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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : मानदेय रुका तो यूपी के इस जिले में ऑपरेटर ने रोक दिया पूरे गांव का पानी, 15 दिन से बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

Tue, 08 Feb 2022 04:30 PM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

गांव की आबादी करीब 2400 है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल टंकी पर तैनात आपरेटर ब्रह्मपाल ने 15 दिन से पेयजल आपूर्ति रोक रखी है। इससे समस्या गंभीर बन गई है।
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पानी के लिए परेशान महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बड़ौत विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रहतना के ग्रामीण करीब 15 दिन से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गांव स्थित पेयजल टंकी पर तैनात आपरेटर ने मानदेय न मिलने पर टंकी से पेयजल आपूर्ति रोक दी है। इसके चलते बहू-बेटियों को जंगल स्थित ट्यूबवेलों से पानी लाना पड़ रहा है। गांव में पर्याप्त संख्या में हैंडपंप न होने से समस्या विकट बन गई है। इस ओर विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है। उन्होंने समस्या का जल्द समाधान न होने पर जिला मुख्यालय पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी।

 तहसील मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर स्थित रहतना के ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट है। यह गांव बिनौली ब्लॉक अंतर्गत आता है। गांव की आबादी करीब 2400 है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल टंकी पर तैनात आपरेटर ब्रह्मपाल ने 15 दिन से पेयजल आपूर्ति रोक रखी है। इससे समस्या गंभीर बन गई है।
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water problem - फोटो : अमर उजाला
दूषित पानी के कारण उखाड़े थे हैंडपंप
रहतना गांव कृष्णा नदी किनारे बसा है। नदी के दूषित पानी के कारण एनजीटी के आदेश पर वर्ष 2017-2018 में लगभग गांव से 10 से 12 हैंडपंप को चिह्नित कर उखाड़ा गया था। इसके बाद वर्ष 2019-2020 में तकरीबन 70-80 लाख रुपये में पेयजल टंकी लगाई गई थी। घर-घर टंकी के पानी की सप्लाई सूचारु करा दी गई थी।
 
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water problem - फोटो : अमर उजाला
समूह बनाकर लेने जाती हैं पानी 
टंकी से पेयजल आपूर्ति बंद होने से बहू-बेटियां परेशान हैं। सुमन, राजवीरी, संतोष, प्रमिला, मंजू, माया, मन्नो आदि का कहना है कि उनकी जिंदगी नरक बन गई है। पूरे दिन घर का कामकाज, ऊपर से पेयजल की व्यवस्था की चिंता सताती रहती है। समस्या का ध्यान नहीं दे रहा है।
 

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water problem - फोटो : अमर उजाला
समस्या के लिए ग्राम प्रधान जिम्मेदार
ग्रामीण प्रदीप तोमर का कहना है कि इसके लिए पंचायत विभाग व ग्राम प्रधान जिम्मेदार हैं। लाखों की लागत से टंकी बनाकर ग्राम पंचायत को हैंडओवर की थी। आपरेटर का मानदेय देने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। 15 दिन से समस्या बनी हुई है। ग्राम प्रधान व अधिकारियों के कानों तक जूं तक नहीं रेंग रही है।
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water problem - फोटो : अमर उजाला
सीएम पोर्टल पर भी शिकायत
जोशी तोमर का कहना है कि इस संबंध में ग्राम प्रधान, एसडीएम, डीएम तथा सीएम पोर्टल पर शिकायत की जा चुकी हैै, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।

ग्राम पंचायत में प्रावधान नहीं
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कंवरवीर का कहना है कि एक साल से आपरेटर का मानदेय रुका हुआ है। जिस कारण उसने पानी रोक दिया है। उससे अनुरोध किया परंतु वह तैयार नहीं है। ग्राम पंचायत द्वारा आपरेटर का मानदेय देने का प्रावधान नहीं है।
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बीडीओ, सेक्रेटरी अनजान
बीडीओ राजीव शर्मा व ग्राम सचिव राकेश का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि वे समस्या को लेकर कई बार ब्लॉक में शिकायत कर चुके हैं।
 
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water problem - फोटो : अमर उजाला
जल्द समाधान कराएंगे
वहीं, एसडीएम सुभाष सिंह का कहना है कि यदि ऐसा है तो सचमुच समस्या गंभीर है। इस संबंध में बीडीओ व ग्राम प्रधान से बातचीत कर समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।
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