Bareilly News: बरेली में पुलिस ने ऐसे 350 आरोपियों के फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं, जो बवाल के बाद से लापता हैं। आरोपियों की लोकेशन पता की जा रही है ताकि जल्द गिरफ्तारी की जा सके। पुलिस उन सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही है, जिन पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट की गई थी।
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बरेली बवाल: 26 सितंबर को हुई थी घटना
- फोटो : अमर उजाला
बरेली में 26 सितंबर को बवाल करके भागे मौलाना तौकीर के करीबियों व समर्थकों की तलाश तेज हो गई है। ऐसे 350 आरोपियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाकर उनकी लोकेशन पता की जा रही है। साथ ही, भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वाले 117 सोशल मीडिया अकाउंट की जांच भी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक आईएमसी के पदाधिकारियों, सक्रिय सदस्यों और मौलाना के करीबियों ने बवाल के दौरान भीड़ का नेतृत्व किया था। बवाल के मुकदमे में इनमें से कुछ नामजद हैं तो फोटो-वीडियो से पहचान के बाद कुछ के नाम मुकदमों में शामिल किए गए हैं। इसकी भनक लगते ही वे भाग निकले। उधर, बवाल के आरोपियों और उनके मददगारों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है।
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Bareilly Violence
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक ऐसे 350 लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। इनमें से कुछ के फोन लिसनिंग पर लेकर भी उनकी गतिविधियों की टोह ली जा रही है। उनके परिवार के सदस्यों को उठाकर भी दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही 117 सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की जा रही है। इनमें 32 एक्स और बाकी फेसबुक अकाउंट हैं, जिनके जरिये बवाल के पहले से विवादित पोस्ट किए जा रहे थे। कुछ अकाउंट ऐसे भी हैं, जिनसे बवाल के बाद भी विवादित सामग्री शेयर की गई।
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Bareilly Violence
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रेलवे स्टेशनों व बस अड्डों के सीसी कैमरों की जांच
पुलिस का मानना है कि बवाल के बाद ज्यादातर खुराफाती कारों व बाइक से शहर से भागे होंगे। उनकी तलाश में टोल प्लाजा के सीसी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। कुछ आरोपियों के ट्रेन या बस से भागने की आशंका है। इसलिए एसएसपी ने रेलवे स्टेशनों व बस अड्डों पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज चेक कराने का आदेश दिया है।
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कई संपत्तियां हो चुकी हैं चिह्नित
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नुकसान का आकलन शुरू, आईएमसी से होगी भरपाई
पुलिस ने कई मुकदमों में आरोपियों पर लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत भी धाराएं लगाई हैं। बवाल के दिन पुलिस की एंटी राइट गन, वायरलेस आदि की तोड़फोड़ व चोरी की गई थी। कई बैरिकेड भी तोड़ दिए गए थे। एक दंत चिकित्सक की दुकान के शीशे व दो बाइकें भी तोड़ी गई थीं। कोतवाली पुलिस अब इस नुकसान का आकलन कर रही है। कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि आईएमसी की ओर से भीड़ बुलाई गई थी, ऐसे में इस तरह के सभी नुकसान की भरपाई इसी पार्टी से की जाएगी।
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नौमहला मस्जिद मोड़ पर तैनात पुलिस बल
- फोटो : अमर उजाला
सीमा पर चेकिंग के बाद निकाले वाहन
नमाज के मद्देनजर बृहस्पतिवार रात से जिले से लगी उत्तराखंड व प्रदेश के अन्य जिलों की सीमा पर बैरियर लगा दिए गए थे। इन सभी स्थानों पर चेकिंग के बाद ही वाहनों को निकाला गया। शुक्रवार दोपहर बाद चेकिंग हटा ली गई। हालांकि विपक्षी दलों के लोगों की जिले में आमद को लेकर पुलिस प्रशासन अभी से चौकन्ना है।
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एडीजी रमित शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस प्रशासन पर जनता का भरोसा : एडीजी
एडीजी जोन रमित शर्मा ने बताया कि पुलिस-प्रशासन ने जिस तरह कार्रवाई की, उससे जनता का भरोसा बढ़ा है। जल्दी ही माहौल और बेहतर होगा। सब सामान्य हो जाएगा। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, किसी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी।
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होटल और बरातघर हो चुके हैं सील
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बवाल के आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर चलेगा बुलडोजर
बवाल के आरोपियों और उनके मददगारों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है। जो भवन, मार्केट और बरातघर बीडीए के सीमा क्षेत्र हैं और मानचित्र के विपरीत बने हैं या फिर मानचित्र स्वीकृत नहीं हैं, अधिकारी उनकी कुंडली तैयार कर रहे हैं।
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बरेली में तैनात पुलिस बल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने आरोपियों की सूची बीडीए को उपलब्ध करा दी है। संपत्तियों पर कार्रवाई के लिए कोई लिखित आदेश नहीं है, लेकिन आरोपियों का मनोबल तोड़ने के लिए शासन के स्पष्ट निर्देश हैं। कानून-व्यवस्था के ताजा हालात की समीक्षा के साथ ही कार्रवाई शुरू होगी।
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मौलाना तौकीर रजा
- फोटो : अमर उजाला
मौलाना तौकीर रजा के करीबियों की संपत्तियां चिह्नित भी कर ली गईं हैं। बीडीए वीसी मनिकंडन ए ने बताया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों परपुलिस कार्रवाई कर रही है। अगर निर्माण मानचित्र की शर्तों के विपरीत है तो प्राधिकरण भी कार्रवाई कर सकता है।
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नदीम खान और डॉ. नफीस
- फोटो : अमर उजाला
जेल गए तीन आरोपियों की संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला
बवाल में जेल गए फरहत खां, डॉ. नफीस, नदीम खान और अनीस सकलैनी की संपत्तियों की सूची बनाई गई है। इनमें होटल, मैरिज हाॅल, शोरूम और आवासीय भवन शामिल हैं। अनीस सकलैनी आईएमसी का महानगर अध्यक्ष है। पुलिस और प्रशासन का संकेत मिलते ही बीडीए कार्रवाई करेगा। बुलडोजर भी चल सकता है।
भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल
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राष्ट्रीय एजेंसी से कराएं मामले की जांच : राजेश
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार शाम को मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि शहर के हालिया बवाल और अतीत की घटनाओं का रिकाॅर्ड खंगालते हुए किसी राष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए। तभी यह सच उजागर हो सकेगा कि आखिर किसकी शहर पर शहर में बवाल हुआ? जिस शख्श को बवाल का मास्टरमाइंड मानकर गिरफ्तार किया गया, उसके पीछे कौन है? किसकी शह थी? यह भी साफ होना चाहिए। तभी शहर में दंगों का सिलसिला थमेगा।