फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लेखपाल हत्याकांड: 'सारा खेल बिगड़ जाएगा... तुम्हारा हम सबका', कातिल मामा और भांजे की रिकॉर्डिंग से बड़ा खुलासा

Tue, 17 Dec 2024 12:49 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली के लेखपाल हत्याकांड में पुलिस ने पीपीटी के जरिए साक्ष्य दिखाए। कॉल रिकॉर्डिंग के साथ सबूत पेश किए। तंगी दूर करने के लिए ओमवीर ने वारदात को अंजाम दिया। लेखपाल मनीष की हत्या के दो आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
1 of 7
Bareilly lekhpal murder case - फोटो : अमर उजाला
बरेली के लेखपाल मनीष कश्यप हत्याकांड का पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को खुलासा किया गया। पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के जरिये हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य पेश किए गए। हत्या के आरोपी ओमवीर और उसके मामा नन्हे के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग अहम सबूत के रूप में पेश की गई। 

खुलासे पर उठ रहे सवालों पर एसएसपी ने कहा कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी से पूरा मामला साफ हो जाएगा।एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कॉल रिकॉर्डिंग व बैंक खातों की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्य आरोपी ओमवीर तंगी से जूझ रहा था। 
विज्ञापन

2 of 7
लेखपाल हत्याकांड: एसएसपी ने किया खुलासा - फोटो : अमर उजाला
सितंबर में उसके खाते में केवल चालीस रुपये बचे थे। उसने ऑनलाइन एप से उसे भी खर्च कर लिया। बैंक ने पांच रुपये ब्याज दिया जो किसी लोन में कट गया। ऐसे में उसे दुबला-पतला मनीष आसान लक्ष्य नजर आया। उनको उम्मीद थी कि मामला ठंडा पड़ते ही घरवालों से चार-पांच लाख रुपये मांगेंगे। दो से तीन लाख आसानी से मिल जाएंगे। इस बीच वे पकड़ लिए गए।
विज्ञापन

3 of 7
लेखपाल हत्याकांड: खुलासे के संबंध में जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
अभी हरकत की तो फंस जाओगे
एसएसपी ने ओमवीर व नन्हे की दो कॉल रिकॉर्डिंग सुनवाईं। हत्या के कुछ दिन बाद हुई ये बातचीत पुलिस ने टेप कर ली थी। ओमवीर ने मनीष का मोबाइल फोन फेंकने के बाद सिम रख लिया था। इसी नंबर से कॉल कर चलती हुई ट्रेन में फिरौती लेने की योजना थी। पांच दिसंबर को यह सिम एक मोबाइल फोन में डालकर देखा गया तो इनकमिंग व आउटगोइंग सब बंद थीं। तब ओमवीर इसे रिचार्ज कराने को उतावला हो गया था। मामा नन्हे झाड़फूंक करता था और खुद पर किसी जिन्न का साया बताते हुए खतरे का जिक्र किया था।

4 of 7
हत्यारोपी मामा-भांजे - फोटो : अमर उजाला
मामा नन्हे-भांजे ओमवीर के बीच यूं हुई बातचीत
ओमवीर- हां मामा बात हुई कुछ उसमें या नहीं
नन्हे- उसमें, उस टाइम मना कर दी थी। इस टाइम कुछ नहीं बताएंगे, शाम को बताएंगे।
ओमवीर-अच्छा
नन्हे-दोपहर को कोई नहीं मिलेगा
ओमवीर-अच्छा
नन्हे-हां
ओमवीर-तो रिचार्ज करवाना बेकार है।
नन्हे-रिचार्ज मत करवाओ मर जाओगे
ओमवीर-अच्छा
नन्हे-अभी बचे हुए तब भी हो।
ओमवीर-ये बात तुम्हारी मानेंगे खैर
विज्ञापन

5 of 7
लेखपाल मनीष का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
नन्हे-गाली देते हुए पैसा आए-जाए देख लेंगे, सेफ तो बचे हैं।
ओमवीर-हां
नन्हे-देखेंगे, ऐसा मत करना पैसा मत डलवा देना, मोबाइल में
ओमवीर-इसी मारे तुमसे पूछ ली है। ऐसे क्यूं कुछ करेंगेन
न्हे -हां मेरे लाल दिमाग से काम लेना कहीं हिलग गए तो कोई बचाने वाला नहीं होगा।
ओमवीर-न कोई नहीं बचाएगा
नन्हे-इसके बाद आगे कुछ और देखना है। थोड़ी तसल्ली करो।
ओमवीर-अच्छा ये बात मानेंगे।
नन्हे-वो बच जाएंगे, तुम पर धर जाएगा सारा खेल
ओमवीर-अभी तो वे चार फंसे ही हुए हैं
विज्ञापन

6 of 7
सीसीटीवी फुटेज में दिखी कार - फोटो : वीडियो ग्रैब
नन्हे- उन्हें फंसे रहने दो, सब्र करो कोई मंजिल ढूंढते हैं, कल तक।
ओमवीर-ठीक है।
नन्हे-मेरी बात मानो, हमसे पूछते हो इसलिए समझाते हैं।
ओमवीर-नहीं बात सही है। एक बार मन करा कहीं से रिचार्ज करवा लें
नन्हे-कैसे सही जवाब देंगे। ऐसा नहीं है धोखा नहीं होना चाहिए।
ओमवीर-ये बात तो सही कह रहे हो।
नन्हे-कहीं लड़का होगा, औरतें होंगी कहीं कोई होगा, दुनिया घर परिवार सब होगा। सारा खेल बिगड़ जाएगा। तुम्हारा हम सबका।
ओमवीर-बहुत ज्यादा नुकसान हो जाएगा फिर तो
नन्हे-हां गुम बैठो अभी
ओमवीर-जमानत तो न अटक रही होगी
नन्हे-न,न कोई नहीं कराएगा
ओमवीर-हां
नन्हें-ठीक से गुम बैठो। हम तुम्हें बताएंगे
ओमवीर-चलो बताना फिर हमें।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
लेखपाल हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
दूसरी रिकार्डिंग में मिल रहा शव जलाने का इशारा
ओमवीर- हैलो
नन्हे- हां बेटा
ओमवीर-क्या हो रहा
नन्हे-कहां आ गए
ओमवीर-हम तो घर चले आए
नन्हे-देखो ऐसा है साफ जवाब मिल गया, लगा-लिप्पी वाली बात नहीं
ओमवीर-हां
नन्हे-ऐसे ही शांत रहना
ओमवीर-अच्छा
नन्हे- नहीं तो मामला बहुत बिगड़ जाएगा, मना कर दी।
नन्हे- हां कोशिश मत करना, इस मामले की अब
ओमवीर- अच्छा
नन्हे-  हां, नहीं तो क्या फायदा जो घर बैठे हो वो भी नहीं बैठ पाए तो
ओमवीर-हां
नन्हे- हां जो गई सो गई बात, उसे जाने दो, और देखो
ओमवीर-अच्छा
नन्हे- ध्यान धरो आगे-पीछे का। गड्ढा में गिरोगे तो बहुत नुकसान होगा
ओमवीर-अच्छा बोल रहें तो
नन्हे-हां कतई गुम-गुम, कतई हवा न लगे किसी को
ओमवीर- अच्छा
नन्हे- और जो कुछ नपोर-भपोर हो तो भेज-भाज दो
ओमवीर- हां
नन्हे- गंगा में छोड़ देव कहीं
ओमवीर- जराए देव।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें