बरेली में अमर उजाला की ओर से स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में बुधवार को यूपी बोर्ड के मेधावियों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने पदक और प्रशस्तिपत्र देकर उन्हें सुनहरे भविष्य की राह दिखाई।
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एसपी ट्रैफिक और डीआईओएस ने मेधावियों को किया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
बरेली में अमर उजाला की ओर से स्मार्ट सिटी सभागार में अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह के दूसरे दिन यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के सौ से ज्यादा स्कूलों के छह सौ से अधिक मेधावियों को सम्मानित किया गया। पहले सत्र में मुख्य अतिथि एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। कहा कि अमर उजाला द्वारा जिला टॉपर्स के बजाय प्रत्येक स्कूल के टॉप पांच मेधावियों को सम्मानित करना सराहनीय कदम है। जो प्रोत्साहित करने वाला है। उन्होंने कहा कि कभी वह भी दर्शकदीर्घा में बैठते थे। पर आज सम्मानित करने के लिए मंच पर हैं। उम्मीद जताई कि मेधावी भी एक दिन मेरी तरह भविष्य में सम्मान से दूसरे विद्यार्थियों को नवाजेंगे।
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एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल खान
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एसपी ट्रैफिक ने कहा कि जिस उम्र में विद्यार्थी हैं, उस में ऊर्जा होती है। जिसे सही दिशा मिलना जरूरी है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट ही पहला कदम है। इसे मजबूती से टिकाए रखने के लिए शुभकामनाएं दीं। करियर का चयन बेहद सोच समझकर करने का सुझाव दिया। साथ ही, जो लक्ष्य बनाएं उसे हर हाल में हासिल करने में जुट जाएं।
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कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थी और शिक्षक
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मोहम्मद अकमल खान ने कहा कि भविष्य में जिन पदों पर भी सेवाएं दें, उससे इतर अच्छे इंसान बनें। अनुशासन में रहे। अपनी छाप बनाने के लिए मुश्किलें आएंगी पर डिगे नहीं। मेधावियों पर देश के विकास की जिम्मेदारी है। संस्मरण साझा करते हुए बोले कि पिछले माह उन्हें अपने स्कूल में ही मुख्य अतिथि बनने का मौका मिला। ये बेहद सम्मानित पल था। जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे। यह परिश्रम का परिणाम है।
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मेधावियों को सम्मानित करते एसपी ट्रैफिक
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एसपी ट्रैफिक ने व्यक्तित्व विकास, अच्छे नागरिक बनने, बड़े छोटे से मधुर संबंध बनाने का मंत्र दिया। शेर पढ़ा कि ये जिंदगी हम तुझसे ही नहीं खुद से भी दूर हुए हैं, तब कहीं जाकर इस शहर में मशहूर हुए हैं...। बाधाओं को हटाते हुए आगे बढ़ने और मजबूती से लक्ष्य हासिल कर जीवन को सफल बनाना है।
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डीआईओएस डॉ अजित कुमार
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विशिष्ट अतिथि डीआईओएस डॉ अजित कुमार ने कहा कि विद्यार्थी, जिन्होंने परिश्रम से लक्ष्य तय किया है। उसे पाने के लिए आगे भी प्रयास करेंगे। बगैर परिश्रम कोई भी लक्ष्य नहीं मिलता। अभिभावक से अनुरोध किया कि वे बच्चों के करियर को चुनने में सहयोग करें। ताकि असमंजस की स्थिति न रहे। इंटर पास होने के बाद बगैर करियर गाइडेंस के सफल जीवन मुमकिन नहीं।
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सम्मान समारोह में मौजूद मेधावी
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उन्होंने विभागीय समर्थ पोर्टल से भी जागरूक किए जाने की बात कही। सभी शिक्षकों को भी शुभकामनाएं दीं। क्योंकि उन्होंने ही बच्चों का मार्गदर्शन किया। जिन्होंने टॉप किया है, उन्हें अब अपने लक्ष्य को ही हासिल करने की सोच होनी चाहिए। बतौर उदाहरण डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पंक्तियों से मनोबल बढ़ाया। कहा कि सफलता हासिल का शिक्षक, अभिभावक, शहर, जिला और राज्य का नाम रौशन किया है।
इसके बाद मंच पर क्रमवार स्कूलों के प्रधानाचार्यों को मुख्य और विशिष्ट अतिथि ने सम्मानित किए। उसके बाद मेधावियों को सम्मानित किए तो सभी के चेहरे खिल उठे। मेडल हासिल कर उनकी रंगत भी सुनहरी हुई।