राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। चढ़ावा चोरी का मामला 27 मई को ही ट्रस्ट और पुलिस के संज्ञान में आ गया था। इसके बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एफआईआर कराने पहुंचे थे। लेकिन फोन आते ही थाने से लौट आए थे। अब कई बड़े सवाल उठ रहे हैं।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब एक नया दावा सामने आया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक रिपोर्ट के अनुसार, चोरी का मामला 27 मई को ही ट्रस्ट और पुलिस के संज्ञान में आ गया था। पुलिस ने तत्काल लवकुश, मनीष यादव, करुणेश, रामशंकर समेत छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी थी और उन्हें हिरासत में भी लिया गया था।
दावा यह भी है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचे थे, लेकिन ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने फोन पर उनकी किसी से बातचीत कराई। जिसके बाद वह बिना तहरीर दिए वापस लौट गए।
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अयोध्या का राम मंदिर।
- फोटो : amar ujala
इसके बाद करीब 10 दिनों तक यह मामला सार्वजनिक नहीं हुआ। सात जून को समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने इस मुद्दे को उठाया। अगले दिन आठ जून को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मामला उठाया।
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अयोध्या का राम मंदिर।
- फोटो : amar ujala
इसके बाद यह प्रकरण राजनीतिक और सार्वजनिक बहस का विषय बन गया तथा राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे। हालांकि अब इस मामले में प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी की टीम जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में दोषी पाए गए आठ लोगों को जेल भी भेज दिया गया है।
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चंपत राय और अनिल मिश्रा
- फोटो : PTI
अब यह सवाल उठा रहा है कि जब मामला 27 मई को ही सामने आ गया था तो इस मामले को दबाने का प्रयास क्यों किया गया और वह फोन किसका था जिसके दबाव में आकर चंपत राय ने एफआईआर नहीं कराई थी।
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रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
आरोपियों ने करोड़ों की चोरी कबूली अनिल मिश्रा, टिन्नू के नाम लिए
पुलिस ने कोर्ट की अनुमति के बाद मंगलवार को जेल में बंद राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों से करीब दो घंटे पूछताछ की। सबसे लंबी पूछताछ आरोपी अवनीश शुक्ला से की गई। आरोपियों ने करोड़ों की चोरी स्वीकारते हुए पूरे घटनाक्रम के बारे में भी बताया। इस दौरान ट्रस्टी अनिल मिश्रा का नाम फिर सामने आया।
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चंपत राय और अनिल मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि दान राशि की गणना प्रक्रिया में अनिल मिश्रा की प्रमुख भूमिका रहती थी। इसके अलावा मंगलवार को भी चंपत राय से पुलिस ने पूछताछ की। प्रकरण में पुलिस ने बीते बृहस्पतिवार को केस दर्ज किया था।
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अनुकल्प मिश्रा के घर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
शुक्रवार को चंपत राय के करीबी टिन्नू यादव, गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव व गणनाकर्मी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश व अवनीश शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कोर्ट से अनुमति लेने के बाद पुलिस ने मंगलवार को जेल जाकर आरोपियों से पूछताछ की।
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राम मंदिर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक चूंकि सबसे अधिक बरामदगी अवनीश से हुई थी, इसलिए उससे लंबी पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि टिन्नू के पास गणना कक्ष की चाबी रहती थी। दूसरी चाबी बैंक कर्मियों के पास होती थी। इन सभी की मिलीभगत से रकम पार की जाती थी। टिन्नू व बैंककर्मी चोरी की रकम में हिस्सा लेते थे।
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राम मंदिर
ट्रस्ट की 6 जुलाई को बैठक
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की बैठक 6 जुलाई को होने की उम्मीद है। विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख आलोक कुमार ने पहले बताया था कि बैठक 7 जुलाई को होगी, लेकिन ट्रस्ट के सूत्रों ने बताया कि अब इसे एक दिन पहले ही निर्धारित कर दिया गया है। बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर विचार के अलावा पूरे मुद्दे पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है।
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राम मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैमरे की नजर से बचने के लिए एक आदमी करता था चोरी, बाकी उसे घेरकर खड़े होते थे
आरोपियों ने बताया कि टिन्नू की मिलीभगत होने से चोरी आसानी से होती थी। कोई भी सवाल करने वाला नहीं रहता था। उनको पता था कि कैमरे कहां-कहां लगे हैं। इसलिए कैमरे से बचकर चोरी को अंजाम देते थे।
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राम मंदिर
कैमरे की नजर से बचने के लिए एक आदमी रकम पार करता था और बाकी लोग उसे घेर लेते थे। फिर रकम बाथरूम में छिपाते थे और मौका पाकर बाहर ले जाते थे। ट्रस्ट के पदाधिकारियों के करीबी होने की वजह से उनकी कहीं कोई चेकिंग नहीं होती थी।
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राम मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बैंक खातों में मिला हैसियत से अधिक रकम का लेनदेन
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले की जांच में हैसियत से कई गुना ट्रांजेक्शन आरोपियों के बैंक खातों में मिला है। साल भर में सभी आरोपियों के खातों की डिटेल में करोड़ों के लेनदेन के सुबूत मिले हैं। एसआईटी और पुलिस ने इसको सुबूत के तौर पर जांच में शामिल किया है।
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राम मंदिर
- फोटो : सांकेतिक
बैंकों से आरोपियों के बैंक खातों का विवरण मांगा
सभी के मकान, प्लॉट और हॉस्टल समेत कई संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर उसकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। वहीं पुलिस अनिल और गोपाल को भी नोटिस जारी कर चुकी है। लेकिन दोनों से अभी तक पूछताछ नहीं की गई है। प्रकरण में एसआईटी और पुलिस दोनों की जांच चल रही है। पुलिस ने भी बैंकों से आरोपियों के बैंक खातों का विवरण मांगा था।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसमें आरोपियों के कई परिवार वालों के खाते भी शामिल हैं। एक-एक आरोपी व उनके परिजनों के खातों में जितनी रकम का ट्रांजेक्शन हुआ है, उसका उनकी सैलरी से मिलान नहीं हो सका। क्योंकि कमाई न के बराबर है और रकम इधर-उधर लाखों करोड़ों की हुई।
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- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
टिन्नू के हॉस्टल के दस्तावेज भी जुटाए
ये सुबूत यह साबित करने के लिए काफी हैं कि आरोपियों ने चढ़ावे की पार की रकम इधर-उधर खपाई। टिन्नू के हॉस्टल के दस्तावेज भी जुटाए गए हैं। अब उसकी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी रकम उसके पास कहां से आई।
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- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
राम मंदिर प्रकरण में आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट व रासुका लगाने की मांग
धर्म सेना भारत ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चोरी और गबन प्रकरण के आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट व राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग उठाई है।
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राम मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संगठन के प्रमुख संतोष दुबे ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि मामले में शामिल सभी आरोपितों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मंदिर से जुड़े कथित आर्थिक अपराधों से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हुई है। संगठन ने दोषियों की कथित अवैध संपत्ति जब्त कर मंदिर को वापस दिलाने, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों को सख्त से सख्त दंड देने की मांग की। साथ ही मंदिर ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट गठित करने की भी मांग ज्ञापन में की गई।