बदायूं के मूसाझाग क्षेत्र के गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट के दो अफसरों की हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह और उसके ताऊ की 11 दुकानों को जिला प्रशासन ने मंगलवार को ध्वस्त कर दिया। चार घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चली।
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आरोपी अजय की दुकानों पर चला बुलडोजर ौ
- फोटो : अमर उजाला
बदायूं के एचपीसीएल के दो अफसरों की प्लांट में निर्ममता से हत्या के बाद सैजनी में हुई बुलडोजर की कार्रवाई से शासन ने खुराफातियों को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि दबंग अजय का काली कमाई से बना किला तब ढह सका जब दो अफसरों की जान चली गई।
मंगलवार को दो बुलडोजरों ने अजय प्रताप सिंह और उसके ताऊ राकेश सिंह की अवैध मार्केट को रौंद डाला। इस कार्रवाई को देखने के लिए इलाके के हर उम्र के लोग यहां भीड़ लगाए रहे। इनमें से अधिकांश लोग अजय और उसके परिवार की दबंगई से अच्छी तरह वाकिफ थे। राजनीतिक व रसूखदार लोगों से अजय की नजदीकी का भी लोगों को पता था।
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कई घंटे तक चली कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
कई लोगों ने अमर उजाला की टीम से बातचीत में यह स्वीकार किया कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि अजय के अवैध साम्राज्य पर इस तरह की कार्रवाई भी हो सकती है। वह बड़े लोगों के साथ उठता-बैठता था और बड़ी बातें करता था। पुलिसवालों से लेकर तहसील के स्टाफ तक से उसकी अच्छी दोस्ती थी। इलाके में कार्रवाई पुलिस अक्सर अजय से सलाह लेकर ही किया करती थी। ऐसे में उसका मार्केट टूटना बड़ी बात है। लोगों का यह भी कहना था कि देखो...अजय का रसूख टूट रहा है।
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एचपीसीएल प्लांट में हुआ था डबल मर्डर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ उम्रदराज लोगों का कहना था कि अजय के खिलाफ कंपनी के अधिकारी काफी पहले से शिकायत कर रहे थे। अगर यह कार्रवाई तब हुई होती तो शायद दोनों अफसरों को अपनी जान न गंवानी पड़़ती। वहीं उन्हें अब भी यह भय है कि कहीं अजय जेल से छूटकर या उसके गुर्गे दोबारा दहशत न फैला दें। इसलिए कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा है।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जेल अस्पताल में भर्ती आरोपी अजय घटना के बारे में बंदियों से ले रहा जानकारी
जेल अस्पताल में भर्ती दो अफसरों की हत्या का आरोपी अजय प्रताप सिंह की हालत सामान्य है। लेकिन उसे घटना के बाद से क्षेत्र की गतिविधि जानने की लालसा दिख रही है। वह कभी अखबार मांग रहा है तो कभी टीबी चलवाने की गुहार जेल प्रशासन से लगा रहा है। बताया है कि उसके दोनों पैरों पर प्लास्टर लगा हुआ है। दोनों समय वह खाना भी खा रहा है।
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बदायूं दोहरा हत्याकांड
- फोटो : संवाद
12 मार्च को अपराह्न करीब दो बजे फिल्मी अंदाज में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद वह गाड़ी से मूसाझाग थाने पहुंचा और आत्म समर्पण कर दिया था।
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मुठभेड़ में घायल हुआ था अजय
- फोटो : संवाद
पुलिस ने एक तमंचा उसके पास से बरामद कर लिया था। लेकिन उसने दो तमंचे ले जाने की बात कबूल की तो पुलिस उसको तमंचा बरामद कराने को ले गई। तमंचा बरामद करते समय आरोपी ने तमंचे से ही पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जबावी फायरिंग में उसके दोनों पैरों में गोली लगी। उसको पुलिस ने 12 मार्च की शाम को ही कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह
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आरोपी को जेल प्रशासन ने जेल अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया है। बताया गया है कि उसके दोनों पैरों पर प्लास्टर लगा हुआ है। जेल में वह घटना के बाद से क्षेत्र की गतिविधियां जानने को आतुर है। कभी वह अखबार पढ़ने को मांग रहा है, तो कभी टीबी चलाने की जेल प्रशासन से गुहार लगा रहा है। जेर रणजंय सिंह बताया कि आरोपी के दोनों पैरों में प्लास्टर चढ़ा है और वह जेल अस्पताल में भर्ती है।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद तैनात पुलिस
