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Baghpat Accident: तीन दोस्तों समेत चार की मौत, गांव में पसरा मातम और घरों में नहीं जले चूल्हे, देखें तस्वीरें

Tue, 31 May 2022 07:00 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
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बागपत में बड़ा हादसा। - फोटो : amar ujala
करीब 29 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी के साथ बारिश ने खूब तबाही मचाई। बागपत जिले से लेकर देहात तक भारी नुकसान हुआ है। टीन, छप्पर, होर्डिंग आदि उड़ गए। वहीं पेड़ उखड़कर तारों पर गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। आंधी में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर कार पेड़ से टकरा गई, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई। उधर, गांव सुन्हैड़ा में नलकूप के कमरे की छत गिर गई। कमरे में सो रहे सेवानिवृत्त सैनिक की मौत हो गई। 

रविवार शाम को आंधी व बारिश हुई थी, जिससे पेड़ टूटकर बिजली की लाइनों व सड़कों पर गिर गए थे। इसके अलावा काफी जगह होर्डिंग टूटकर सड़कों पर गिरे तो दीवार व कमरे भी ढह गए थे। इस कारण बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, चांदीनगर, अमीनगर सराय, बिनौली, बालैनी समेत सभी क्षेत्रों में बत्ती गुल हो गई थी। विद्युत लाइनों को ठीक करने के लिए शहरों में कर्मी रातभर लगे रहे। वहीं सोमवार शाम को दोबारा से आंधी व बारिश शुरू हो गई। इसने दोबारा से कहर मचाया और जिलेभर में जगह-जगह पेड़ व खंभे टूट गए। इसके अलावा कई जगह मकानों की दीवारें भी गिर गईं।
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तेज आंधी में गिरे पेड़। - फोटो : amar ujala
नेशनल हाईवे पर सिसाना में फिर जलभराव 
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सिसाना गांव में सोमवार को दूसरे दिन भी बारिश होते ही जलभराव हो गया। प्रशासन वहां निकासी के लिए पाइप लाइन बिछवाने के कारण जलभराव नहीं होने का दावा कर रहा था, लेकिन पहली ही बारिश में हालत खराब हो गई। वहां काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही।
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तेज आंधी में गिरे पेड़। - फोटो : amar ujala
विद्युत पोल टूटने से दो घायल 
रठौड़ा गांव में सड़क के समीप स्थित फिरोजुद्दीन के मकान पर लगी टिन शेड आंधी में करीब 50 मीटर दूर सड़क पर जा गिरी। इसके साथ ही विद्युत पोल भी टूट गया। आस मोहम्मद व एक अन्य युवक सोलर प्लेट लगाते समय घायल हो गए। उन्हें बड़ौत के अस्पताल में भर्ती कराया है।

नीम का पेड़ टूटकर तारों पर गिया, आपूर्ति ठप
सोमवार शाम आंधी के साथ हुई बारिश में ग्राम डूडाहैड़ा में एक नीम का पेड़ टूटकर विद्युत तारों पर गिए गया। इससे दो बिजली के खंभे टूट गए। क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पेड़ के नीचे खड़ी नानक की ई-रिक्शा और विजय की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। 

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बागपत में आंधी का कहर। - फोटो : amar ujala
बारिश से बचने के लिए ही नलकूप के कमरे में सोए थे सेवानिवृत्त सैनिक हरपाल सिंह
रविवार की शाम आंधी के साथ आई बारिश में ग्राम सुन्हैड़ा में नलकूप के कमरे की छत गिर गई। कमरे में सो रहे सेवानिवृत्त सैनिक हरपाल सिंह (85) की मलबे में दबने से मौत हो गई। रविवार की शाम आई आंधी और बारिश के कारण ग्राम सुन्हैड़ा निवासी हरपाल सिंह नलकूप के कमरे में जाकर सो गए। रात में नलकूप की छत भर-भराकर गिर गई। इसके मलबे में उनकी दबकर मौत हो गई। सोमवार को पुत्र अमरपाल खेत में पहुंचा तो घटना का पता चला। इससे परिजनों मे कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बागपत भिजवा दिया। 
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पेड़ से टकराई कार। - फोटो : amar ujala
पेड़ से टकराकर करीब दस फुट उछली कार
सरूरपुर गांव से देहरादून घूमने के लिए पांच युवकों की कार सोमवार की शाम आई आंधी में अनियंत्रित होकर देहरादून दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार की खिड़कियों को तोड़कर शवों को निकाला। हादसा इतना भयंकर था कि कार पेड़ से टकरा कर करीब दस फीट तक उछल गई। 
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हाईवे पर कार एक्सीडेंट। - फोटो : amar ujala
कोतवाली पुलिस के मुताबिक मृतकों में मोनू (32) पुत्र जसवीर, अनिल (38) पुत्र राजपाल और मिंटू (33) पुत्र ओमवीर सरूरपुर गांव के रहने वाले थे। घायल छोटू उर्फ अश्वनी पुत्र धीर और सोनू पुत्र ओम सिंह भी इसी गांव के रहने वाले हैं। ये सभी दोस्त थे। सोमवार की सुबह सभी ने एक साथ देहरादून जाने का कार्यक्रम बनाया था। शाम तकरीबन पांच बजे कार से देहरादून के लिए चल पड़े। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर ट्यौढी-बड़ौली गांव के पास पहुंचे ही थे कि आंधी और बारिश शुरू हो गई।
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पेड़ पर गिरे तार। - फोटो : amar ujala
आंधी की वजह से कार का संतुलन बिगड़ गया और वह हाईवे किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मोनू, अनिल, मिंटू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छोटू और सोनू गंभीर घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह कार की खिड़कियों को तोड़कर तीनों के शवों और दोनों घायलों को बाहर निकाला। दोनों घायलों को बड़ौत नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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आंधी का कहर। - फोटो : amar ujala
हादसे ने छीन ली तीन परिवारों की खुशियां 
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर हुए सड़क हादसे ने तीन युवकों मोनू, अनिल, मिंटू की मौत ने उनके परिवारों की खुशियों को छीन लिया। मृतक मोनू खेती करता था। कुछ साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। उसकी मौत से उसके माता-पिता और उसकी पत्नी व तीन बच्चों का रो-रोक बुरा हाल हो रहा था। अनिल अपने घर का इकलौता चिराग था। उसके पिता भूतपूर्व सैनिक है। मिंटू की मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। वह अविवाहित था। उसकी मौत से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। तीनों गांव के मोहल्ला पट्टी धीरान के रहने वाले थे। मोहल्ले में एक साथ तीन मौत से शोक की लहर दौड़ गई। वहीं घरों में चूल्हे नहीं जले।
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जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
कैसे हुआ हादसा, घायलों से पूछ रहे ग्रामीण
हादसे के बाद जिला अस्पताल में भर्ती घायलों छोटू उर्फ अश्वनी और सोनू का भी पता लेने ग्रामीण पहुंचे। उनके होश आते ही लोग हादसे के बारे में पूछने की कोशिश करने लगे। बताया जा रहा है कि कार सोनू की थी और मोन चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार आंधी के कारण अनियंत्रित हो गई थी।
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