उत्तर प्रदेश में बहराइच के चर्चित रामगोपाल हत्याकांड में बृहस्पतिवार को जिला न्यायालय ने अपना अंतिम निर्णय सुना दिया। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा द्वितीय ने फैसला सुनाया। इस दौरान कोर्ट परिसर से लेकर कचेहरी के आसपास सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था रही। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रही।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि 13 अक्तूबर 2024 को महराजगंज कस्बे में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा न केवल एक समाजिक-धार्मिक आयोजन को प्रभावित करती है, बल्कि सामुदायिक सौहार्द को गंभीर रूप से चोट पहुंचाती है। हत्या की यह वारदात पूर्व नियोजित और अत्यंत क्रूर प्रकृति की है।
कोर्ट रूम में भी रहा गहमागहमी का माहौल
सजा सुनाए जाने की जानकारी पर दोपहर 12 बजे से पहले ही लोगों की भीड़ न्यायालय परिसर में जुटने लगी। दोषियों के कोर्ट पहुंचने पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। सभी आरोपियों को सीधे कोर्ट परिसर के लॉकअप ले जाया गया। आसपास के क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई थी। 3:20 बजे अदालत ने दोषियों को पेश होने के लिए कहा। इसके बाद निर्णय सुनाया गया। फैसले के समय कोर्ट रूम में भी गहमागहमी का माहौल रहा।