लेखपाल हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
दूसरी रिकार्डिंग में मिल रहा शव जलाने का इशारा
ओमवीर- हैलो
नन्हे- हां बेटा
ओमवीर-क्या हो रहा
नन्हे-कहां आ गए
ओमवीर-हम तो घर चले आए
नन्हे-देखो ऐसा है साफ जवाब मिल गया, लगा-लिप्पी वाली बात नहीं
ओमवीर-हां
नन्हे-ऐसे ही शांत रहना
ओमवीर-अच्छा
नन्हे- नहीं तो मामला बहुत बिगड़ जाएगा, मना कर दी।
नन्हे- हां कोशिश मत करना, इस मामले की अब
ओमवीर- अच्छा
नन्हे- हां, नहीं तो क्या फायदा जो घर बैठे हो वो भी नहीं बैठ पाए तो
ओमवीर-हां
नन्हे- हां जो गई सो गई बात, उसे जाने दो, और देखो
ओमवीर-अच्छा
नन्हे- ध्यान धरो आगे-पीछे का। गड्ढा में गिरोगे तो बहुत नुकसान होगा
ओमवीर-अच्छा बोल रहें तो
नन्हे-हां कतई गुम-गुम, कतई हवा न लगे किसी को
ओमवीर- अच्छा
नन्हे- और जो कुछ नपोर-भपोर हो तो भेज-भाज दो
ओमवीर- हां
नन्हे- गंगा में छोड़ देव कहीं
ओमवीर- जराए देव।