फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सास और साले का कत्ल: 'जल्लाद था पति, पुलिस न मारती तो वो मुझे व बच्चों को...'; एनकाउंटर पर सायमा ने कही ये बात

Wed, 18 Mar 2026 10:15 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

बरेली में सास और साले का हत्यारोपी अफसर मुठभेड़ में ढेर हो गया। मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पति के मुठभेड़ में मारे जाने पर पत्नी ने बड़ा बयान दिया। पत्नी ने कहा कि पुलिस ने उसे मारकर बिल्कुल सही किया। हर दिन मारता-पीटता था, मुझे ऐसे आदमी से कोई मतलब नहीं था।
विज्ञापन
1 of 14
bareilly encounter - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बरेली में पारिवारिक विवाद को निपटाने के लिए बुलाई गई पंचायत में सास-साले की चाकू से गोदकर हत्या और पत्नी को गंभीर रूप से घायल करने वाले आरोपी अफसर खां को पुलिस ने मंगलवार सुबह सहारा ग्राउंड में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। 

पुलिस टीम पर आरोपी की ओर से करीब 10 फायर किए गए, जिसमें दो सिपाही घायल हुए। एक गोली इज्जतनगर थाना प्रभारी की बुलेट प्रूफ जैकेट में और दूसरी उनके वाहन में भी लगी। जवाबी कार्रवाई में अफसर को दो गोलियां लगीं। जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया।
 
विज्ञापन

2 of 14
मुठभेड़ स्थल पर बरामद चाकू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'जल्लाद था पति'
अफसर खां पति नहीं जल्लाद था। पुलिस ने सही किया जो उसे मार दिया। वरना वो मुझे और बच्चों को मार डालता। कई बार बच्चों की गर्दन पर छूरी रखकर ब्लैकमेल कर चुका था। आदमी कितना भी बुरा क्यों न हो, लेकिन कभी न कभी सुधर जाता है पर ये हैवान बन चुका था। नौ साल से उसकी जिंदगी नरक बना रखी थी।
 
विज्ञापन

3 of 14
मुठभेड़ स्थल पर मिली पिस्टल की जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पति अफसर खां के एनकाउंटर की जानकारी होते ही अस्पताल में भर्ती रहपुरा चौधरी निवासी सायमा के चेहरे पर सुकून सा नजर आया। कुछ देर शांत रहने के बाद सायमा बोलीं- रोज-रोज का झगड़ा ही खत्म हो गया। पुलिस ने उसे मारकर बिल्कुल सही किया। मुझे ऐसे आदमी से कोई मतलब नहीं। मर गया या जिंदा रहे, मुझे कोई वास्ता नहीं। उसी की वजह से आज मेरी ये हालत है। 

 

4 of 14
मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गाड़ी में लगी गोली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शादी के बाद से अभी तक उसने कभी एक दिन भी खुशी से नहीं बिताया। हर दिन मारता-पीटता था। बीते शनिवार को वह रोजे से थी, लेकिन घर में दो दिन से खाना नहीं पक रहा था। मां आसमां ने घर आकर रोजा खोलने के लिए कहा तो उसने भी झगड़ने लगा। हाथ उठा दिया। इससे पहले भी कई बार उससे और उसके घर वालों के साथ मारपीट कर चुका था।
विज्ञापन

5 of 14
आरोपी अमुठभेड़ स्थल पर पड़ी पिस्टलफसर का एनकाउंटर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सायमा ने बताया कि वर्ष 2022 में चाकू से पिता और उस पर हमला किया था। दोनों के सिर पर चोटें आई थीं। निशान आज तक हैं। उसने थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस से सांठगांठ करके उसने मामले को रफा-दफा कर लिया। ऐसा हर बार होता था, जब भी वह शिकायत करती पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। रविवार सुबह और शाम को भी शिकायत की थी। लेकिन पुलिस ने तब भी कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन

6 of 14
पुलिस मुठभेड़ के बाद मौके पर पड़ीं चप्पलें - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अफसर के परिवार वालों पर भी हो कार्रवाई... उन्हें अभी भी जान का खतरा
सिर्फ पुलिस की अनदेखी की वजह से वह लोग इतनी बड़ी सजा भुगत रहे हैं। मां और भाई अब उन्हें कभी नहीं मिलेंगे। अफसर तो मर गया लेकिन उसके परिवार वालों के खिलाफ भी पुलिस कड़ी कार्रवाई करे। यह कहना है मृतका आसमां के बेटी शिफा और अनम का। 

