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UP: मौलाना उस्मान से संपर्क... ई-रिक्शा छोड़ पहुंचा टेरर के आंगन, आतंकी अब्दुल की कहानी; जिसे एसटीएफ ने दबोचा

Tue, 04 Mar 2025 07:18 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

राम राज्य यानी शांति और सुखद वातावरण की कल्पना जहां से शुरू हुई उस उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी में जन्मे अब्दुल रहमान को शांति रास नहीं आई। शायद इसीलिए उसने महज 19 वर्ष की उम्र में दहशतगर्दी का रास्ता चुनने का फैसला किया। इसके बाद वह आंतकी संगठनों के संपर्क में आ गया। अब जब गुजरात और हरियाणा की एसटीएफ ने मिलकर उसे दबोच लिया है तो एक-एक करके उसके खौफनाक इरादे सामने आ रहे हैं। 
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आतंकी अब्दुल रहमान की कहानी - फोटो : अमर उजाला
आतंकी अब्दुल रहमान मूल रूप से अयोध्या के इनायत नगर कोतवाली क्षेत्र के मंजनाई गांव का रहने वाला है। उसकी मां यास्मीन ने बताया कि अब्दुल का जन्म 28 अगस्त 2005 को हुआ था। उसने मनीराम यादव इंटर कॉलेज, मंजनाई में ही 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की। वह पांचों वक्त नमाज पढ़ता था। बचपन में उसके दिल में छेद हो गया था। अहमदाबाद में उसका ऑपरेशन कराया गया था। अब्दुल अपनी तीन बहनों आसमा (15), अल्फिया (12) और अल्फिसा (6) में अकेला भाई है और सबसे बड़ा है। 

मां ने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाता था। इस बीच घर पर रहकर कुछ न कुछ बनाता रहता था। लेकिन, घरवालों को कुछ नहीं बताता था। बताया गया कि करीब छह महीने पहले वह गांव से अयोध्या शहर पहुंचा। वहां अयोध्या कैंट के पुरानी सब्जी मंडी निवासी मौलाना उस्मान हजरत के संपर्क में आया।

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अब्दुल रहमान की मां और घर के लोग - फोटो : संवाद
बताया गया कि इसी बीच वह दिल्ली के रास्ते विशाखापट्टनम पहुंचा। वहां उसने जमात का दामन थामा। फिर करीब चार महीने बाद लौटा। इसी बीच वह आतंकी संगठनों के संपर्क में आ गया। मां ने बताया कि उसने एक मार्च को घर पर कहा कि वह दिल्ली में रहने वाले किसी दोस्त से मिलने जा रहा है। अब उसकी गिरफ्तारी की खबर आई है। 
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अब्दुल रहमान की मां यास्मीन और पिता अबु बकर - फोटो : संवाद
मां यास्मीन ने बताया कि अब्दुल के पिता अबु बकर पहले सूरत में रहते थे। अब वह गांव में ही रहकर चिकन शॉप चलाते हैं। अबु बकर के भाई जावेद, उम्मर, उस्मान और साद अभी भी सूरत में रहते हैं। बताया कि पुलिस अब्दुल के पिता अबु बकर को अपने साथ ले गई है। बैंक पासबुक सहित अन्य कुछ कागजात भी ले गई है। उन्होंने बेटे को झूठे केस में फंसाए जाने की भी बात कही।
 

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अब्दुल रहमान के घर के बाहर जमा लोगों की भीड़ - फोटो : संवाद
फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि गुजरात एसटीएफ की टीम को एक कथित आतंकी की सूचना मिली थी। टीम उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करके गुरुग्राम स्थित एसटीएफ मुख्यालय में संपर्क किया। 
 
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अब्दुल रहमान का घर - फोटो : संवाद
इसके बाद एसटीएफ गुजरात और पलवल की संयुक्त टीम फरीदाबाद के पाली क्षेत्र पहुंची। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पैदल जा रहे एक संदिग्ध युवक को रोका। उसे पास के खाली प्लॉट में बैठाया और पूछताछ की गई। तलाशी ली तो उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड मिले।
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अब्दुल रहमान - फोटो : संवाद
हैंड ग्रेनेड देखकर एसटीएफ टीम के होश उड़ गए। तत्काल बम निरोधक दस्ता बुलाया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम अब्दुल रहमान निवासी अयोध्या बताया। सूत्रों की मानें तो आरोपी 02 मार्च यानी रविवार को फरीदाबाद पहुंचा था। लेकिन, हैंड ग्रेनेड लेकर यहां क्यों आया? इसके पीछे क्या उद्देश्य था? राम मंदिर में हमले की साजिश थी? या फिर कुछ और... इसका पता तो पूछताछ के बाद ही चल सकेगा।
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एसटीएफ टीम ने परिजनों से पूछताछ की

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अब्दुल रहमान के घर के बाहर लोगों की भीड़। - फोटो : संवाद
बताया गया कि आतंकी अब्दुल रहमान छह माह पहले दिल्ली होते हुए विशाखापत्तनम गया था। वहां लगभग चार माह तक वह धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुआ था। गिरफ्तारी की सूचना के बाद उसके गांव थाना इनायतनगर के मंजनाई के ग्रामीण भी हतप्रभ हैं।

सोमवार को गुजरात एसटीएफ ने आरोपी के परिजनों से भी पूछताछ की है। क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि गुजरात व हरियाणा एसटीएफ की टीम ने परिजनों से पूछताछ की। घर की तलाशी ली। लेकिन, कुछ संदिग्ध नही मिला है।
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