बरेली सिटी मजिस्ट्रेट को इस्तीफे के बाद जिलाधिकारी आवास पर बंधक बना लिया गया। ऐसा दावा अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को किया। वहीं, डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि कहा-यूजीसी नियमों और हालिया घटनाक्रम पर बातचीत के लिए वो खुद डीएम आवास आए थे।
विज्ञापन
1 of 10
bareilly city magistrate resign
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपी के बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दिया तो वो चर्चा में आ गए। शाम को उन्होंने बंधक बनाने का संगीन आरोप भी लगाया। दावा किया कि बरेली जिलाधिकारी आवास में 45 मिनट तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था।
दरअसल, सोमवार शाम को सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री डीएम आवास पर पहुंचे थे। डीएम आवास में वह करीब एक घंटा तक रहे। इसके बाद बाहर निकले तो अलंकार अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर ही बड़ा आरोप लगा दिया।
आरोप: लखनऊ से आया कॉल, मुझे अपशब्द बोले
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि डीएम ने वार्ता के लिए बुलाया था। आरोप लगाया कि वह डीएम आवास पर 45 मिनट तक बंधक रहे। कहा कि मैंने सचिव दीपक पांडेय को फोन किया कहा कि मुझे बंधक बनाकर रखा हुआ है। जब मैंने इनको कॉल कर दिया, डीएम और एसएसपी साहब को बता दिया तब तुरंत छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
3 of 10
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने नाम के आगे लिखा रिजाइन
- फोटो : सोशल मीडिया
सिटी मजिस्ट्रेट ने लगाया ये आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि षड्यंत्र यह रचा गया कि मैं रातभर बंधक रहूं और इसी आवास में पड़ा रहूं। लखनऊ से किसी का कॉल आया था। मुझे अपशब्द बोले गए। सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने के बाद डीएम व अन्य अधिकारियों से मिलकर वापस लौटे अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया के सामने बड़ा बयान दिया।
4 of 10
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
पहली बात तो उन्होंने अपने को डीएम आवास पर बंधक बनाए जाने की खबर सार्वजनिक की और दूसरी बात में उन्होंने डीएम को लखनऊ के एक अधिकारी से आई कॉल के बारे में बताया।
विज्ञापन
5 of 10
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से फोन पर बात की ।
- फोटो : अमर उजाला
कहा कि डीएम अविनाश सिंह संबंधित अधिकारी से फोन पर स्पीकर ऑन कर बात कर रहे थे, तभी दूसरी तरफ से लखनऊ के संबंधित अधिकारी ने अपशब्द कहे। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली आवास छोड़ दिया। उन्होंने आवास छोड़ने का कारण भय और असुरक्षा बताया। उन्होंने डीएम द्वारा बंधक बनाए जाने का आरोप दोहराया और हाईकोर्ट जाने का संकेत दिया।
विज्ञापन
6 of 10
डीएम आवास पर जाते सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री
- फोटो : अमर उजाला
आरोपों को जिलाधिकारी ने सिरे से खारिज किया
उधर, बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा डीएम आवास पर कथित रूप से बंधक बनाए जाने के आरोपों को जिलाधिकारी ने सिरे से खारिज कर दिया है। डीएम अविनाश सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यह आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है।
विज्ञापन
7 of 10
Bareilly City Magistrate Alankar Agnihotri
- फोटो : अमर उजाला
घटनाक्रम को लेकर बातचीत के लिए खुद डीएम आवास आए थे
डीएम ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट यूजीसी नियमों और हालिया घटनाक्रम को लेकर बातचीत के लिए स्वयं डीएम आवास आए थे। वहां एडीएम, एसएसपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सभी की उपस्थिति में कॉफी टेबल पर सौहार्दपूर्ण और शांत वातावरण में चर्चा हुई। किसी प्रकार का दबाव, रोक-टोक या अनुचित व्यवहार नहीं किया गया।
8 of 10
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के आवास पर जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
'अपशब्दों या अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं हुआ'
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान किसी तरह के अपशब्दों या अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट के साथ मानवीय और प्रशासनिक मर्यादाओं के अनुरूप संवाद किया गया।
डीएम ने बंधक बनाए जाने जैसी भाषा का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इससे गलत संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हमेशा संवाद, सहमति और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। किसी अधिकारी के साथ अन्याय या जबरदस्ती का सवाल ही नहीं उठता।
मतभेद हो सकते हैं, लेकिन गंभीर सनसनीखेज आरोप लगाना गलत: डीएम
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा लगाए गए आरोप गलत बयानबाजी का परिणाम हैं। डीएम का यह भी कहना था कि मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन संवाद को सनसनीखेज आरोपों में बदलना उचित नहीं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम में संयम, संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और आगे भी यही रास्ता अपनाया जाएगा।