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Bahraich Violence: इस घटना से सबक लेते तो महसी में न भड़कती हिंसा... जिनकी जहां ड्यूटी लगी वह अफसर भी रहे गायब

Tue, 15 Oct 2024 01:59 PM IST
शाहरुख खान वीरेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला, बहराइच
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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
करीब एक सप्ताह पहले बहराइच के ही नानपारा कस्बे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में दो समुदायों के बीच हुए तनाव का यदि सबक लिया गया होता तो महसी तहसील क्षेत्र में हिंसा न भड़कती। पुलिस व प्रशासन की किसी भी त्योहार के समय की जाने वाली तैयारी पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।

हाल यह रहा कि रविवार को प्रतिमा विसर्जन के समय कई स्थान पर जिन अफसरों की ड्यूटी लगी थी वह पहुंचे ही नहीं। हालांकि इस मामले को लेकर नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा चौकस कर दी गई है। करीब तीन माह से बहराइच जिले में कोई न कोई ऐसा मामला सामने आ रहा है जिससे पूरे जिले का माहौल खराब हो रहा है। 
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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
कुछ दिन पहले जहां भेड़ियों की समस्या से पूरे देश से लेकर प्रदेश में यहां का नाम छाया रहा, वहीं इसके बाद तेंदुआ व हाथी की समस्या सामने आई। बीते सप्ताह नानपारा कस्बे में भी एक आपत्तिजनक पोस्ट के बाद दो समुदायों में मामला बिगड़ा था।

इन सब बातों से यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि जिले का माहौल कभी भी खराब हो सकता है। लेकिन यहां के पुलिस व प्रशासनिक अमले को इसकी भनक नहीं थी। इसी का नतीजा रहा कि दुर्गा प्रतिमा विर्सजन के समय सुरक्षा में लापरवाही बरती गई, जिससे इतनी बड़ी हिंसा सामने आई है। इस समय हर जगह के लोग इस तरह की बातें कर रहे है।
 
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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
पुलिस-प्रशासन नाकाम...खुफिया तंत्र हुआ फेल
दरअसल, दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान रविवार शाम को हुई हिंसा और रामगोपाल मिश्रा की हत्या के बाद फिर बवाल की आशंका पहले से ही थी। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन और खुफिया तंत्र नाकाम रहा। सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने में अफसर नाकाम साबित हुए। इसलिए दूसरे दिन बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी हुई। पूरे मामले में पुलिस का खुफिया तंत्र फेल रहा।

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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
प्रारंभिक जांच में भी सामने आया है कि हरदी थाने की पुलिस ने लापरवाही बरती, जिसकी वजह से हालात बेकाबू हो गए। प्रतिमा विसर्जित करने जा रहे लोगों पर पथराव के दौरान स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रही। समुदाय विशेष का इलाका होने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई। इतना ही नहीं, पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए जुलूस में शामिल लोगों को ही पीटना शुरू कर दिया, जिससे माहौल बिगड़ता चला गया। 
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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह करीब छह से सात बजे के बीच रामगोपाल के शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया। लेकिन शव रेहुवा गांव पहुंचते ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पूरा गांव पुलिस व प्रशासन के खिलाफ लामबंद हो गया। पुलिस व प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान लोगों को समझाकर दाह संस्कार करवाने पहुंचे तहसीलदार को लोगों ने खदेड़ दिया। 
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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
वह किसी तरह से वहां से निकले। शव यात्रा के बाद शुरू हुए उप्रदव में शहर जला। हिंसा के दौरान के ऐसे दर्जनों वीडियो सामने आए, जिनमें अराजक भीड़ लाठी-डंडे लेकर दौड़ती नजर आई। साथ में पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखे। भीड़ एक तरफ गाड़ियां तोड़ती रही, आगजनी करती रही और पुलिस वाले लाचार बने खड़े रहे। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के पहुंचने के बाद पुलिस बल सक्रिय हुआ और उपद्रवियों पर काबू करने की जद्दोजहद शुरू हुई।
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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
नेपाल सीमा पर बढ़ी सुरक्षा
हिंसा के बाद नेपाल से सटी सीमा पर भी सुरक्षा बढ़ी दी गई है। यहां पर पुलिस व एसएसबी की टीमें लगातार आने व जाने वाले लोगों की सघन जांच कर रही हैं। सोमवार को यहां आम दिनों की अपेक्षा भीड़ भी कम रही। हालांकि सीमा को आवागमन के लिए बंद नहीं किया गया है।

 

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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी फुटेज देख कर अराजक तत्वों की पहचान
एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि महसी तहसील के अंतर्गत महराजगंज में तनाव था। एक जुलूस गुजर रहा था तभी दूसरे समुदाय के एक व्यक्ति पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। एसपी का कहना है कि प्रभावित सभी क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसा प्रभावित इलाकों के सीसीटीवी फुटेज देख कर अराजक तत्वों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
क्या है पूरा मामला
बहराइच की महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में रविवार शाम को गाने को लेकर हुए विवाद के बाद दूसरे समुदाय के युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे दुर्गा प्रतिमा खंडित होने पर पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया तो दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल मिश्रा (24) को घर के अंदर घसीट ले गए और गोली मार दी। उसे बचाने पहुंचे राजन (28) भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना का पूरे जिले में विरोध शुरू हो गया। विसर्जन कमेटी के लोगों ने बहराइच-सीतापुर हाईवे पर चहलारी घाट पुल के पास जाम लगा प्रदर्शन शुरू कर दिया। बहराइच-लखनऊ हाईवे भी जाम कर दिया गया। 
 

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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
शहर में सैकड़ों जगह प्रतिमा विसर्जन रोक दिया गया। मामला बढ़ता देख छह थानों की पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई। वहीं, गोंडा और बलरामपुर में स्थिति नियंत्रण में है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार शाम महसी तहसील की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाया जा रहा था।

महराजगंज कस्बे में पहुंचने पर कस्बा निवासी दूसरे सामुदाय के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और गाली गलौज शुरू कर दी। प्रतिमा के साथ चल रहे लोगों ने इसका विरोध किया तो छतों से पथराव शुरू कर दिया गया। इस पर समिति के सदस्य प्रदर्शन करने लगे तो दूसरे सामुदाय के हजारों लोगों की भीड़ मौके पर पहुंची और उपद्रव शुरू कर दिया। सूचना पर भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
 

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Bahraich violence - फोटो : अमर उजाला
पूजा समिति सदस्यों का आरोप है कि एसओ मौके पर मौजूद नहीं थे। प्रदर्शन शुरू हुआ तो पुलिस ने विसर्जन में शामिल लोगों पर ही लाठीचार्ज कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई और दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल को उठा ले गए। बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला समेत अन्य आला अधिकारी महराजगंज में कैंप कर रहे हैं। पूरे कस्बे को सील कर दिया गया है।
 
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Bahraich Violence - फोटो : अमर उजाला
पहले गाली गलौज और फिर पथराव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महसी तहसील की प्रतिमा शांति पूर्वक विसर्जन के लिए जा रही थी। महराजगंज कस्बे में पहुंचने पर कस्बा निवासी दूसरे समुदाय के लोग मौके पर पहुंचे और गाली गलौज शुरू कर दी। प्रतिमा के साथ चल रहे लोगों ने जब इसका विरोध किया तो छतों से पथराव शुरू कर दिया गया। इसके बाद विसर्जन रोक समिति सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान दूसरे समुदायक के लोगों की भीड़ मौके पर पहुंची और उपद्रव शुरू कर दिया।

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