भांजे
सोमपाल ने बताया कि 26 अक्तूबर को वह और छोटे मामा मोतीराम दोनों नशे में थे। बहस के बाद वह केन में दो से तीन लीटर पेट्रोल ले आया और खुद को आग लगाने की कोशिश की। जब मां ने उसे ऐसा नहीं करने दिया तो उसने बाइक फूंक दी।
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सुशीला देवी का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
कहीं बेटा आग की चपेट में न आए, इसलिए मां बचाने में झुलस गईं। नशा उतरा तो सोमपाल मामा के साथ मां को इलाज कराने जिला अस्पताल ले गया। ग्रामीणों ने बताया कि सुशीला के केवल पैर झुलसे थे, लेकिन सही इलाज न मिलने पर सेप्टिक से हालत बिगड़ गई, जिससे उनकी मौत हो गई। 
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