बरेली में सपा नेता आजम खां के करीबी सपा नेता समेत दो के बरात घरों पर बुलडोजर चला। 550 वर्ग मीटर क्षेत्रफल जमीन पर गुड मैरिज हॉल बना है। 400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल जमीन पर ऐवान-ए-फरहत बना है। बीडीए के दो बुलडोजर को एक मैरिज हॉल की दीवार और बाहरी गेट ध्वस्त करने में सवा तीन घंटे लगे। इस दौरान महिलाओं ने विरोध किया।
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दो बरातघरों पर हुई थी कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बरेली में सूफी टोला स्थित बरात घर ऐवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हाल को ध्वस्त करने का आदेश 12 अक्तूबर 2011 को जारी हुआ। आदेश के 14 साल एक माह 12 दिन बाद 24 नवंबर 2025 को बीडीए सचिव वंदिता श्रीवास्तव ने सरफराज वली खां और राशिद खां व उसके भाइयों नसीम खां व आसिफ खां को संबंधित भवन स्थलों को खाली करने का नोटिस जारी किया।
इसके बाद मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। इतने लंबे अरसे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह बीडीए की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल है। सपा नेता सरफराज वली खां की गिनती पूर्व मंत्री आजम खां के करीबियों में होती है। आजम खां जब उत्तर प्रदेश हज समिति के अध्यक्ष थे तो सरफराज सदस्य थे।
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बरेली में गरजा बीडीए का बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
सपा सरकार में सरफराज का खासा दबदबा था। सरफराज के सियासी रसूख का जायजा इसी से लगाया जा सकता है कि बारादरी थाने में दर्ज बिजली चोरी और मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के दो मुकदमे तत्कालीन सपा सरकार ने वर्ष 2014 में वापस ले लिए थे।
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बरेली में बुलडोजर कार्रवाई पर रोती-बिलखती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में समझा जा सकता है कि वर्ष 2011 में जारी ध्वस्तीकरण का आदेश अमल में क्यों नहीं लाया जा सका। सरफराज के चलते ही उनके पड़ोसी राशिद खां का अवैध निर्माण भी कार्रवाई की जद में आने से बचता रहा।
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बरेली में गरजा बीडीए का बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
फाइलों में ही दबा रहा अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश
वर्ष 2017 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और भाजपा की सरकार बनी तब भी सरफराज और राशिद के अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण का आदेश फाइलों में ही दबा रहा। 26 सितंबर 2025 को शहर में बवाल हुआ। इसके बाद मौलाना तौकीर रजा खां व उसके करीबियों पर कानूनी शिकंजा कसने के साथ ही उनके अवैध निर्माण कार्यों पर भी कार्रवाई शुरू हुई।
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बरेली में बुलडोजर कार्रवाई पर रोती-बिलखती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इसी क्रम में प्रदेश में सरकार बदलने के आठ साल नौ माह बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उधर, इस संबंध में बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने कहा कि सुनवाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय देने के बाद विधिसंगत तरीके से कार्रवाई की जा रही है। नियम-कानून की अनदेखी करने वाले कार्रवाई की जद में आते ही हैं।
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बरेली में बुलडोजर कार्रवाई पर हाथ जोड़ती पीड़ित महिला
- फोटो : अमर उजाला
सूफी टोला में दिनभर रहा गहमा-गहमी का माहौल
मंगलवार सुबह नौ बजे सूफी टोला के मुख्य मार्ग पर स्थित सरफराज और राशिद खां के बरात घरों के पास बीडीए के सिक्योरिटी गार्डों और अधिकारियों को देख वहां आसपास के लोग एकत्र हो गए थे। धीरे-धीरे काफी संख्या में लोगों के जुट जाने से आंतरिक गलियों में भी आवागमन बाधित हो गया।
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बरेली में बुलडोजर कार्रवाई पर रोती-बिलखती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
आधे घंटे निरीक्षण के बाद बीडीए की टीम वापस लौटकर मुख्य चौराहे के समीप बने एक मैरिज हाॅल में आ गई थी। साथ में मौजूद बीडीए के संयुक्त सचिव पुलिस बल के लिए सीओ पंकज कुमार के पास उनके कार्यालय चले गए थे। इधर, बीडीए के सहायक अभियंता धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत अन्य 10-12 कर्मी मैरिज हॉल परिसर में बैठ गए थे। यह लोग भी पुलिस बल आने के इंतजार में ऊब चुके थे।
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बरेली में बुलडोजर कार्रवाई पर रोती-बिलखती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
बरात घरों के ऊपरी तल को खाली कराने में बर्बाद हुआ समय
बीडीए के संयुक्त सचिव ने बताया कि दोनों बरात घर की दूसरी मंजिल पर सरफराज और राशिद के भाइयों के परिजन रह रहे थे। बरात घरों की तोड़फोड़ से पहले दूसरी मंजिल के भवन खाली कराने में दोपहर हो गई। इसमें पार्षद जया परवीन के पति लईक खां को लगाया गया था।
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बरेली में बुलडोजर कार्रवाई पर रोती-बिलखती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
लईक ने बताया कि उनके कहने पर सरफराज के परिवार की महिलाएं-बच्चे घर खाली कर सामने राशिद खां के घर चले गए थे। राशिद के दो अन्य भाई पप्पू व आसिफ का परिवार घर खाली करने को तैयार नहीं हुआ था। उनके परिवार को पुलिस ने समझाकर घर खाली कराया।
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बरेली में बुलडोजर कार्रवाई से परेशान महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
हमारे सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया
सूफी टोला में गुड मैरिज हॉल में चार दुकानें थीं। इसमें दो दुकान हॉल की रसोई के रूप में इस्तेमाल हो रही थी और दो किराये पर थीं। एक दुकान कपड़े की धुलाई व प्रेस करने वाले की और दूसरी कन्फेक्शनरी की दुकान थी। कन्फेक्शनरी के दुकानदार मजहर खान ने कहा कि हमारा क्या कसूर है, हम तो मुफ्त में चपेट में आ गए। इसी दुकान से रोजी-रोटी चलती थी। इसके अलावा कमाई का कोई जरिया भी नहीं है। हमारे सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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बरेली में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
तीन दिन से नहीं जला चूल्हा, तीन परिवार कहां जाएं
बुलडोजर को देख कर गुड मैरिज हॉल के ऊपरी हिस्से में रहने वाली महिलाओं की आंख से आंसुओं की धार रुक नहीं रही थी। राशिद के परिवार की आफरीन अनीस ने कहा कि यह हमारे दादा की जमीन है। तीन दिन से घर का चूल्हा नहीं जला है। बीडीए और पुलिस-प्रशासन मनमाने तरीके से कार्रवाई कर रहा है। 15-20 दिन की हमें मोहलत दें। जल्दबाजी में कार्रवाई की क्या जरूरत है।
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बरेली में गरजा बीडीए का बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
बीडीए की ओर से 2011 में किए गए ध्वस्तीकरण के आदेश का दावा गलत है। हमारे पास तो पहला नोटिस ही बीते शनिवार की शाम आया। इसके बाद कुछ करने के लिए समय ही नहीं था। राशिद के भाई यूनुस का बेटा समीर और मरहूम पप्पू का बेटा आमीन सीओ सिटी-तृतीय से बार-बार कह रहा था कि मेरे परिवार को मौलाना तौकीर और आजम खां के साथ क्यों जोड़ा जा रहा है? हमारे परिवार से उन लोगों का कोई रिश्ता नहीं है।
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बरेली में गरजा बीडीए का बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
गुड मैरिज हाल हमारे दादा अच्छे मियां ने वर्षों पहले बनवाया था। अच्छे मियां के छह बेटों में बड़े अनीस की बेटी भी इन दिनों दिल्ली से मायके आई है। वह काफी देर मैरिज हॉल के गेट के पास की खिड़की की सरिया पकड़कर खड़े होकर कार्रवाई का विरोध कर रही थी। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे हटा कर दूसरी ओर किया।
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बरातघर पर चले बुलडोजर
- फोटो : अमर उजाला
62 पुरुष-महिला पुलिसकर्मी और एक कंपनी पीएसी थी तैनात
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए 62 पुरुष-महिला पुलिसकर्मी और एक कंपनी पीएसी के जवान तैनात थे। एसपी सिटी मानुष पारीक ने कहा कि कुछ महिलाओं ने विरोध किया था, लेकिन उनको समझाकर शांत करा दिया गया था। बुधवार को भी बीडीए कार्रवाई करेगा तो पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। उधर, कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मोहल्ले में आसपास की गलियों से मुख्य मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया था।
हर गली से मुख्य मार्ग पर आने-जाने पर पाबंदी लगा रखी थी। ईसाइयों की पुलिया के सामने सूफी टोला जाने वाले मार्ग से पहले बीच रास्ते में पुलिस ने अपनी जिप्सी खड़ी कर रास्ता ब्लॉक कर दिया था। सूफी टोला के मुख्य मार्ग पर खुली दुकानों को भी पुलिस ने बंद करा दिया था। कार्रवाई देखने के लिए आ रहे लोगों को पुलिस खदेड़ दे रही थी।