 
विज्ञापन

7 of 14
आरोपी अफसर का एनकाउंटर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों ने कहा कि अफसर ने करतूतों पर अगर उसके परिवार वाले पर्दा न डालते तो आज इतनी बड़ी घटना न होती। जब भी अफसर ने मारपीट की उसके चाचा, दोनों भाई और भाभी उसके पक्ष में खड़े हो जाते। दिखाने के लिए अफसर को डपटते थे, लेकिन अंदर खाने उसे उकसाते थे। 

 

8 of 14
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सायमा के परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यही कारण है कि वह आए दिन बहन साइमा और बच्चों के साथ मारपीट करता था। पुलिस को चाहिए कि अब अफसर के परिवार वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई करे। वह लोग जल्द पुलिस के बड़े अफसरों से मिलेंगी और कार्रवाई के लिए तहरीर देंगी।

9 of 14
घटना के बाद महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पत्नी की जान लेने की फिराक में था आरोपी
आरोपी की तलाश में लगी इज्जतनगर पुलिस को रात में ही सूचना मिली कि गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में इलाज करा रही सायमा पर अफसर खां फिर जानलेवा हमला कर सकता है। पुलिस ने तुरंत अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया और सायमा के घर के आसपास भी पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया। अफसर खां के पास से बरामद हथियार भी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि वह किसी वारदात की फिराक में घूम रहा था।

 

10 of 14
अंतिम सफर पर लेकर जाते लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार का मजबूत सहारा था आदिल
नन्हें खां के पांच बच्चों में दो बेटे और तीन बेटियां हैं। आदिल तीसरे नंबर का था। उसका बड़ा भाई आशिक है। आदिल तांगा चलाकर परिवार की जरूरतों को पूरा करता था। वह शिफा और अनम से कहता था कि वह उसकी शादी धूमधाम से करेगा। 

 

11 of 14
मुठभेड़ स्थल पर पड़ी पिस्टल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वही परिवार का मजबूत सहारा था। आशिक ट्रक चालक है, जबकि पिता नन्हें खां मजदूरी करते हैं। आसमां और आदिल की मौत से परिवार की मानों खुशियां ही छीन गईं। ईद से चंद दिनों पहले हुई ये घटना अब हर साल ईद आते ही याद आएगी।

12 of 14
घटना की जानकारी देते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन पुलिस टीमों को आरोपी की तलाश में लगाया गया था। रात में पुलिस को सूचना मिली थी कि अफसर खां अस्पताल में भर्ती पत्नी पर हमला कर सकता है। पुलिस टीमें हर संभव स्थान पर आरोपी की तलाश कर रही थी कि सुबह मुठभेड़ हो गई। आरोपी ने 32 बोर की पिस्टल से पुलिस पर ताबड़तोड़ कई फायर किए, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जवाबी कार्रवाई में अफसर खां को भी दो गोलियां लगीं। जिला अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। - अनुराग आर्य, एसएसपी

13 of 14
मृतक आदिल की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसी तेजी पहले दिखाती पुलिस तो बच जातीं तीन जानें
रहपुरा चौधरी में सोमवार को हुई घटना ने पुलिस की सक्रियता को भी कठघरे में खड़ा किया। मंगलवार सुबह घटना के 17 घंटे बाद ही पुलिस ने जिस तत्परता का परिचय देते हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपी अफसर खां को मुठभेड़ में ढेर किया उससे भी सवाल उठे कि पुलिस ने ऐसी तेजी पहले क्यों नहीं दिखाई।
विज्ञापन

14 of 14
मुठभेड़ के बाद मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मृतक आसमां और आदिल के परिजनों ने भी कहा कि यदि पुलिस इस तरह से कार्रवाई पहले करती तो शायद तीन जानें बच जातीं। एक बाद एक दो बार शिकायत करने के बावजूद इज्जतनगर पुलिस की ओर से कोई सुनवाई नहीं की गई। काश, पुलिस पहले चेत जाती।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें