बागपत हादसा
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दुनिया में आने से पहले ही चला गया बेटा
डौला गांव का फतेह मोहम्मद ठेके पर जमीन लेकर खेती करता था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा चार बेटियां थी। उसको एक बेटे की चाहत थी। उसकी पत्नी तबस्सुम आठ माह की गर्भवती भी थी और उसके परिवार को उम्मीद थी कि इस बार बेटे की चाहत पूरी हो जाएगी, लेकिन हादसे में उसके साथ ही पत्नी व तीन बेटियों की मौत हो गई तो पत्नी के गर्भ में पल रहा बच्चा भी मर गया। पोस्टमार्टम के दौरान डाक्टरों ने देखा कि तबस्सुम के गर्भ में बेटा था और वह दुनिया में आने से पहले ही चला गया। डाक्टरों ने पोस्टमार्टम के लिए उसे गर्भ से निकाला, लेकिन उसे वापस तबस्सुम के पेट में रख दिया।