अंसार गजवतुल हिंद के अपने आकाओं के इशारे पर बरेली का इनामुल ‘शरीयत या शहादत’ जैसे खतरनाक मिशन पर काम कर रहा था। एटीएस को प्रमाण मिले हैं कि वह लगातार मुस्लिम युवाओं के बीच अपने संपर्क बढ़ाकर उन्हें कट्टर बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान में बैठकर चलाए जा रहे व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल करा रहा था।
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इनामुल हक
- फोटो : अमर उजाला
एटीएस के सूत्रों का दावा है कि इनामुल से पूछताछ में मिली जानकारियां उम्मीद से ज्यादा चौंकाने वाली हैं। तमाम ऐसे लोगों का पता लग रहा है जो उसके साथ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शरीक थे। जल्द ही बड़े पैमाने पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जिहादी इनामुल एटीएस की पकड़ में आने से पहले अपने कई फेसबुक एकाउंट डिलीट कर चुका था, लेकिन अब एटीएस ने उसका एक ऐसा फेसबुक एकाउंट ढूंढ निकाला है जिस पर वह दो महीने पहले तक सक्रिय था।
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इनामुल हक
- फोटो : amar ujala
इसी एकाउंट से पता लगा है कि इनामुल कश्मीर के युवाओं के साथ मूसा के मिशन ‘शरीयत या शहादत’ को आगे बढ़ा रहा था। इस एकाउंट पर इनामुल ने ‘शरीयत या शहादत’ नारे का वॉलपेपर भी लगा रखा है। दरअसल यह नारा अंसार गजवतुल हिंद के मारे गए चीफ जाकिर मूसा का था। दरअसल मूसा कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से मनमुटाव के बाद हिजबुल मुजाहिदीन छोड़कर अलकायदा से जुड़ा था जिसके बाद उसे अंसार गजवतुल हिंद का चीफ बना दिया गया था। मूसा ने ‘शरीयत या शहादत’ मुहिम शुरू कर कश्मीर के तमाम युवाओं को इससे जोड़ा। एटीएस इनामुल के इस फेसबुक एकाउंट से जुड़े संदिग्ध लोगों को ट्रेस करने में जुटी है।
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इनामुल हक और जाकिर मूसा
- फोटो : amar ujala
इनामुल के कई फेसबुक अकाउंट ब्लॉक होने के बाद एटीएस को अब मोहम्मद इनामुल हक नाम से एक और फेसबुक एकाउंट मिला है जिसमें उसके साथ बरेली और आसपास के जिलों के अलावा कई राज्यों के लोग जुडे़ थे। इस सक्रिय फेसबुक एकाउंट के जरिए एटीएस ने कई और संदिग्धों के नाम ढूंढ निकाले हैं। इनामुल के इस एकाउंट से दिल्ली का यासिर खान भी जुड़ा है जिसने जर्मनी में अखबार के संपादक पर हमला करने वाले अब्दुल रहमान चीमा को शहीद बताया है। साथ ही दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के कई वीडियो लाइव चलाकर सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश की है।
इनामुल हक, जाकिर मूसा और उसके साथी
- फोटो : amar ujala
कोलकाता का एहतशाम उल हक, कानपुर का जाकिर खान और अनंतनाग से फैजू भी इनामुल के इस एकाउंट से जुड़े हैं। तीनों लोग सोशल साइट्स पर सरकार के खिलाफ जहर घोल रहे थे। फैजू की आईडी के कवर पेज पर मूसा का नाम लिखा है। एटीएस इन सभी संदिग्धों की पड़ताल कर रही है।