पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या में बलिया निवासी राज सिंह को नौ मई को अयोध्या से गिरफ्तार किया गया। उस पर शूटरों का इंतजाम करने का आरोप है। कोलकाता पुलिस ने उसे 13 दिन की रिमांड पर लिया है। मां जामवंती देवी ने बेटे को बेकसूर बताया और सीसीटीवी जांच की मांग की।
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suvendu adhikari pa murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपी एसटीएफ और कोलकाता पुलिस ने यूपी के बलिया सदर कोतवाली के आनंद नगर निवासी राज सिंह को अयोध्या जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र से नौ मई को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस उसे बंगाल लेकर चली गई थी। मां जामवंती देवी ने बेटे राज सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि मां जामवंती देवी ने बेटे को बेकसूर बताते हुए घटना के दिन घर और बाजार के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है।
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शुभेंदु के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
बेटा निर्दोष है, सीसी टीवी कैमरे की पुलिस करे जांच: आरोपी की मां
जामवंती देवी 2012 से घर बनवाकर आनंद नगर में रहती हैं। वह रसड़ा में डाक बाबू के पद पर कार्यरत हैं। दो बेटे व एक बेटी में राज दूसरे नंबर का है। बेटे की गिरफ्तारी से आहत होकर डीआईजी सुनील सिंह को पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि सात मई को एमएलसी रविशंकर सिंह की लड़की की शादी के लिए लखनऊ रवाना हो गए थे। साथ में राज सिंह, अमन राय, मोनू सिंह, ड्राइवर ओमप्रकाश सिंह भी थे। आठ मई की सुबह अंबेडकर नगर किचौड़ा में एक मजार में चादर चढ़ाई।
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गिरफ्तार हुआ राज सिंह और पुलिस से न्याय की गुहार लगाती मां
- फोटो : अमर उजाला
यहां होटल के रजिस्टर में नाम अंकित है। नौ को अयोध्या में दर्शन किए। उसके बाद ढाबे पर भोजन करने के बाद घर आते समय रास्ते में एसटीएफ ने पकड़ लिया। मुझे महिला थाने में बैठाए रखा और राज व उसके दोस्तों को कोतवाली नगर निगम में रातभर बैठाए रहे। दोपहर में मुझसे थोड़ी देर के लिए मिलवाया। 10 जून को एसटीएफ ने राज को बंगाल पुलिस को सौंप दिया। छह मई को राज ने चौक के एक कपड़े की दुकान में खरीदारी की। घर व दुकान के सीसीटीवी कैमरे को चेक कर लें। जामवंती ने सीएम योगी व मोदी से गुहार लगाते हुए कहा कि उनका लड़का कोलकाता में साजिश व मर्डर में शामिल नहीं था।
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आरोपी राज सिंह
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुभेंदु के निजी सहायक की हत्या में अयोध्या और बक्सर से तीन गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता पुलिस ने यूपी के बलिया के आनंद नगर निवासी राज सिंह को अयोध्या-बस्ती राजमार्ग से गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बिहार के बक्सर से उसके दो साथियों मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्या को गिरफ्तार किया है।
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बलिया से गिरफ्तार हुआ राज सिंह और गुहार लगाती मां।
- फोटो : संवाद
हत्या के लिए शूटरों का इंतजाम करने और संसाधन मुहैया कराने में राज सिंह की भूमिका सामने आई है। बंगाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को सोमवार को उत्तर 24 परगना जिले की बारासात कोर्ट ने पेश किया। कोर्ट ने सभी को 13 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
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राज सिंह इसी मकान में रहता है।
- फोटो : संवाद
कोलकाता में 6 मई की रात मध्यमग्राम में चंद्रनाथ की हत्या को अंजाम दिया गया था। कोलकाता पुलिस हत्या के आरोपियों की तलाश में बीते पांच दिन से बिहार और यूपी के पूर्वांचल के जिलों की खाक छान रही थी। इसी दौरान उसे अयोध्या-बस्ती के एक टोल प्लाजा पर हुए यूपीआई पेमेंट से आरोपियों का सुराग मिला। इसी यूपीआई से हत्या के बाद फरार होने के दौरान एक टोल प्लाजा पर भुगतान किया गया था।
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बलिया से गिरफ्तार हुआ राज सिंह।
- फोटो : संवाद
राज सिंह बीती सात मई को लखनऊ में आयोजित बलिया निवासी एक एमएलसी की बेटी की शादी में आया था। उसकी मां भी साथ आई थी। स्कॉर्पियो से सभी अंबेडकरनगर गए। इसके बाद अयोध्या दर्शन करने पहुंचे। बलिया वापस जाते समय टोल प्लाजा पर किए गए भुगतान से उनकी पहचान हो गई और पुलिस ने राज को हिरासत में लेकर कोलकाता पुलिस को सूचना दी।
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वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत सहायक चंद्रनाथ रथ।
- फोटो : पीटीआई
यह भी पता लगाया जा रहा है कि राज इससे पहले कोलकाता कब गया था। चुनाव के दौरान कोलकाता में हुई क्षत्रिय महासभा की बैठक में उसकी मौजूदगी के सुराग भी तलाशे जा रहे हैं।
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चंद्रनाथ रथ की मां
- फोटो : एएनआई/एक्स/वीडियो ग्रैब
डेढ़ महीने पहले रची थी साजिश
विशेष जांच दल (एसआईटी) को संदेह है कि हत्या की साजिश कम से कम एक से डेढ़ महीने पहले से रची जा रही थी। बंगाल पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, हत्या की योजना बेहद पेशेवर तरीके से तैयार की गई थी। हमलावरों ने वारदात से पहले चंद्रनाथ की गतिविधियों की रेकी की और अपनी पहचान छिपाने के लिए सावधानियां बरती थीं।
शुभेंदु के करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या
- फोटो : Amar Ujala
जांचकर्ताओं का मानना है कि साजिश और हत्या को अंजाम देने में कम से कम आठ लोग शामिल थे। पुलिस को संदेह है कि आरोपियों में से एक पेशेवर शूटर हो सकता है। रविवार को गिरफ्तार तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया गया है।