वजीरगंज इलाके में जिस सुखवीर की हत्या करके शव को बाग में फेंक दिया गया, उसके परिवार वाले 25 जुलाई से ही थाने के चक्कर काट रहे थे। बमुश्किल पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज की। जब अपहरण के आरोप में मामला तरमीम किया गया तो भी एसओ और चौकी इंचार्ज राजदीप उन्हें टहलाते रहे। हैरानी की बात यह है कि एसओ और चौकी इंचार्ज ने केवल परिवार वालों को ही नहीं अधिकारियों को भी गुमराह किया और युवक की लोकेशन दिल्ली में बताई गई। ग्राम पेंपल निवासी सुखवीर तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। वह खेतीबाड़ी कर रहा था। परिवार वालों के मुताबिक सुखवीर 24 जुलाई को गांव के अखिलेश के साथ खेत पर गया था। आरोप है कि नामजद आरोपी कोमिल, रामपाल, कल्लू उर्फ कल्यान उस बाग में पहले से मौजूद थे। उनके पास धारदार औजार थे। कोमिल पर तमंचा था।
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने सुखवीर को पकड़ लिया था जबकि अखिलेश वहां से भाग आया था। सुखवीर के बड़े भाई सुनील ने बताया कि उन्होंने अखिलेश से भी अपने भाई के बारे में पूछा था लेकिन उसने डर की वजह से कुछ नहीं बताया। रात साढ़े नौ बजे जब उसका मझला भाई रजनीश बाग में पहुंचा, तो भी आरोपी वहां थे लेकिन सुखवीर नहीं था। उसकी आरोपियों से कहासुनी भी हुई थी।
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पथराव में घायल एसओ
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दूसरे दिन कुछ लोगों ने अफवाह फैलाई कि सुखवीर एक नामजद आरोपी की पत्नी को लेकर दिल्ली भाग गया है। फिर यह बताया कि उसकी पत्नी आ गई है, उन्होंने इस संबंध में थाना पुलिस से कार्रवाई की मांग की। एसओ प्रकाश सिंह और चौकी इंचार्ज राजदीप उन्हें टहलाते रहे। उन्हें बताया कि सुखवीर जीवित है और दिल्ली में है। उसे लाने के लिए जल्द ही टीम भेजी जाएगी।
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युवक की मां को समझाती हुईं एसडीएम
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28 जुलाई को पुलिस ने बमुश्किल आरोपियों के खिलाफ अपहरण के आरोप में मामला तरमीम किया। परिवार वालों का आरोप है कि उन्होंने कई चक्कर लगाए तो आरोपी पकड़कर थाने लाए गए। उन्हें एक रात थाने में रखा। उन्हें खाना खिलाया, चाय नाश्ता कराया। दूसरे दिन एक नेता के कहने पर उन्हें छोड़ दिया गया। अगर पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो शायद सुखवीर जीवित होता।
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घटनास्थल पर पुलिस बल के साथ एसपी देहात
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सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में एसएसपी ने भी जानकारी ली थी। उन्हें बताया गया कि युवक की लोकेशन दिल्ली में मिली है। एसओ ने पूर्व में यह बयान भी दिया था। शनिवार को पुलिस की इसी लापरवाही से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और एसओ को देखकर भड़क गए। उन्होंने पथराव किया।
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murder after kidnapping
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परिवार वाले बोले-एक दिन पहले बाग में डाला गया शत-विक्षत शव
युवक के परिवार वालों का कहना है कि शनिवार को जिस बाग में सुखवीर का शत-विक्षत शव पड़ा मिला, वह एक दिन पहले ही शुक्रवार को डाला गया। उसकी हत्या कर दी गई थी, फिर शव को गड्ढे में दबा दिया गया। अगर शव बाग में पड़ा होता तो लोगों को पता चल गया होता। हर समय लोग बाग में आते-जाते रहते हैं।
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murder after kidnapping
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एसडीएम ने दिया आश्वासन, तीन दिन में कराएंगे कार्रवाई
एसडीएम ज्योति शर्मा शनिवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने परिवार वालों को आश्वासन दिया कि उन्हें तीन दिन का समय दिया जाए। तीन दिन में वह घटना की तह तक जाने की कोशिश करेंगी। इसकी गंभीरता से जांच कराएंगे। अगर परिवार वाले संतुष्ट नहीं होते हैं तो किसी एजेंसी से जांच कराएंगे।
परिवार को देखकर भड़क जाते थे एसओ
परिवार वालों ने बताया कि एसओ इस घटना को गंभीरता से लेते तो शायद सुखवीर की हत्या नहीं होती। एसओ उन्हें थाने में देखकर भड़क जाते थे। उनकी कॉल नहीं उठाते थे। उनसे एक ही बात कहते थे कि वह दिल्ली भाग गया है। शुक्रवार को भी युवक के भाई ने एसओ को कॉल की थी। तीन बार घंटी गई लेकिन कॉल नहीं उठी। चौकी इंचार्ज राजदीप भी ऐसा कर रहे थे। शनिवार को शव मिलने के बाद पुलिस को खूब खरीखोटी सुनाई गई।