बागपत में पुलिस की जिप्सी से टकराकर भाजपा नेता की मौत हो गई, इससे परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों व ग्रामीणों ने डीएम आवास पर शव रखकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान दो घंटे तक खूब हंगामा हुआ।
बता दें कि रामनिवास का शव लेकर डीएम आवास पर पहुंचे ग्रामीणों ने दो घंटे तक हंगामा किया। उन्होंने मांग की, कि डीएम खुद बाहर आकर कार्रवाई का आश्वासन दें लेकिन डीएम नहीं आए। हंगामा करते ग्रामीणों को समझाने के लिए सीओ अनुज मिश्रा और तहसीलदार प्रसून कश्यप आए, लेकिन वे नहीं माने। अधिकारियों की ग्रामीणों से खूब नोकझोंक हुई। ग्रामीण डीएम को बाहर बुलाने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद एडीएम अमित कुमार और एएसपी मनीष मिश्र ग्रामीणों के बीच पहुंचे। एडीएम ने मुआवजे और कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर ग्रामीण माने। एडीएम ने किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये व मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने की बात कही। इस दौरान बागपत कोतवाली के अलावा खेकड़ा, बड़ौत, सिंघावली अहीर थाने की पुलिस व पीएसी मौके पर मौजूद रही।