बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस को पुलिस ने सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। उसकी मार्केट को दिन में नगर निगम ने सील किया। इसमें 74 दुकानें हैं। वहीं मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है।
विज्ञापन
1 of 9
पुलिस ने डॉ. नफीस को किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
बरेली में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के करीबी और शहर में हुए बवाल के आरोपी डॉ. नफीस की नावल्टी स्थित मार्केट को नगर निगम ने सोमवार को सील कर दिया। इसमें 74 दुकानें हैं। इसी मार्केट में आईएमसी का दफ्तर भी संचालित किया जा रहा था। उस पर भी नगर निगम ने ताला लगा दिया है। आरोप है कि नाले पर कब्जा कर यह मार्केट बनाई गई है। देर रात नफीस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आईएमसी जिलाध्यक्ष सादिक को भी पकड़ लिया है। आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष और तौकीर के सिपहसालार नदीम खान को पुलिस ने रविवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया था। उपद्रव की तफ्तीश के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। वहीं, रात 12.45 बजे इंटरनेट सेवा बहाल हो गई।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 9
कार्रवाई के दौरान तैनात रहा पुलिस बल
- फोटो : अमर उजाला
पूरा मार्केट किया गया सील
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि पहलवान साहब की मजार के पास की मार्केट की कई दुकानें नाले पर बनी हैं, जो अवैध हैं। शनिवार शाम को ही नगर निगम की टीम ने मार्केट की पैमाइश कर ली थी। सोमवार को टीम मौके पर पहुंची और दुकानदारों को सामान निकालने के लिए कहा। जैसे-जैसे दुकानें खाली होती गईं, एक-एक कर उनको सील किया गया। फिर पूरी मार्केट पर बाहर से भी सील लगा दी।
विज्ञापन
3 of 9
नावल्टी स्थित मार्केट को सील किया गया
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे तल पर आईएमसी का दफ्तर
मार्केट के दूसरे तल पर स्थित आईएमसी कार्यालय में बैठकर नफीस जिले में होने वाले संगठन के सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करता था। इस कार्यालय में मौलाना तौकीर का दो-तीन बार ही आना-जाना हुआ है। डॉ. नफीस ही संगठन की पूरी रणनीति को अंजाम देता था। नफीस का करीबी पार्षद अनीस सकलैनी मार्केट में पंचायत लगाकर बैठता था। पिछले दिनों नफीस ने आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर उतारने पर किला इंस्पेक्टर को हाथ काटने और वर्दी उतारने की धमकी दी थी।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने नदीम के साथ ही मुस्तकीम, जफरुद्दीन, मोहम्मद इमरोज, मुसरोफ शेख, शमशेर रजा, मोहम्मद उवैस, राहिल, मोहम्मद साजिद, समीर, जीशान, फैसल, तौहीद खान व फरमान को भी अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया।
आईएमसी जिलाध्यक्ष सादिक सहित 31 गिरफ्तार
बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि कसाई टोला निवासी उमेद, मुस्तकीम, अरबाज, कलीम, मोबीन, नाजिम रजा, मोहसिन, शाकिब, रफीक, जैनुल, तौहीन, फैसल, मोबीन पुत्र छोटेशाह, अरशद व सुब्हान को गिरफ्तार कर लिया गया। देर रात बारादरी पुलिस ने आईएमसी के जिलाध्यक्ष फरीदपुर निवासी सादिक खान को भी गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
6 of 9
आरोपी नदीम खान को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का वायरलेस हैंडसेट लेकर भागा था नदीम
आईएमसी का पूर्व जिलाध्यक्ष और मौलाना तौकीर का खास गुर्गा नदीम खां उपद्रव के दौरान पलिस का वायरलेस हैंडसेट भी छीनकर ले गया था। कोतवाली पुलिस ने नदीम की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर हैंडसेट बरामद कर लिया। माना जा रहा है कि नदीम व अन्य आरोपियों ने पुलिस की गोपनीय बातें सुनने के लिए इस हैंडसेट का इस्तेमाल किया होगा। साथ ही, वह सेट जिस टीम का रहा होगा, उसका दूसरी टीमों से संपर्क भी टूट गया होगा।
विज्ञापन
7 of 9
आरोपी नदीन खान
- फोटो : अमर उजाला
भड़काने वालों में सबसे आगे था नदीम
एसएसपी अनुराग आर्य ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि नदीम खां मौलाना तौकीर का बेहद भरोसेमंद है। शुक्रवार को बवाल के दौरान भीड़ को उकसाकर प्रदर्शन की अगुवाई करने वालों में वह सबसे आगे था। कोतवाली प्रभारी अमित पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रविवार रात कोतवाली क्षेत्र से ही नदीम की गिरफ्तारी की।
एसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी गठित
बवाल की जांच के लिए डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि एसआईटी में एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में तीन सीओ और 14 इंस्पेक्टर शामिल हैं। सीओ प्रथम, द्वितीय और तृतीय को एसपी सिटी के सहयोग के लिए लगाया गया है।
10 मुकदमों की जांच करेगी एसआईटी
एसएसपी ने बताया कि बवाल को लेकर दर्ज किए गए 10 मुकदमों के विवेचक, एसओजी प्रभारी, सर्विलांस प्रभारी, साइबर सेल प्रभारी और मीडिया सेल प्रभारी को एसआईटी में शामिल किया गया है। एसआईटी घटना की जांच कर एक माह में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। आवश्यकता महसूस होने पर जांच की समयावधि बढ़ाई जा सकती है। एसएसपी ने कहा कि जिले की शांति और कानून-व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए पुलिस कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। जो भी इसमें बाधक बनने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई में देरी नहीं होगी।