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सीएम कार्यालय से भी हो रही निगरानी, पीएमओ की भी नजर
एचपीसीएल प्लांट के दो अफसरों की हत्या के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली की भी नजर है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी इस मामले को लेकर मुलाकात की है। जितिन प्रसाद ने अपने सोशल मीडिया के एक्स पर इसकी पोस्ट की है।सूत्र बताते है कि पीएमओ की इस घटना पर नजर है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसे नहीं बताया जा रहा है। वहीं सीएम कार्यालय से भी पूरे मामले में हो रही कार्रवाई की लगातार निगरानी की जा रही है।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह की दुकानों पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
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बदायूं हत्याकांड के आरोपी के रसूख पर चला बुलडोजर
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में कंपनी के दो अफसरों की हत्या के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई ने मंगलवार को रफ्तार पकड़ ली। हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह और उसके ताऊ के सैजनी गांव में बने अवैध मार्केट को बुलडोजरों ने ध्वस्त कर दिया। पंचायत घर की मूल जगह पर इस परिवार की ओर से दबंगई दिखाते हुए मनमुताबिक बनवाई गई बिल्डिंग भी ढहा दी गई।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह की दुकानों पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
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अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस के बाद मंगलवार को टीम आरोपी अजय और उसके परिवार की अवैध रूप से बनाए हुए मार्केट के ध्वस्तीकरण के लिए पहुंच गई। मूसाझाग, दातागंज, हजरतपुर व आसपास के थानों की पुलिस के साथ दातागंज के एसडीएम और सीओ ने सुबह ही वहां डेरा डाल दिया। हजरतपुर रोड को पुलिस-प्रशासन की गाड़ियां लगाकर बंद कर दिया गया। सुबह दस बजे से दो बजे तक दो बुलडोजरों ने पहले अजय की छह दुकानों व आवासीय परिसर वाला मार्केट गिराया। फिर उसके ताऊ पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश प्रताप सिंह के मार्केट की पांच दुकानें गिरा दीं।
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प्रशासन ने रविवार को चस्पा किया था नोटिस
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अवैध निर्माण ध्वस्त कर पंचायत घर की जगह ली कब्जे में
सैजनी चौराहे के दूसरे छोर पर पंचायत घर की मूल जमीन पर अजय का परिवार मनमुताबिक निर्माण कराकर भवन का निजी इस्तेमाल कर रहा था। परिवार से ही ग्राम प्रधान होने का लाभ उठाकर पंचायत घर दूसरी जगह बनवा दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, नक्शे से मिलान कर यह जगह खाली कराई गई।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह और उसके परिवार की मार्केट
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बंजर सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाया था मार्केट
सैजनी चौराहा से हजरतपुर को जाने वाली रोड पर अजय और उसके ताऊ ने अपने मार्केट बनवाए थे। पीडब्ल्यूडी की इस रोड के किनारे की यह जगह सरकारी अभिलेख में बंजर जमीन के रूप में दर्ज है। अजय और ताऊ राकेश सिंह ने दुकानें किराये पर दे रखी थीं। भतीजे के साथ आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने वाले ताऊ राकेश सिंह को भी अब हत्याकांड का खामियाजा भुगतना पड़ा। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नोटिस का कोई जवाब न देने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
आरोपी अजय प्रताप सिंह की दुकानों पर चला बुलडोजर
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40 और दुकानें ढहाई जा सकती हैं जल्द
अजय के साथ ही उसके परिवार के अन्य लोगों ने भी यहां रोड किनारे की महंगी जमीनों पर कब्जा कर दुकानें बनवा रखी थी। इसकी आड़ में अन्य बिरादरी के कुछ अन्य रसूखदार लोगों ने भी सैजनी चौराहे के पास अपनी-अपनी दुकानें बनवा ली थीं। अब इन लोगों की करीब 40 दुकानें इसी तरह बंजर जमीन पर बनाने की पुष्टि हुई है। एसडीएम ने बताया कि इन सभी को नोटिस दिया जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इन दुकानों को भी ध्वस्त किया जाएगा।