Bareilly Murder News: भुता थाना क्षेत्र में बीसलपुर रोड पर मंगलवार शाम पुष्पेंद्र की हत्या से सनसनी फैल गई। बाइक सवार हमलावरों ने घेरकर उन पर गोलियां बरसाईं। तीन साल पहले पुष्पेंद्र के भाई की भी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुष्पेंद्र वादी थे। हत्यारोपियों ने उनको धमकी भी दी थी। जानते हैं हत्याकांड की पूरी कहानी...
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घटनास्थल पर पड़ी पुष्पेंद्र की बाइक
- फोटो : अमर उजाला
बरेली के भुता थाना क्षेत्र में पुष्पेंद्र की हत्या के मामले में परिजनों ने कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को देने के साथ ही वायरल की हैं, जो हत्यारोपियों के खतरनाक इरादों को बता रही हैं। आरोपियों ने कोर्ट का फैसला आने से पहले ही पुष्पेंद्र को निपटाने की धमकी उसके करीबियों के जरिये दी थी। इससे पुष्पेंद्र सजग भी था, लेकिन गांव से निकलते ही मंगलवार को उसकी हत्या कर दी गई। बाइक सवार हमलावरों ने बीसलपुर रोड पर नवदिया सीएनजी पंप के समीप घेरकर पुष्पेंद्र के सीने में गोलियां दाग दीं। वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए।
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हिस्ट्रीशीटर पूरनलाल पटेल
- फोटो : अमर उजाला
जनवरी 2021 में हुई थी बड़े भाई की हत्या
प्लॉट व प्रधानी चुनाव की रंजिश में 20 जनवरी 2021 में पुष्पेंद्र के बड़े भाई विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पूर्व प्रधान हिस्ट्रीशीटर पूरनलाल पटेल व उसके परिजनों ने गोलियां मारी थीं। इसमें पूरनलाल, उसके भाई अर्जुन व चचेरे भाई पवन को नामजद किया गया था। साक्ष्य के अभाव में पूरनलाल व अर्जुन के नाम पुलिस ने निकाल दिए थे। हालांकि पूरनलाल जमीन के किसी दूसरे विवाद में अब भी जेल में है।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस, मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के मुकदमे में वादी थे पुष्पेंद्र
पुष्पेंद्र अपने भाई की हत्या के मुकदमे में वादी था। वादी समेत सभी की गवाही पूरी हो चुकी है और मुकदमा अंतिम चरण में कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस को सौंपी गई ऑडियो रिकॉर्डिंग में पुष्पेंद्र ने कार में बैठे हुए कॉल रिसीव करने वाले मोबाइल का दूसरे मोबाइल से वीडियो बनाया था।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की धमकी को हल्के में लिया
पुष्पेंद्र और विरोधी पक्ष दोनों का कोई करीबी दुश्मन की रणनीति के बारे में उन्हें बता रहा था। कह रहा था कि जेल में बंद पूरन के भतीजे व पवन का भाई सिपिन, पुष्पेंद्र की हत्या की योजना बना रहे हैं। वह कह रहे हैं कि फैसला आने से पहले पुष्पेंद्र को निपटा देंगे। पुष्पेंद्र ने उस वक्त इसे हल्के में लिया।
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मृतक के परिजनों को समझाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
शहर में रहता था परिवार, अकेले नहीं जाते थे गांव
भाई की हत्या के बाद पुष्पेंद्र अपने परिवार के साथ बरेली की आकाशपुरम कॉलोनी में रह रहे थे। वह कभी कभार गांव में रह रही मां को देखने व जमीन की देखभाल करने गांव आते थे। तब वह अकेले नहीं आते थे। फिलहाल बीमार मां को देखने व धान की फसल कटने के बाद गेहूं की बुआई कराने के लिए वह गांव आए थे। शाम ढलने से पहले ही गांव से निकल लिए थे पर शायद उनके गांव में पहुंचने के साथ ही आरोपियों ने हत्या की रणनीति तैयार कर ली थी और गांव से निकलते ही उनके पीछे लग गए।
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घटनास्थल पर पड़ी पुष्पेंद्र की बाइक
- फोटो : अमर उजाला
फुटेज में आया सच...दौड़ाया तो बाइक फिसली, फिर मारीं गोलियां
पुलिस ने घटनास्थल के पास घर में लगे सीसीटीवी को चेक किया तो उसमें हत्या की घटना भी आ गई। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि पुष्पेंद्र तेजी से बाइक लेकर आ रहा है जैसे कोई उसका पीछा कर रहा है। उसने बाइक साइड में करके भागने की कोशिश की पर बाइक फिसल गई है। इसके करीब आठ सेकेंड बाद एक बाइक आकर रुकती है। एक युवक बाइक चला रहा है। जबकि दो लोग बाइक से उतरकर पुष्पेंद्र को गोली मारते हैं। पुलिस ने डीवीआर कब्जे में ले लिया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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परिजनों ने पीलीभीत बाइपास पर जाम लगाने की कोशिश की
- फोटो : अमर उजाला
पीलीभीत बाइपास पर जाम लगाने की कोशिश
पीलीभीत बाइपास के अस्पताल के बाहर आक्रोशित परिजनों ने हंगामा किया और जाम लगाने की कोशिश की। वह पूरनलाल व पवन आदि के घर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे। इस विरोध को लेकर शहर में हत्या और बवाल जैसी अफवाह फैल गईं। लोगों ने पुलिस और अखबार के दफ्तरों में कॉल करके सच्चाई पता की।
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निजी अस्पताल में लाया गया था शव
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने एंबुलेंस से भेजा था अस्पताल
घटनास्थल पर ही पुष्पेंद्र की मौत होने के संकेत थे पर जान बचाने की कोशिश में पुलिस ने तत्काल ही उसे एंबुलेंस से बरेली भेज दिया। रास्ते में ही मोबाइल पर परिजनों से बात हो गई थी तो उन्होंने नजदीकी अस्पताल ले जाने के लिए कहा। पुलिस ने पीलीभीत बाइपास के एक अस्पताल में डॉक्टरों को दिखाया तो उन्होंने मृत घोषित कर दिया। तब तक पुष्पेंद्र के परिजन व ग्रामीण आ गए।
पुष्पेंद्र की हत्या के बाद बेसुध हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग
उन्हें मौत का पता लगा तो उनका गुस्सा बेकाबू हो गया। उन्होंने व्यवस्था के खिलाफ जमकर हंगामा किया और पूरनलाल व हत्यारोपियों को फांसी देने व उनके घरों बुलडोजर चलाने को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। एसएसपी ने सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव को भेजा। उन्होंने परिजनों को समझाया कि वह जो तहरीर देंगे, उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। तब वह मौके से हट गए और शव मोर्चरी लाया जा सका।