शाहजहांपुर में जलालाबाद-कटरा हाईवे पर मदनापुर के चंदोखा गांव के पास मंगलवार रात अज्ञात वाहन की साइड लगने से ऑटो पलट गया। इससे चालक और उसके दो मासूम बेटों की मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल पत्नी और बेटी का राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।
शाहजहांपुर के कटरा-जलालाबाद हाईवे पर हुए हादसे में मरने वाले बनारसी का परिवार बहन-बहनोई के घर पांच दिन से रुका था। इसके बाद परिवार को लेकर वह मंगलवार दोपहर मदनापुर निवासी अपने साढू विपिन के घर पहुंचा।
दिनभर वहां रुकने के बाद जब रात में वह जाने लगा तो विपिन ने उसे रोका था, लेकिन मौत उन्हें बुला ले गई। हादसे में पिता व दो मासूम बेटों की मौत हो गई। घायल मां-बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। विपिन ने कहा था कि परिवार के साथ सुबह निकल जाना। रात में हाईवे का सफर ठीक नहीं। इस पर बनारसी ने जरूरी काम होने का हवाला दिया था। बताया जा रहा है कि बनारसी क्षेत्र के ही एक व्यक्ति का ऑटो चलाता था।
परिजनों ने बताया कि बनारसी अभी घर जाना नहीं चाहता था, लेकिन ऑटो मालिक का बार-बार फोन आ रहा था। बताया जा रहा है कि ऑटो मालिक ने कोई बुकिंग ले रखी थी।
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shahjahanpur road accident
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, पुलिस की जांच में सामने आया है कि हाईवे के जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहां सड़क की स्थिति ठीक है। इस वजह से यहां से बड़े वाहन काफी तेज रफ्तार से गुजरते हैं। अपने परिवार को बैठाकर बनारसी खुद ऑटो चला रहा था। हादसे को देखकर पुलिस अंदाजा लगा रही है कि रात के अंधेरे में किसी बड़े वाहन ने किसी दूसरे वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया होगा। तेज रफ्तार होने के कारण उसे आगे जाते ऑटो का
अंदाजा नहीं लगा और वाहन की साइड ऑटो से टकरा गई। अचानक टक्कर लगने से बनारसी ऑटो नियंत्रित नहीं कर सका और झटके से ऑटो किनारे पलट गया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
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अस्पताल में घायल
- फोटो : अमर उजाला
अपनों की मौत से अंजान रागिनी बोली
मेरे बच्चों को दिखा दो- पति व दो बच्चों की मौत से अन्जान राजकीय मेडिकज कॉलेज में भर्ती रागिनी को बुधवार की दोपहर होश आया तो उसने सबसे पहले अपने बच्चों के बारे में पूछा। बोली कि मां मेरे बच्चों को दिखा दो तो जी जाएंगे... बेटी की इस दर्दभरी बात को सुन रागिनी की मां मुनीशा और उसकी बहन मोनिका की आंखें भर आईं।
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बनारसी उर्फ जीतेंद्र की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
वे रागिनी के सामने पीठ करते हुए दुपट्टे से आंसू पोछते हुए बोलीं कि सब ठीक हो जाएगा, तुम आराम करो, हम अभी आते हैं। इसके बाद एक कोने में जाकर रागिनी की मां मुनीशा और उसकी बहन मोनिका एक-दूसरे से लिपट खूब रोईं। बोलीं कि मेरी बेटी का परिवार उजड़ गया। वहां मौजूद परिवार की महिलाओं ने उन्हें दिलासा दिया। वहीं, पोस्टमॉर्टम हाउस पर नातिन अनन्या को सीने से चिपकाए गुमसुम बैठी मुनीशा बार-बार उसका माथा चूमती।
उसे दुलार करतीं और फिर रो पड़तीं। मासूम बच्ची भी लोगों के चेहरों को निहार रही थी। उसे पता ही नहीं था उसके सपनों को साकार करने वाला पिता व उसके साथ खेलने वाले दो भाई उससे दूर जा चुके हैं। मासूम के चेहरे को देख हर आंख नम थी।
बनारसी परिवार के साथ अपनी बहन-बहनोई के घर आया हुआ था। तीन-चार दिन पूर्व कांट सीएचसी पर बनारसी ने पत्नी का नसबंदी का ऑपरेशन कराया था।
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वीर सिंह की फाइल फोटो
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परिवार का था सहारा
बनारसी के पिता की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। इकलौता होने के नाते उन पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थीं। मौत से बहन अंजू, निर्मला, नन्हीं, मां मालती रोते-रोते बेहाल हो गई हैं। नाते-रिश्तेदारों ने सभी को संभाला।
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सिद्धार्थ की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अज्ञात वाहन की टक्कर से ऑटो सवार पिता और दो मासूम बच्चों की मौत
शाहजहांपुर में जलालाबाद-कटरा हाईवे पर मदनापुर के चंदोखा गांव के पास मंगलवार रात अज्ञात वाहन की साइड लगने से ऑटो पलट गया। इससे चालक और उसके दो मासूम बेटों की मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल पत्नी और बेटी का राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र की गिहार बस्ती निवासी बनारसी उर्फ जीतेंद्र (35) ऑटो चलाते थे। उनकी पत्नी रागिनी (32), बेटे सिद्धार्थ (9), एक साल के बेटे वीर सिंह उर्फ बाबू और बेटी अनन्या के साथ पांच दिन पहले कांट के गांव कमलनैनपुर निवासी बहनोई गुड्डू के घर गई थीं।
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- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को बनारसी अपने परिवार को वापस ले जाने के लिए कांट गए थे। पूरे परिवार को ऑटो में बैठाकर बनारसी दोपहर में कांट से निकले। इसके बाद वे लोग मदनापुर निवासी अपने साढ़ू विपिन के घर पहुंचे। वहां दिन में रुकने के बाद रात करीब नौ बजे वे निकले।
करीब दो किलोमीटर आगे कटरा-जलालाबाद मार्ग पर चंदोखा गांव के पास किसी वाहन की साइड से ऑटो में टक्कर लग गई। इससे ऑटो सड़क पर पलट गया। राहगीरों ने घायलों को ऑटो से बाहर निकाला। इस बीच सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा।
यहां डॉक्टर ने सिद्धार्थ और वीर सिंह उर्फ बाबू को मृत घोषित कर दिया गया। बनारसी की बरेली ले जाते समय मौत हो गई। घायल रागिनी और उनकी बेटी अनन्या का उपचार चल रहा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में घायलों का हालचाल लेने पहुंचे एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जिस वाहन से टक्कर हुई है, उसके बारे में जानकारी की जा रही है।