धमाका इतना तेज था कि दुकान के शटर के टुकड़े पचास मीटर दूर सड़क पार जा गिरे। लोग जान बचाकर भागे। गनीमत रही कि कोई राहगीर चपेट में नहीं आया। जिस वक्त धमाका हुआ उससे दो सेकंड पहले ही एक बाइक सवार गुजरते दिख रहा है। घटना स्थल के करीब विष्णु गुप्ता की खाद की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की 32 सेकंड की रिकार्डिंग सामने आई है, इसमें 10-12 सेकंड का धमाका रिकॉर्ड हुआ है।
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- फोटो : अमर उजाला
रिकार्डिंग देखकर कोई भी व्यक्ति धमाके की भयावहता का अंदाजा लगा सकता है। यह भी समझ सकता कि धमाका कितना शक्तिशाली था। घटना स्थल से 100 मीटर दूरी पर लकड़ी का टाल चला रहे इकबाल हुसैन ने बताया कि धमाके के कुछ पल बाद जब पहुंचे दो देखा कि पूरा मकान जमींदोज हो चुका है। कुछ देर तक आवाजें आती रहीं और धुआं उठता रहा। इसके बाद भी लोग आगे बढ़कर राहत व बचाव कार्य में जुटे रहे। इसलिए दो बच्चों की जान बच गई।
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नेता भी मौके पर पहुंचे
हादसे के बाद बसपा नेता पति मुशाहिद अली मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य में हाथ बंटाया। भाजपा नेता जितेंद्र यादव भी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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एसडीएम बिल्सी करेंगे मामले की जांच
डीएम मनोज कुमार ने एसडीएम बिल्सी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उनसे तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है। ताकि धमाके की पूरी हकीकत सामने आए। जरूरी होने पर मजिस्ट्रेटी जांच भी कराएंगे।
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बारूद के अवैध भंडार में धमाका
आपको बता दें कि बदायूं के इस्लामनगर कस्बा स्थित एक मकान में आतिशबाजी बनाने के लिए अवैध रूप से रखे बारूद के भंडार में सोमवार दोपहर भीषण विस्फोट हो गया। इससे दो मंजिला मकान जमींदोज हो गया। मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि दो बेटियां घायल हो गईं। दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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हादसा सोमवार दोपहर करीब सवा तीन बजे अख्तर अली पुत्र असगर के घर में हुआ। पिता के आतिशबाजी बिक्री के लाइसेंस पर अख्तर आबादी के बीच गोल्डन इवेंट नाम से पटाखों का कारोबार करता है। यहीं घर के निचले हिस्से में स्थित दुकान में शादियों के लिए आतिशबाजी बनाई जाती है। इसके लिए बारूद और अन्य जरूरी सामान वह अपने घर में रखता था। इसी मकान के पहले तल पर अख्तर का परिवार रह रहा था।
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घटना के वक्त अख्तर कस्बे से बाहर गया था। घर में पत्नी सलामत बेगम (35), बेटी अर्फी (07), तमन्ना (03) और बेटा तैमूर (05) मौजूद थे। दोपहर में तैमूर ने खेल-खेल में एक अनार जलाया तो उसकी चिंगारी पास रखे बारूद के भंडार तक पहुंच गई। इससे तेज धमाका हुआ और मकान की छत उड़ गई। देखते ही देखते दुकान और उसका दो मंजिला भवन धराशायी हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि ध्वस्त मकान का मलबा, आसपास के घरों पर जा गिरा।
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पांच जेसीबी से तीन घंटे की मशक्कत, तब हटा मलबा
मकान में विस्फोट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन पांच जेसीबी मंगाकर मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया। तीन एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी बुला ली गई। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तैमूर का शव मलबे से निकाला गया। उसके कुछ अंग विस्फोट से उड़ गए थे। वहीं सलामत बेगम झुलसी हुई घायल अवस्था में मिलीं। हालांकि, अस्पताल ले जाते वक्त उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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घटना के वक्त तमन्ना छत पर थी और विस्फोट से जब छत ढही तो वह खिसककर मकान से बाहर जा गिरी। दूसरी बेटी अर्फी आंगन में रखे जेनरेटर के पास खिलौना गाड़ी पर बैठी खेल रही थी, इसलिए विस्फोट के बाद छत का जो हिस्सा वहां गिरा, वह जेनरेटर पर टिक गया। ऐसे में अर्फी उसके नीचे बैठी रही। दोनों को घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर डीएम मनोज कुमार, एसएसपी आलोक प्रियदर्शी, एसडीएम बिल्सी प्रवर्धन शर्मा और सीओ सुशील कुमार भी पहुंचे।
अवैध गोदाम पर कठघरे में जिम्मेदार
प्रारंभिक जांच के बाद अग्निशमन अधिकारी पूरनलाल सोलंकी ने इस बात की पुष्टि की है कि अख्तर के पिता असगर ने सिर्फ आतिशबाजी की बिक्री का लाइसेंस लिया था, जिसका एक साल से नवीनीकरण भी नहीं कराया गया है।