बहराइच में हत्या।
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गुरुदेव के अनुसार, निरंकार और परिजनों के बीच हो रही कहासुनी को रोज की किचकिच समझकर वह अपने कमरे में सोने चला गया। लेकिन कुछ देर बाद ही चीख-पुकार सुनाई दी। वह अपने बेटे के साथ कमरे से बाहर निकला तो आंगन में दादी शीतला देवी (82), पिता बदलूराम (62), मां संजू देवी (60) तथा बहन पार्वती (35) लहूलुहान अवस्था में पड़े थे।