बदायूं शहर की बाबा कालोनी... उसमें संपन्न परिवार के दुमंजिला मकान की छत पर दो मासूम भाइयों आयुष (13) और अहान (06) की इतनी बेरहमी से हत्या की गई कि मौका-ए-वारदात पर नजर डालने वाले भी एकबारगी कांप उठें।
आखिर क्यों? तत्काल हर एक जेहन में उठे इस सबसे बड़े सवाल का जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है। जवाब देने वाला साजिद पुलिस की मुठभेड़ में ढेर हो चुका है और उसके साथ बताया जा रहा उसका भाई जावेद फरार है। पूरे जिले की 24 पुलिस टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
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मृतक बच्चों के पिता विनोद ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
दस साल की जान-पहचान... 24 वार में तमाम
ठेकेदार विनोद ठाकुर के बेटे आयुष और अहान की हत्या मंगलवार शाम करीब सात बजे साजिद ने की जिससे उनकी दस साल पुरानी जान-पहचान थी। पोस्टमार्टम में पता चला कि साजिद ने दोनों बच्चों पर कुल 24 वार किए थे जिसमें से आयुष के शरीर पर 14 और अहान के जिस्म पर 9 घाव हुए।
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आरोपी साजिद का फाइल फोटो
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अलापुर थाना क्षेत्र के कस्बा सखानूं में रहने वाले साजिद का सिविल लाइंस क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में सैलून था। वह सालों से यहां दुकान चला रहा था। सैलून के सामने ही विनोद ठाकुर का मकान है। वहीं उसकी पत्नी संगीता ब्यूटी पार्लर चलाती हैं।
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विनोद ठाकुर, आरोपी साजिद
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विनोद और साजिद के बीच पारिवारिक संबंध होने की बात भी सामने आई है। साजिद का विनोद के घर काफी आना-जाना था। साजिद बच्चों से बेहद प्यार भी करता था।
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बाबा कॉलोनी में जुटी लोगों की भीड़
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यही कारण है कि दोनों बच्चों की हत्या करना लोगों के गले नहीं उतर रहा। हालांकि हत्या की वजह अब भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं, लेकिन यह साफ है कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है उसके पीछे हत्या की कोई ठोस वजह जरूर रही होगी।
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एंबुलेंस से ले जाए गए बच्चों के शव
- फोटो : अमर उजाला
परिवार के लोग हत्या की वजह बताने से कतरा रहे हैं। परिवार तो केवल पांच हजार रुपये मांगने की ही बात दोहरा रहा है। पुलिस ने दोनों बच्चों का पंचनामा भरने के बाद बुधवार सुबह नौ बजे पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आयुष के गले पर चाकू से वार किए गए, जबकि अहान का गला रेता गया।
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बच्चों के शवों को देख बेसुध हुईं मां और दादी
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जावेद और साजिद को भइया जी कहते थे दोनों बच्चे
आयुष और अहान की हत्या के बाद बच्चों की दादी मुन्नी देवी ने कहा कि हत्या का कारण साफ हो। पुलिस हमें बताए, हमारी गलती क्या है। क्यों घटना हुई। उन्होंने कहा कि आरोपी ने अपनी परेशानी बताई तो उसे हमारी बहू ने पांच हजार रुपये दिए। फिर भी उसने बच्चों की जान ले ली। अब पुलिस दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करे और पूछताछ करे तो पूरा मामला खुले।
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पोती सीने से लगाकर बिलखती मुन्नी देवी
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दादी मुन्नी देवी ने कहा कि आरोपी जावेद और साजिद के साथ रुपयों का लेनदेन उनकी जानकारी में नहीं हैै। बोलीं- अगर वह बेटे विनोद से रुपये ले जाते हैं, तो उन्हें पता नहीं। उन्होंने बताया कि पूरे मोहल्ले में उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं। बच्चे तो दोनों आरोपियों को भइया जी कहकर बुलाते थे। सामने ही दुकान थी। वहां बाल कटवाने बच्चे जाते थे तभी परिचय हुआ था। तभी सपंर्क बना।
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मुख्य आरोपी साजिद का फाइल फोटो
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उन्होंने बताया कि जब हत्या हुई वह वे कमरे में थीं। ऊपर से मझला नाती पीयूष छत पर जावेद के लिए पानी लेकर गया तो उसके मुंह से यही निकला अरे जावेद भईया ये क्या कर रहे हो? वह चीखा तो हत्यारे ने उसका मुंह दबाया, इसने हाथ मारा तो पानी का गिलास छूटकर गिर गया।
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हत्याकांड के बाद सहमा हुआ है पीयूष
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पीयूष नीचे को आया और बोला- अरे अम्मा दादा को तो उसने हाथ काट दिया। फिर बोला-अरे अब ऊपर मत जाना। तब तक आरोपी नीचे आया। जाते वक्त उसके हाथ में चाकू नहीं दिखा था लेकिन जब नीचे आया तो हाथ में खून से सना चाकू था।
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मृतक बच्चों की दादी मुन्नी देवी
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अगर मुठभेड़ से पहले साजिद पूछताछ की गई होती तो हत्या का कारण सामने आ सकता था। अब जावेद को पकड़ा जाए और पूछा जाए कि बच्चों की जान क्यों ली गई क्योंकि हमारी न तो किसी से रंजिश थी और कोई विवाद।-मुन्नी देवी, आयुष और आहान की दादी
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बच्चों की मां को ढाढ़स बंधाती परिजन
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हत्यारोपी जावेद के हाथ में पांच हजार रुपये दिए थे। साजिद ने कहा था कि उसकी पत्नी की डिलीवरी होनी है और पांच हजार रुपये उसे उधार चाहिए। अगर रंजिश होती तो हम मदद क्यों करते? -संगीता, आयुष और आहान की मां
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घटना से सहमा हुआ है पीयूष
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कभी दादी से चिपकता है पीयूष तो कभी रोती हुई मां को देता थपकी
पोते पीयूष को सीने से चिपकाए दादी मुन्नी देवी के आंसू नहीं रुक रहे हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पीयूष कभी दादी से चिपकर रो रहा है तो कभी रोती मां को थपकी देता नजर आया। घटना से ही वह सहमा हुआ है।
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बच्चों की हत्या से पिता और मां को रो-रोकर बुरा हाल
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सिविल लाइंस इलाके की बाबा कॉलोनी निवासी विनोद कुमार लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी में जल जीवन मिशन में ठेकेदारी करते हैं। पत्नी सुनीता ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। परिवार खुशहाल था। किसी प्रकार का कोई दुख परिवार को नहीं था। दादी मुन्नी देवी होमगार्ड हैं। वह बार- बार दोनों पोतों को याद कर बेसुध हो रही है।
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पीड़ित विनोद को ढाढ़स बंधाते पुलिस अधिकारी
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रोते-रोते उनका यही कहना है कि हंसते खेलते परिवार को किसकी नजर लग गई। भगवान ने परिवार पर दुखों का पहाड़ ही गिरा दिया। मां सुनीता जब भी होश में आती है तो मुंह से यही निकल रहा है कि मेरे आयुष और अहान को बुलाओ। कुछ देर रोने के बाद वह बार-बार अचेत हो रही है। परिवार से लेकर रिश्तेदार भी उनको समझा रहे हैं लेकिन एक मां जिसके दो जिगर के टुकड़े हमेशा के लिए छोड़ गए, यह दर्द सहन करना सबके बस की बात नहीं है।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी व अन्य पुलिस अफसर
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जावेद की तलाश में लगीं 24 टीमें
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जावेद और साजिद पर एफआईआर दर्ज है। साजिद मुठभेड़ में मारा जा चुका है। जावेद का कुछ पता नहीं है। उसकी तलाश में 24 टीमें लगाई गईं हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी के पिता बाबू समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर अलापुर थाने में बैठा लिया है। पूछताछ की जा रही है। अब तक हत्यारोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।