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Bahraich Violence: हिंसा प्रभावित इलाके में राजनेताओं की नोएंट्री, इस तकनीक से उपद्रवियों की पहचान

Thu, 17 Oct 2024 02:58 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
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Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
बहराइच के महसी के महाराजगंज कस्बे से बीते रविवार को शुरू हुई हिंसा की रिपोर्ट सीएम योगी ने तलब की है। सूत्र बताते हैं कि इसकी रिपोर्ट जिला पुलिस व प्रशासन के स्तर से भेजी जा चुकी है। ऐसे में जल्द ही पूरी रिपोर्ट सीएम के सामने होगी। वहीं इस मामले में जो भी उपद्रवी है उनको सीसीटीवी व सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित किया जा रहा है। प्रभावित इलाके को सुरक्षा के लिए नौ सेक्टर में बांटा गया है और पुलिस व प्रशासन के आला अफसर लगातार कैंप भी कर रहे हैं। इसी का नतीजा रहा कि बुधवार को किसी प्रकार की हिंसा सामने नहीं आई है।
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Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक तथ्यों को प्रसारित कर जिले का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया था। अब पुलिस ने इसकी गहनता से जांच शुरू की है। सोशल मीडिया पर कई वायरल वीडियो व संदेशों को लेकर भी पुलिस टीमें लगातार जांच कर रही है।

वहीं जिले के हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों को नौ सेक्टर में बांटा गया है। सीएम कार्यालय द्वारा पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ली जा रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। वीडियो फुटेज के माध्यम से उपद्रवियों को चिन्हित कर उनकी तलाश भी की जा रही है।
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Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
प्रभावित इलाके में किसी भी राजनेता के प्रवेश पर रोक
हिंसा प्रभावित इलाके में जाने के लिए जिले व प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा जिला प्रशासन से अनुमित लेने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन डीएम व एसपी के स्तर से प्रभावित क्षेत्र में किसी भी को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अफसरों का मानना है कि यदि प्रभावित इलाके में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की सक्रियता बढ़ेगी तो इससे माहौल खराब हो सकता है। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही वहां पर किसी को भी जाने की अनुमति मिल सकेगी।

 

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Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
हरदी थाने में 10 मुकदमे दर्ज
हिंसा के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार तक जिले में दोनों समुदायों पर कुल 12 मुकदमें दर्ज हुए। वहीं, 50 से अधिक लोगों को पुलिस ने अब तक जेल भेजा। हरदी थाने में 10 मुकदमे दर्ज हुए हैं। हरदी थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि पहला मुकदमा अब्दुल हमीद समेत छह नामजद व 10 अज्ञात पर लिखा गया था। इसके बाद हुए उपद्रव को लेकर अज्ञात भीड़ पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं।


 
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Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
मुख्य मुकदमे में शामिल मोहम्मद दानिश गिरफ्तार
महराजगंज हिंसा के मुख्य मुकदमे में शामिल मोहम्मद दानिश को हरदी थानाध्यक्ष कमलशंकर चतुर्वेदी ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहा था। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रविवार को अब्दुल हमीद ने रेहुवा निवासी रामगोपाल मिश्रा को घर में घसीट कर बेटों व अन्य के साथ मिलकर बर्बरता पूर्वक हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने अब्दुल हमीद, उसके दो बेटों रिंकू उर्फ सरफराज, फहीम और मोहम्मद दानिश उर्फ राजा, ननकऊ, मारुफ अली पर नामजद व चार अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया था।

 
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bahraich communal violence - फोटो : अमर उजाला
क्या है पूरा मामला
बहराइच की महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में रविवार शाम को गाने को लेकर हुए विवाद के बाद दूसरे समुदाय के युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे दुर्गा प्रतिमा खंडित होने पर पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया तो दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल मिश्रा (24) को घर के अंदर घसीट ले गए और गोली मार दी। 

घटना का पूरे जिले में विरोध शुरू हो गया था। विसर्जन कमेटी के लोगों ने बहराइच-सीतापुर हाईवे पर चहलारी घाट पुल के पास जाम लगा प्रदर्शन शुरू कर दिया। बहराइच-लखनऊ हाईवे भी जाम कर दिया गया। 

 
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bahraich communal violence - फोटो : अमर उजाला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार शाम महसी तहसील की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था। महराजगंज कस्बे में पहुंचने पर कस्बा निवासी दूसरे सामुदाय के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और गाली गलौज शुरू कर दी। प्रतिमा के साथ चल रहे लोगों ने इसका विरोध किया तो छतों से पथराव शुरू कर दिया गया। इस पर समिति के सदस्य प्रदर्शन करने लगे तो दूसरे सामुदाय के हजारों लोगों की भीड़ मौके पर पहुंची और उपद्रव शुरू कर दिया। सूचना पर भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।

पूजा समिति सदस्यों का आरोप है कि एसओ मौके पर मौजूद नहीं थे। प्रदर्शन शुरू हुआ तो पुलिस ने विसर्जन में शामिल लोगों पर ही लाठीचार्ज कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई और दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल को उठा ले गए और उसकी हत्या कर दी।

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