फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly Blast: घनी बस्ती में 150 से ज्यादा अवैध फैक्टरियां...बारूद के ढेर पर 20 हजार से ज्यादा शहरी; तस्वीरें

Sat, 08 Feb 2025 10:57 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली के किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला बाकरगंज में शुक्रवार सुबह मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी में धमाका हो गया। इससे फैक्टरी मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़ गए। पतंगबाजी के लिए मजबूत मांझा बनाने के लिए गंधक, पोटाश, कांच और लोहे के बुरादे का मिश्रण तैयार करने के दौरान यह हादसा हुआ। 
विज्ञापन
1 of 9
Manjha Factory Explosion - फोटो : अमर उजाला
बरेली के बाकरगंज की संकरी गलियों में घनी आबादी के बीच में मांझे के 150 से ज्यादा अवैध फैक्टरियां संचालित हो रहीं हैं। यहां मांझा बनाने के लिए अवैध रूप से विस्फोटक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इलाके की 20 हजार से ज्यादा आबादी जाने-अनजाने बारूद के ढेर पर बैठी है। 

धमाके के बाद इलाके की सभी मांझा फैक्टरियों में काम बंद कर दिया गया। वहीं, पुलिस-प्रशासन का निगरानी तंत्र नाकाम साबित हो रहा है। अधिकारियों को मांझा बनाने में विस्फोटकों के इस्तेमाल की भनक तक नहीं है। 
विज्ञापन

2 of 9
फील्ड यूनिट से जानकारी करते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि आमतौर पर देसी मांझे में कांच के बुरादे का इस्तेमाल किया जाता है। मांझा बनाने के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी से इन्कार किया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की जांच में गंधक, पोटाश, कांच और लोहे के बुरादे मिले तो इस खेल का खुलासा हुआ।
विज्ञापन

3 of 9
घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
सिलिंडर फटने की सूचना देकर गुमराह करने की कोशिश
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सात साल पहले भी बाकरगंज से सटे कौआ टोला में मांझा बनाने वाली फैक्टरी में धमाका हुआ था। शुक्रवार को हुए धमाके के बाद पुलिस को घरेलू गैस सिलिंडर फटने की सूचना देकर गुमराह करने की कोशिश की गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा कुछ अलग था। अतीक और फैजान के शरीर के टुकड़े बिखरे पड़े थे। एक दीवार पर कालिख के निशान के अलावा मौके पर आग लगने या सिलिंडर फटने जैसे कोई संकेत नहीं मिले।

4 of 9
Manjha Factory Explosion - फोटो : अमर उजाला
मांझे की अवैध फैक्टरी में धमाका, मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़े
बरेली के किला थाना क्षेत्र के मोहल्ला बाकरगंज में शुक्रवार सुबह मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी में धमाका हो गया। इससे फैक्टरी मालिक और दो कारीगरों के चीथड़े उड़ गए। पतंगबाजी के लिए मजबूत मांझा बनाने के लिए गंधक, पोटाश, कांच और लोहे के बुरादे का मिश्रण तैयार करने के दौरान यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाके की गूंज तीन किलोमीटर दूर तक सुनी गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद धमाके का राज सामने आएगा।
विज्ञापन

5 of 9
मृतक अतीक का फाइल फोटो, मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बाकरगंज निवासी अतीक रजा खां (51) मांझा बनाने की अवैध फैक्टरी चलाते थे। मोहल्ले के ही फैजान (26) और सरताज (24) उनकी फैक्टरी में कारीगर थे। अतीक ने अपने घर से सटे स्थित भूखंड पर मांझा बनाने का अड्डा बना रखा था। शुक्रवार सुबह 10 बजे अतीक, फैजान और सरताज मांझा बनाने के लिए मसाला तैयार कर रहे थे। इसके लिए गंधक, पोटाश के साथ कांच और लोहे के बारीक बुरादे को मिलाकर लुगदी तैयार की जानी थी। बताते हैं कि इन घातक पदार्थों का मिश्रण तैयार करने के दौरान ही धमाका हो गया।
विज्ञापन

6 of 9
Manjha Factory Explosion: शव लेकर जाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में लुगदी बना रहे अतीक और फैजान के चीथड़े उड़ गए। नजदीक मौजूद सरताज भी गंभीर घायल हो गया। बाद में इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उसने भी दम तोड़ दिया। धमाके के बाद इलाके में दहशत फैल गई। मौके पर भीड़ लग गई।
विज्ञापन

7 of 9
डीएम और एसएसपी ने किया मौका मुआयना - फोटो : अमर उजाला
धमाके की सूचना पर कई थानों की पुलिस, फायर ब्रिगेड और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंच गईं। डीएम रविंद्र कुमार और एसएसपी अनुराग आर्य ने भी मौके का जायजा लिया। अतीक और फैजान के शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजने के बाद आसपास के इलाके को खंगाला गया। पुलिस विस्फोटक की मौजूदगी की आशंका की भी पड़ताल कर रही है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है, पर ऐन मौके पर बिजली गुल होने की वजह से धमाका सीसीटीवी में कैद नहीं हो सका।

8 of 9
घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
नहीं थी अग्निशमन विभाग की एनओसी
सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा ने बताया कि मौके पर गए थे। वहां आग लगने जैसे संकेत नहीं मिले हैं। अवैध फैक्टरी के संचालक ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी नहीं लिया था। फैक्टरी का संचालन इतनी संकरी गली में किया जा रहा था कि वहां पर एनओसी दी ही नहीं सकती।
 
विज्ञापन

9 of 9
डीएम और एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
बाकरगंज में मांझा बनाने की फैक्टरी अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। वहां गंधक-पोटाश का मिश्रण तैयार करने के दौरान हुए धमाके में तीन लोगों की मौत हुई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। - अनुराग आर्य, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें